Sai Ias Academy

Enquiry Form





दिल्‍ली में बैले फॉर्म की संपूर्ण रामलीला, देश-विदेश से देखने आते हैं लोग

 रामचरित मानस की चौपाइयों का भावपूर्ण गायन, पृष्ठभूमि में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन, अंग्रेजी में चल रहे उपशीर्षक, अद्भुत लाइटिंग, बैकग्राउंड म्यूजिक, रामकथा के घटनाक्रमों को साक्षात करते परिधान और आभूषण। डांस-ड्रामा के साथ होने वाली दिल्ली के श्रीराम भारतीय कला केंद्र की संपूर्ण रामलीला में शास्त्रीय व लोकनृत्यों की भाव- भंगिमाओं से श्रीराम की यात्रा परवान चढ़ती है। बता दें कि देश-विदेश से लोग बैले फॉर्म की इस संपूर्ण रामलीला को देखने आते हैं। यूं लगता है जैसे कुछ ही घंटों में देख लिया हो इस महाकाव्य के किरदारों का विराट स्वरूप...


अहिल्या की पत्थर बन गई भावनाओं को जिंदा करते हैं श्रीराम। सीता की अग्निपरीक्षा बताती है कि किसी भी स्त्री को अपने जीवन में अग्निपरीक्षा देनी ही होती है चाहे वह सीता ही क्यों न हो। हनुमान का उड़कर सागर पार करना द्योतक है इस बात का कि जिस काम की मन में ठान लें, वह काम होकर रहेगा। आज के संदर्भ में पाठ पढ़ाती रामलीला का क्रेज दशहरा आते ही बढ़ जाता है। श्रीराम भारतीय कला केंद्र की संपूर्ण रामलीला ‘राम’ कई मामलों में अनूठी है और सालों से दर्शकों पर अपना प्रभाव भी छोड़ रही है। विदेश में भी इसकी लोकप्रियता कम नहीं। करीब 30 दिन 45 नर्तक स्टेज पर श्रीराम की लीला को प्रस्तुत करते हैं। मंचन के करीब 4 माह पहले रिहर्सल शुरू हो जाती हैं। इस साल की रामलीला पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित है।

34 साल से सर्वत्र, सर्वोत्तम सुरक्षा में तैनात NSG कमांडो, देश को है नाज

 देश की नौ स्पेशल फोर्सेज में से एक नेशनल सिक्योरिटी गार्डस का आज स्थापना दिवस है। एनएसजी आज अपना 34वां स्थापना दिवस मना रहा है। एनएसजी भारत की स्पेशल फोर्स में से एक है, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है, जिसका मुख्य कार्य आतंकी गतिविधियों से देश के आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखना होता है। विश्व की टॉप पांच स्पेशल फोर्स में एनएसजी का नाम आता है।


क्यों और कब बनाने की ज़रूरत पड़ी
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड यानि एनएसजी, की स्थापना वर्ष 1984 में हुयी थी।यह वो वक्त था जब भारत के पंजाब राज्य में अलग खालिस्तान राज्य की मांग को लेकर एक आंदोलन चलाया जा रहा था। जिसकी वजह से समूचे पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो गया था। पंजाब में कानून व्यवस्था और आतंकी वारदातों को रोकने के लिए स्पेशल फोर्स की जरुरत महसूस हुई, जिसके बाद एनएसजी की स्थापना की गयी।

एनएसजी कमांडो की ट्रेनिंग
एनएसजी कमांडो काले रंग की ड्रेस पहनते हैं, जिसकी वजह से इन्हें ब्लैक कैट कमांडो भी कहा जाता है। एनएसजी कमांडो की शुरुआती 90 दिनों की ट्रेनिंग हरियाणा के मानेसर में होती है। इस ट्रेनिंग को पूरी करने वाले सैनिकों को नौ महीने की और ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके तहत उन्हे 26 पैमानों पर खरा उतरना होता है। इस ट्रेनिंग के दौरान उन्हें ऊंचाई से छलांग लगाने के साथ तनाव के दौरान कार्य करने, निशाना लगाना की ट्रेनिंग दी जाती है। एनएसजी कमांडो को पार्कर और पेक्की-तिरसिया काली की तर्ज पर प्रशिक्षित किया हैं, जो कि फिलीपींस के मार्शल आर्ट का एक रूप है। नौ माह की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन्हें अगले दौर की ट्रेनिंग दी जाती है। यह ट्रेनिंग इनती कठिन होती है कि इसमें करीब 50 से 70 फीसद सैनिक बाहर निकल जाते हैं। एनएजी कमांडो को सीधे सिर पर गोली मारने की ट्रेनिंग दी जाती है।

देश की क्यूएस रैंकिंग से बाहर हुई अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

 पहली बार देश के उच्च शिक्षा संस्थानों की जारी की गई क्यूएस रैंकिंग में एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) अपना स्थान बनाने में नाकाम रही। इस रैंकिंग में देश के 15 शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है। एएमयू के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। क्योंकि इससे पहले विभिन्न एजेंसियों की रैंकिंग में एएमयू देश की टॉप-5 से टॉप-10 में शामिल रही है।


नाकामयाब रहे इंतजामिया के प्रयास
इंतजामिया का पूरा जोर यूनिवर्सिटी को देश की नंबर एक यूनिवर्सिटी बनाने पर है। पूर्व कुलपति जमीरउद्दीन शाह 2017 तक एएमयू को देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी बनाना चाहते थे लेकिन वह भी नाकाम रहे।

आईआईटी का रहा दबदबा
इस रैकिंग से पता चलता है कि कहां रिसर्च की बेहतर सुविधा और माहौल है? योग्यता वाले शिक्षक कहां हैं? रैंकिंग में आइआइटीज का दबदबा दिख रहा है। लिस्ट में आइआइटी मुंबई लिस्ट में टॉप पर है, तो दूसरे नंबर पर आइआइएस बेंगलुरु है। यूनिवर्सिटी में हैदराबाद यूनिवर्सिटी सातवें पर, दिल्ली यूनिवर्सिटी आठवें नंबर पर, कोलकाता यूनिवर्सिटी 12 वें, जादवपुर यूनिवर्सिटी में 13 वें, मुंबई यूनिवर्सिटी 14वें और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी 15वें नंबर पर है।

30 की उम्र में हिमालय पर रचा इतिहास, 65 की आयु में लहरों पर रच रहीं दूसरा कीर्तिमान

 22 मई 1984 को एवरेस्ट फतह करने वाली भारत की पहली महिला पर्वतारोही बछेंद्री पाल इन दिनों ‘मिशन गंगे’ पर हैं। 40 सदस्यीय नाविक दल के साथ गंगा यात्रा पर निकलीं 65 वर्षीय बछेंद्री गंगा किनारे बसे गांवों-शहरों के लोगों से गंगा को निर्मल बनाने की अपील कर रही हैं। पांच अक्टूबर को उत्तराखंड के हरिद्वार से शुरू हुआ उनका अभियान कई शहरों व राज्यों से होते हुए 31 अक्टूबर को पटना में खत्म होगा।


यह पहली बार नहीं है कि टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) की प्रमुख बछेंद्री पाल पर्यावरण बचाने के लिए किसी अभियान का नेतृत्व कर रही हैं। बछेंद्री ने 1994 में भी गंगा यात्रा अभियान चलाकर गंगा की स्वच्छता का संदेश दिया था। तब उन्होंने हरिद्वार से कोलकाता तक 2100 किलोमीटर की दूरी तय की थी। इस दौरान नदी में कई शव तैरते मिले, जिसे अभियान दल ने जमीन में दफनाया था। इसके पूर्व वह एवरेस्ट को ‘वेस्ट फ्री जोन’ (कचरामुक्त) बनाने के लिए भी लंबा अभियान चला चुकी हैं। परिणामस्वरूप आज एवरेस्ट अभियान पर जानेवाले हर पर्वतारोही को वापसी के समय रास्ते में पड़े कचरे को इकट्ठा कर लाना अनिवार्य कर दिया गया है।

यूथ ओलिंपिक / सूरज पवार ने रजत जीता, 5000 मीटर वॉक में पहली बार भारत को दिलाया पदक

 भारत 12वें स्थान पर, अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

रूस 47 मेडल्स के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर

ब्यूनस आयर्स. एथलीट सूरज पवार ने यहां यूथ ओलिपिंक गेम्स में 5000 मीटर वॉक (पैदल चाल) में भारत को रजत पदक दिलाया। वे इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले भारत के पहले एथलीट हैं। भारत के इस टूर्नामेंट में अब 11 पदक हो गए हैं। इसमें तीन स्वर्ण, आठ रजत पदक शामिल हैं। वह पदक तालिका में 12वें स्थान पर है। यह उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। सूरज की इस जीत पर उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने ट्वीट कर

नवंबर में फिर होगी मोदी-जिनपिंग मुलाकात

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले चार वर्षों में दोनों देशों के बीच घटते-बढ़ते तनाव के बावजूद शीर्ष स्तर पर संवाद का सिलसिला थमने नहीं दिया है। असलियत में तनाव बढ़ने पर बातचीत के सिलसिले ने ज्यादा रफ्तार पकड़ी है।


इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए दोनों नेता अगले महीने अर्जेंटीना में जी-20 बैठक के इतर एक बार फिर द्विपक्षीय वार्ता के लिए आमने-सामने होंगे। अप्रैल, 2018 में वुहान (चीन) में दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक वार्ता के बाद नवंबर में होने वाली मुलाकात तीसरी मुलाकात होगी। इसमें वुहान बैठक के दौरान किए गए फैसलों की समीक्षा की जाएगी।चीन के भारत में राजदूत लुओ झावहुई ने यहां एक कार्यक्रम में मोदी और जिनपिंग की भावी मुलाकात के बारे में बताया।

झावहुई ने भारत और चीन की मदद से अफगानिस्तान के राजनयिकों को विशेष प्रशिक्षण दिए जाने के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। इस कार्यशाला के बारे में भी वुहान बैठक के दौरान ही सहमति बनी थी कि दोनों देश अफगानिस्तान में संयुक्त तौर पर विकास और शांति को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाएंगे।

माना जाता है कि भारत और चीन संयुक्त तौर पर अफगानिस्तान में शांति बहाली के लिए भविष्य में और भी बहुत कुछ करने के बारे में बातचीत कर रहे हैं। इसकी शुरुआत वहां के राजनयिकों को प्रशिक्षण देने के साथ की गई है। आगे संयुक्त तौर पर विकास परियोजनाओं को भी शामिल किया जा सकता है।

अफगानिस्तान राजनायिकों के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाएंगे भारत-चीन

 भारत और चीन सोमवार को अफगानिस्तान के राजनायिकों के लिए संयुक्त ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। चीन के राजदूत ने कहा कि अफगानिस्तान युद्ध के बाद से अशांत क्षेत्र बना हुआ है। वहां अन्य कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा सकता है।


एशिया के दो बड़े देशों भारत और चीन के बीच पहली बार इस तरह की पहल की गई है। अभी तक दोनों देश नेपाल, श्रीलंका और मालदीव में अपना प्रभाव बढ़ाने को लेकर आमने सामने आते रहे हैं।

इससे पहले भी अफगानिस्तान के मामले में भारत और चीन अलग-अलग रुख अपनाते रहे हैं। चीन अपने मित्र पाकिस्तान का साथ देता रहा है। चीन तालिबानी विद्रोह को खत्म कर अफगानिस्तान को स्थिर करना चाहता है।

वहीं, भारत की ओर से अरबों डॉलर का निवेश अफगानिस्तान में किया गया है। इसके अलावा भारत अफगान सेना को ट्रेनिंग भी देती है ताकि अफगानिस्तान सरकार, तालिबान के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ सके।

मध्‍यप्रदेश के मांडू में मिली 18वीं शताब्दी की कृष्ण की मूर्ति

 मध्य प्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक नगरी मांडू में दरिया खां महल स्मारक में खोदाई के दौरान भगवान कृृष्ण की 18वीं शताब्दी की मूर्तिं मिली है।


काले पत्थर से निर्मिंत मूर्तिं का धड़ और गर्दन खंडित हैं। हाथ भी खंडित हैं। करीब दो फीट लंबाई की इस मूर्तिं का ऐतिहासिक महत्व पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) परीक्षण कर रहा है। खंडित मूर्तिं में कृृष्ण मुरली वादन कर रहे हैं।

एएसआई के स्थानीय अधिकारी प्रशांत पाटणकर ने बताया कि विशेषज्ञ मूर्ति को लेकर अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद मूर्ति के काल का सही निर्धारण किया जा सकेगा। उधर, राज्य पुरातत्व विभाग के अधिकारी डॉ. आरसी यादव ने बताया कि कृृष्ण की मूर्तिं 18वीं शताब्दी की है।

पाषाण की मूर्तिं ग्रेनाइट या बेसाल्ट की हो सकती है। 18वीं शताब्दी में इस तरह की मूर्तिं का विशेष रूप से चलन रहा है। दरिया महल का निर्माण 15वीं शताब्दी में हुआ था। दो दिन पहले ही इसके पुनर्निर्माण को लेकर यहां खोदाई की गई थी।

सवा सौ साल पुरानी अमेरिकी रिटेल कंपनी सियर्स दिवालिया

 अमेरिका में कई पीढ़ियों को रिटेल शॉपिंग का अनुभव देने वाली प्रमुख कंपनी सियर्स ने दिवालिया प्रक्रिया में जाने का फैसला किया है।


1886 में शुरू हुई यह कंपनी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों के दौर में अस्तित्व बचाने का प्रयास कर रही है। कंपनी ने अपने करीब 150 डिपार्टमेंटल स्टोर बंद करने की घोषणा की है।

शुरुआत में मेल ऑर्डर कैटलॉग कंपनी के रूप में काम करने वाली सियर्स का साम्राज्य 20वीं सदी के मध्य में पूरे उत्तरी अमेरिका में फैल गया था।

लेकिन अमेजन और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के आने के बाद पिछले कई वर्षों से उसकी बिक्री प्रभावित हो रही है। उसने तमाम स्टोर पहले ही बंद कर दिए हैं।

सियर्स होल्डिंग्स कॉरपोरेशन ने एक बयान में कहा कि कंपनी और उसकी कुछ सब्सिडियरी कंपनियों ने बैंक्रप्सी कोड के चैप्टर 11 के तहत राहत के लिए स्वैच्छिक याचिका अमेरिकी बैंक्रप्सी कोर्ट में दायर की है। यह याचिका न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट में दायर की गई।

जानिये, क्या है रेमिटेंस? अर्थव्यवस्था के लिए इसका क्या महत्व है?

 सरकार ने चालू खाते के घाटे को नियंत्रित रखने के लिए हाल में कई क़दम उठाए हैं। ग़ैर-ज़रूरी आयात को कम करने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है। वहीं कुछ अन्य चीज़ों पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ायी गई है, लेकिन इन सब उपायों के बीच एक वर्ग ऐसा है जो देश से बाहर रह कर इस समस्या के समाधान में मदद कर रहा है। यह वर्ग है विदेशों में बसे क़रीब 2 करोड़ प्रवासी भारतीय जो हर साल अरबों डालर रेमिटेंस के रूप में स्वदेश भेज रहे हैं। रेमिटेंस क्या हैं? अर्थव्यवस्था के लिए इसका क्या महत्व है? जागरण पाठशाला के इस अंक में हम यही समझने का प्रयास करेंगे।


जब एक प्रवासी अपने मूल देश को बैंक, पोस्ट ऑफि़स या ऑनलाइन ट्रांसफर से धनराशि भेजता है तो उसे रेमिटेंस कहते हैं। उदाहरण के लिए खाड़ी के देशों में काम कर रहे भारतीय कामगार या अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों में डॉक्टर और इंजीनियर की नौकरी कर रहे प्रवासी भारतीय जब भारत में अपने माता पिता या परिवार को धनराशि भेजते हैं तो उसे रेमिटेंस कहते हैं।

जो देश रेमिटेंस प्राप्त करता है उसके लिए यह विदेशी मुद्रा अर्जित करने का ज़रिया होता है और वहाँ की अर्थव्यवस्था में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है। ख़ासकर छोटे और विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था को गति देने में रेमिटेंस ने अहम भूमिका निभाई है।

कई देश ऐसे हैं जिनके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में रेमिटेंस से प्राप्त राशि का योगदान अन्य क्षेत्रों के मुक़ाबले काफ़ी अधिक है। मसलन, नेपाल, हैती, ताजिकिस्तान और टोंगा जैसे देश अपने जीडीपी के एक चौथाई के बराबर राशि रेमिटेंस के रूप में प्राप्त करते हैं।

दुनिया में सर्वाधिक रेमिटेंस प्राप्त करता है भारत
वैसे राशि के हिसाब से देखें तो दुनिया भर में सर्वाधिक रेमिटेंस भारत प्राप्त करता है। विश्र्व बैंक के अनुसार 2017 में विदेशों में बसे प्रवासी भारतीयों ने 69 अरब डॉलर रेमिटेंस के रूप में स्वदेश भेजे। यह राशि भारत के जीडीपी की 2.7 प्रतिशत है और पिछले साल देश में आए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ़डीआई ) से काफ़ी अधिक है। रेमिटेंस प्राप्त करने के मामले में भारत ने पड़ोसी देश चीन को भी पीछे छोड़ दिया है।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! अब चलती ट्रेन में एप से दर्ज करा सकेंगे एफआइआर

 अब ट्रेन से यात्रा के दौरान आपके साथ कोई दुर्घटना होती है तो रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अगले स्टेशन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रेलवे ने यात्रियों के लिए एक मोबाइल एप योजना शुरू की है। इसके तहत यात्री ट्रेन में छेड़छाड़, चोरी और मारपीट की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत के बाद इसे 'जीरो एफआइआर' में तब्दील कर आरपीएफ तुरंत मामले की जांच शुरू कर देगी।


शिकायत को जीरो एफआइआर में तब्दील कर आरपीएफ तुरंत करेगी जांच
बता दें कि 'जीरो एफआइआर' के तहत कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत किसी भी पुलिस स्टेशन पर दर्ज करा सकता है। बाद में यह एफआइआर उस पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दी जाती है जहां पर यह दुर्घटना हुई है।

रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक अरुण कुमार ने बताया कि मोबाइल एप से शिकायत दर्ज कराने का पायलट प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में पहले से चल रहा है। जल्द ही इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सबसे खास बात यह है कि इस एप से सिर्फ आरपीएफ को ही नहीं जीआरपी, टीटीई और ट्रेन कंडक्टर को भी जोड़ा गया है।

बता दें कि फिलहाल अगर आपके साथ ट्रेन में कोई वारदात हो जाती है तो टीटीई आपको एक शिकायत फार्म देता है। इसे भरकर अगले स्टेशन पर आरपीएफ अथवा जीआरपी को देना होता है। बाद में यह शिकायत स्वत: एफआइआर में बदल जाती है। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में जहां मामले की जांच में विलंब होता है वहीं यात्री को तुरंत राहत नहीं मिलती है। इस एप के माध्यम से ऑफलाइन भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं

जयंती विशेष: तेज दिमाग लेकिन भावुक थे भारत के मिसाइल मैन कलाम

 भारत के मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज जयंती है। कलाम को जनता का राष्ट्रपति कहा जाता था, क्योंकि जनता के लिए उनके दरवाजे हर वक्त खुले रहते थे। उन्हें बच्चों से बेहद लगाव था, वो उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देते और देश के लिए सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित करते। अब्दुल कलाम कुरान और भगवद् गीता दोनों का अध्ययन करते थे। उन्हें बैलिस्टिक मिसाइल और लांच व्हीकल टेक्नोलॉजी के विकास के लिए भारत के मिसाइल मैन के रूप में जाना जाता है। उनकी सोच और संपूर्ण जीवन देश के लिए प्रेरणास्रोत है।


जानिए कौन थे अब्दुल कलाम
अब्दुल कलाम का पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम था। उनका जन्म 15 अक्टूबर, 1931, रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था। वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जानेमाने वैज्ञानिक और अभियंता के रूप में देश में जाने जाते हैं। बच्चों से बेहद प्यार करने वाले ए पी जे अब्दुल कलाम ने बहुत सारी किताबें भी लिखी थीं। भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें निर्वाचित राष्ट्रपति थे।

तेज दिमाग लेकिन भावुक थे कलाम
तेज दिमाग वाले कलाम स्वभाव से बहुत भावुक थे। इसके अलावा कलाम की लेखनी भी कमाल की थी। उन्होंने अपने शोध को चार उत्कृष्ट पुस्तकों में समाहित किया, इन पुस्तकों के नाम है 'विंग्स ऑफ़ फायर', 'इण्डिया 2020- ए विज़न फॉर द न्यू मिलेनियम', 'माई जर्नी' तथा 'इग्नाटिड माइंड्स- अनलीशिंग द पॉवर विदिन इंडिया'। इन पुस्तकों का कई भारतीय तथा विदेशी भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। कलाम भारत के ऐसे विशिष्ट वैज्ञानिक थे, जिन्हें 30 विश्वविद्यालयों और संस्थानों से डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिल चुकी थी।

1962 में इसरो के हिस्सा बने
कलाम 1962 में 'भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन' का हिस्सा बने थे। डॉक्टर अब्दुल कलाम को प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह (एसएलवी तृतीय) प्रक्षेपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल हुआ। 1980 में इन्होंने रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा के निकट स्थापित किया था, जिसके बाद ही भारत भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब का सदस्य बन गया। इसरो लॉन्च व्हीकल प्रोग्राम को परवान चढ़ाने का श्रेय भी इन्हें प्रदान किया जाता है। डॉक्टर कलाम ने स्वदेशी लक्ष्य भेदी (गाइडेड मिसाइल्स) को भी डिजाइन किया।

पेट्रालियम पदार्थों के बदलते हालात पर ग्लोबल कंपनियों संग पीएम आज करेंगे बैठक

 महंगे कच्चे तेल और पेट्रोलियम क्षेत्र के मौजूदा हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बैठक करेंगे। तेल एवं गैस क्षेत्र की वैश्विक व भारतीय कंपनियों के प्रमुखों संग बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों व कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से खुदरा कीमतों पर पड़ने वाले प्रभाव समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।


आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक तीसरी वार्षिक बैठक में तेल एवं गैस खोज व उत्पादन के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने पर भी चर्चा होगी। मोदी ने इस तरह की पहली बैठक पांच जनवरी, 2016 को की थी, जिसमें प्राकृतिक गैस कीमतों में सुधार के सुझाव दिए गए थे।

दूसरी वार्षिक बैठक अक्टूबर, 2017 में हुई, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ओएनजीसी और ऑयल इंडिया के उत्पादक तेल एवं गैस क्षेत्रों में विदेशी और निजी कंपनियों को हिस्सेदारी देने का सुझाव दिया गया था। हालांकि ओएनजीसी के तीखे विरोध के बाद इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब के पेट्रोलियम मंत्री खालिद ए अल फलीह, ब्रिटिश पेट्रोलियम फर्म बीपी के सीईओ बॉब डुडले, फ्रांसीसी फर्म टोटल के प्रमुख पैट्रिक फॉयेन, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और वेदांता के प्रमुख अनिल अग्रवाल बैठक में उपस्थित रह सकते हैं।

एशियन एससीओ बैठकः सुषमा बोलीं- आतंकवाद विश्व के लिए सबसे बड़ा खतरा

 आतंकवाद को विकास और समृद्धि की राह का सबसे बड़ा खतरा बताते हुए भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से वैश्विक समस्याओं पर एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन से निपटने के साथ ही क्षेत्रीय शांति के लिए आपसी सहयोग की अपील की।


ताजिकिस्तान की राजधानी में हो रही एससीओ की काउंसिल ऑफ हेड ऑफ गर्वनमेंट (सीएचजी) बैठक में सुषमा ने देशों को उनकी जिम्मेदारी समझने और एक-दूसरे का सहयोग करने को भी कहा। इस दो दिवसीय बैठक में ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान के साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी भाग ले रहे हैं।

बैठक में चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का मुद्दा उठाते हुए सुषमा ने कहा, 'देशों को जोड़ने का प्रयास करते हुए सभी की संप्रभुता का आदर करना जरूरी है।' यह गलियारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरना है। इस वजह से भारत चीन की इस परियोजना का विरोध कर रहा है।

अफगानिस्तान के मसले पर सुषमा ने कहा, 'भारत, अफगानिस्तान के नेतृत्व और उसके संरक्षण में होने वाले शांति प्रयासों के प्रति प्रतिबद्ध है। इससे अफगानिस्तान सुरक्षित और स्थिर देश की तरह उभरेगा।' सुषमा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए भी साथ काम करने की बात की। भारत दूसरी बार इस बैठक में हिस्सा ले रहा है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का दबदबा बढ़ा, मानव अधिकार परिषद में भारी बहुमत से सीट जीती

 भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार परिषद का चुनाव जीत लिया है। एशिया-प्रशांत श्रेणी में भारत को 188 देशों का समर्थन मिला। भारत जनवरी, 2019 से तीन साल के लिए इस परिषद का सदस्य रहेगा।193 सदस्य देशों वाली संयुक्त राष्ट्र असेंबली में मानवाधिकार परिषद के 18 नए सदस्यों के लिए मतदान हुआ।


इस 47 सदस्यीय परिषद में गुप्त मतदान के जरिये पूर्ण बहुमत से चयन होता है। परिषद का सदस्य बनने के लिए किसी देश को कम से कम 97 देशों का समर्थन हासिल करना होता है। भारत ने एशिया-प्रशांत श्रेणी से सदस्यता के लिए दावा किया था।

इस श्रेणी में भारत के साथ बहरीन, बांग्लादेश, फिजी और फिलीपींस ने भी चुनाव जीता है। इस श्रेणी से पांच देशों का चुनाव होना था और पांच देशों ने ही दावा भी किया था। इसलिए भारत का चुनाव पहले से ही तय माना जा रहा था। भारत इस परिषद का पहले भी सदस्य रह चुका है। वह साल 2011 से 2014 और फिर 2014 से 2017 तक सदस्य रहा। भारत का दूसरा कार्यकाल 31 दिसंबर, 2017 को खत्म हुआ था।

बुलेट ट्रेन से तिगुनी रफ्तार पर दौड़ेगी चीन की ये ट्रेन, ये है खासियत

 नई तकनीक और अविष्कारों से पूरी दुनिया को हैरान करने वाला चीन अब बुलेट ट्रेन से तीन गुना तेज गति से चलने वाली ट्रेन पर काम कर रहा है। नई बुलेट ट्रेन का मॉडल सिचुआन प्रांत के चेंगडू में 2018 नेशनल मास इनोवेशन एंड आंत्रप्रन्योरशिप वीक के दौरान पेश किया गया। चीन का दावा है कि अगली पीढ़ी की मैग्नेटिक लेविटेशन बुलेट ट्रेन एक हजार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज गति से चलने वाली बुलेट ट्रेन चीन के पास है जिसकी स्पीड 350 किमी प्रति घंटा है।


दौड़ में अमेरिका भी शामिल
हाईपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजीज और हाईपरलूप वन जैसी कुछ अमेरिकी कंपनियां एक घंटे में एक हजार किमी से भी अधिक दूरी तय करने वाली ट्रेनों पर काम कर रही हैं।

ट्रेन की खासियत
- एयरोस्पेस तकनीक की तरह नई बुलेट ट्रेन में भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रपल्शन का इस्तेमाल किया गया है।
- 29.2 मीटर लंबे और तीन मीटर चौड़े और हीट-लाइट प्रूफ केबिन
- क्लोज-टू-वैक्यूम रेलवे एंवायरमेंट और मैग्नेटिक लेविटेशन तकनीक के जरिए ये ट्रेन जमीन से 100 मिमी ऊपर चलेगी।
- 1000 किमी की दूरी एक घंटे में तय होगी।

पहली बार जीन एडिटिंग की मदद से पैदा हुई दो चुहिया की एक संतान

 चीन के वैज्ञानिकों ने पहली बार जीन एडिटिंग और एंब्रायोनिक स्टेम कोशिकाओं की मदद से दो चुहिया की स्वस्थ संतान पैदा करने में सफलता पाने का दावा किया है। सेल स्टेम सेल जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, इस तकनीक के जरिये 210 भ्रूण से 29 संतानों को जन्म दिया गया। यह सभी पूरी तरह स्वस्थ थे, अपनी पूरी आयु तक जीवित रहे और इनकी संतानें भी पैदा हुईं। चाइनीज अकेडमी ऑफ साइंसेज के शोधकर्ताओं ने बताया कि दो चूहों से एक संतान पैदा करने का प्रयोग भी पहले किया जा चुका है। हालांकि वह संतान कुछ दिन ही जीवित रह सकी थी।


चुनौतियों का पता लगाने के लिए किया अध्ययन
शोध में इस पर अध्ययन किया गया कि एक ही लिंग के जीवों से संतान की उत्पत्ति में क्या चुनौतियां हैं। साथ ही स्टेम कोशिकाओं और जीन एडिटिंग की मदद से इन चुनौतियों से कैसे पार पाया जा सकता है। चाइनीज अकेडमी ऑफ साइंसेज के क्वी झोऊ ने कहा, ‘हम इस सवाल पर उत्सुक थे कि स्तनपायी जीवों में यौन संबंधों से ही संतान की उत्पत्ति क्यों होती है। विभिन्न अध्ययनों के जरिये हमने यह जानने का प्रयास किया कि जीन एडिटिंग की मदद से दो नर या दो मादा चूहों के संतान की उत्पत्ति संभव है या नहीं।’

पहले थीं कुछ खामियां
जीन डिलीट करने की कुछ तकनीकों की मदद से पहले भी दो चळ्हिया की एक संतान पैदा की जा चुकी है, लेकिन उसमें भी कुछ खामियां थीं। अब वैज्ञानिकों ने हैप्लॉयड एंब्रायोनिक स्टेम कोशिकाओं की मदद से इस काम को अंजाम दिया है। हालांकि सभी जीवों की अलग-अलग खूबियों को देखते हुए अब भी वैज्ञानिक इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि यह तकनीक का चूहे के अतिरिक्त अन्य स्तनपायी जीवों पर कितनी कारगर रह सकती है।

पहले किए जा चुके हैं ये प्रयोग
कुछ सरीसृप व उभयचर जीवों और मछलियों में केवल माता या केवल पिता से संतान पैदा करने के प्रयोग किए जा चुके हैं। स्तनपायी जीवों में यह मुश्किल होता है। स्तनपायी जीवों में संतान को माता और पिता दोनों से जीन के जरिये कुछ गुण मिलते हैं। किसी एक की अनुपस्थिति से पैदा होने वाली संतान स्वस्थ नहीं होती है।

Youth Olympics: Saurabh hits the bullseye

 Saurabh Chaudhary claimed the gold medal in the 10m air pistol event here on Wednesday, to continue the Indian shooting team’s best-ever outing in the mega event.


The 16-year-old Chaudhary shot 244.2 to finish ahead of South Korea’s Sung Yunho (236.7) and Switzerland’s Solari Jason (215.6).

The Indian, who had 18 scores of 10 and above in the eight-man finals, was just short of his own World junior record score of 245.5.

Chaudhary, an Asian Games and Junior ISSF World Championship gold medallist, had topped the qualifying rounds with 580 along with Iran’s Erfan Salavati.

Despite four scores of under 10 to start with, Chaudhary managed to stay ahead and then extended his domination with scores of 10.7 10.4 10.4 and 10.0. He continued to lead the pack as the finals entered the elimination stage.

lunar meteorite up for auction

 Anyone who can’t make it to the moon to gather a few lunar rocks now has the opportunity to buy one right here on Earth.

A 12-pound (5.5 kilogram) lunar meteorite discovered in Northwest Africa last year is up for auction by Boston-based RR Auction and could sell for $500,000 or more during online bidding that runs from Thursday until Oct. 18. It is “one of the most important meteorites available for acquisition anywhere in the world today,” and one of the biggest pieces of the moon ever put up for sale, RR said.
The rock classified as NWA 11789, also known as “Buagaba,” was found last year in a remote area of Mauritania but probably plunged to Earth thousands of years ago. The meteorite is actually composed of six fragments that fit together like a puzzle. The largest of those pieces weighs about 6 pounds.

Bali IMF meeting

 International Monetary Fund Managing Director Christine Lagarde says the U.S. and China should de-escalate their trade dispute and work to fix trade rules instead of breaking them.


Ms. Lagarde said on Thursday at the annual meeting of the IMF and World Bank in Bali, Indonesia, that so far there had been no “contagion” of major damage from penalty tariffs imposed by the two countries on each other's exports, but that they do risk hurting “innocent bystanders”.

Ms. Lagarde said her advice was in three parts: “De-escalate. Fix the system. Don't break it.”

She said the rules-making World Trade Organisation had ways of addressing U.S. complaints that China's policies unfairly extract advanced technologies and put foreign companies at a disadvantage.

Nirmala Sitharaman begins France visit today

 Defence Minister Nirmala Sitharaman begins a three-day visit to France on Thursday during which both sides are expected to deliberate on further boosting their already close defence and security ties.


Ms. Sitharaman’s visit comes in the backdrop of a huge controversy over the procurement of 36 Rafale jets from French aerospace major Dassault Aviation.

Officials sources said Ms. Sitharaman will hold wide-ranging talks with her French counterpart Florence Parly on ways to deepen strategic cooperation between the two countries and also deliberate on major regional and global issues of mutual interests. MS. Sitharaman will also take stock of progress in the supply of 36 Rafale jets by Dassault to the Indian Air Force under a ₹58,000 crore deal. There was indication that she may even visit the facility where the jets are being manufactured, the sources said

नॉर्वे /समुद्र के अंदर दुनिया का सबसे बड़ा रेस्तरां बनेगा, एकसाथ 100 लोग बैठ सकेंगे

 रेस्तरां की दीवारें तूफानी लहरों का सामना करने में सक्षम होंगी

रेस्तरां बनाने वाली कंपनी ले रही लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी

ओस्लो. नॉर्वे के लिंडेसनेस इलाके में उत्तर सागर के तट पर दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवॉटर रेस्तरां बनाया जा रहा है। 110 फीट लंबा यह रेस्तरां समुद्र से निकल रहे बड़े दूरबीन की तरह दिखाई देता है। इसमें 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। रेस्तरां के 2019 तक शुरू होने की संभावना है। रेस्तरां को अंडर नाम दिया गया है। इसे नॉर्वे की कंपनी स्नोहेता ने बनाया है।

5 हजार वर्गफीट में फैला रेस्तरां
रेस्तरां 500 वर्गमीटर (5300 वर्गफीट) क्षेत्र में फैला है। इसमें तीन मंजिलें हैं। समुद्री पर्यावरण दिखाने के लिए 36 फीट लंबा शीशा लगाया गया है। रेस्तरां समुद्र के अंदर पांच मीटर गहराई में है।

स्नोहेता की सीनियर आर्किटेक्ट रून ग्रासडेल के मुताबिक- रेस्तरां को काफी सोच-समझकर तैयार किया गया है। इसका आधे से ज्यादा स्ट्रक्चर पानी में डूबा है। लोगों को अंदर जाने के लिए एक कांच के ग्लासवे (ब्रिज) से गुजरना होगा।

ग्रासडेल कहती हैं- क्लाइंट्स जब हमारे पास रेस्तरां बनाने का प्रस्ताव लेकर आए तो वे कुछ स्केच लेकर आए थे। वे इसे तट के नजदीक बनाना चाहते थे, लेकिन हमने कुछ दूर बनाने का सुझाव दिया क्योंकि वहां से असली समुद्र दिखाई देता है।

यह रेस्तरां नॉर्वे के लिंडेसनेस इलाके में बनाया जा रहा है। यहां काफी पर्यटक आते हैं। हालांकि, यहां पहुंचना आसान नहीं है। रेस्तरां आने के लिए लोगों को राजधानी ओस्लो से प्लेन से क्रिस्टियनसेंड आना होना। यहां से सड़क से एक घंटे का रास्ता है। बोट सर्विस भी शुरू की जा रही है।

वर्ल्ड बैंक / भ्रष्टाचार के आरोप में भारत की ओलिव हेल्थकेयर पर बैन, दुनियाभर की 78 कंपनियों पर कार्रवाई

 ओलिव हेल्थकेयर के जय मोदी पर 7 साल 6 महीने का प्रतिबंध

ओलिव हेल्थकेयर और जय मोदी बांग्लादेश में वर्ल्ड बैंक के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे
भारत की एंजलिक इंटरनेशनल पर 4 साल 6 महीने का बैन
वर्ल्ड बैंक ने भ्रष्टाचार के आरोप में इस साल दुनियाभर की 78 कंपनियों को बैन कर दिया। इनमें ओलिव हेल्थ केयर समेत कई भारतीय कंपनियां भी शामिल हैं। कई इंडिविजुअल पर भी प्रतिबंध लगा है। इनमें ओलिव हेल्थकेयर के जय मोदी का नाम भी है। वर्ल्ड बैंक ने दुनिया भर की अपनी परियोजनाओं से इन्हें प्रतिबंधित कर दिया है। वर्ल्ड बैंक की सालाना ग्रुप सैंक्शंस सिस्टम रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

ओलिव हेल्थकेयर पर 10 साल 6 महीने का बैन
ओलिव हेल्थकेयर और जय मोदी बांग्लादेश में वर्ल्ड बैंक के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। ओलिव हेल्थ केयर को 10 साल 6 महीने के लिए और जय मोदी को 7 साल 6 महीने के लिए प्रतिबंधित किया गया है।

भारत की एंजलिक इंटरनेशनल पर 4 साल 6 महीने का प्रतिबंध लगा है। यह कंपनी इथियोपिया और नेपाल में वर्ल्ड बैंक की परियोजना पर काम कर रही थी।

मधुकॉन प्रोजेक्ट्स पर दो साल और आरकेडी कंस्ट्रक्शंस पर डेढ़ साल का बैन लगा। दोनों कंपनियां देश में ही वर्ल्ड बैंक की परियोजना पर काम कर रही थीं।

अर्जेंटीना और बांग्लादेश में वर्ल्ड बैंक की परियोजना पर काम कर रही फैमिली केयर को चार साल के लिए प्रतिबंधित किया गया। ग्लोबल एनवायरमेंट, एसएमईसी (इंडिया) और मैकलॉड्स फार्मास्यूटिकल्स को एक साल से कम समय के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
इस तरह की अपनी पहली रिपोर्ट में वर्ल्ड बैंक ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, धोखाधड़ी रोकने और दानदाता संस्थाओं की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।

आरबीआई रेपो रेट 6.50% पर स्थिर, त्योहारी सीजन में लोन महंगा नहीं होगा

 रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) शुक्रवार को ब्याज दरों का ऐलान किया। रेपो रेट 6.50% पर स्थिर रखा। ऐसे में त्योहारी सीजन में लोन महंगा नहीं होगा। रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है। इसमें इजाफा होने पर बैंक सभी तरह के लोन पर ब्याज दरें बढ़ा देते हैं। आरबीआई ने पिछली दो समीक्षा बैठकों के दौरान जून और अगस्त में रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी की थी।


महंगाई दर फिलहाल आरबीआई के लक्ष्य से भी कम
आरबीआई ने पॉलिसी आउटलुक न्यूट्रल की बजाय कैलिब्रेटेड टाइटनिंग कर दिया है। यानी अगली बार ब्याज दरें बढ़ सकती हैं।

आरबीआई के ऐलान से पहले विश्लेषकों ने रेपो रेट में 0.25% बढ़ोतरी का अनुमान जताया था। क्रूड महंगा होने और रुपए में गिरावट को देखते हुए ब्याज दरों में इजाफे के आसार थे।

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष (2018-19) के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7.4% पर बरकरार रखा है। रिजर्व बैंक ने कहा कि 10 महीने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा मौजूद है।

ईरान से आयात जारी रखेगा भारत, नवंबर के लिए 12.5 लाख टन का कॉन्ट्रैक्ट

 अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भी भारत ईरान के साथ कारोबार जारी रखना चाहता है। पहली बार इसके स्पष्ट संकेत शुक्रवार को मिले। सरकारी रिफाइनरी कंपनियों ने ईरान से 12.5 लाख टन कच्चा तेल खरीदने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया है। इतना ही नहीं, भारत डॉलर की जगह रुपए में भुगतान करने की तैयारी कर रहा है।


भारत इस साल ईरान से 10.62% ज्यादा क्रूड खरीदेगा
भारत ने इस साल ईरान से 250 लाख टन तेल आयात करने की योजना बनाई थी। यह पिछले साल के 226 लाख टन से 10.62% ज्यादा है। आयात इससे कम भी हो सकता है क्योंकि, रिलायंस जैसी कंपनियों ने ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) ने नवंबर में ईरान से 12.5 लाख टन तेल आयात करने का कॉन्ट्रैक्ट किया है।

ईरान के तेल सेक्टर के खिलाफ 4 नवंबर से अमेरिकी प्रतिबंध लागू होंगे। ऐसे में रूस से एस-400 मिसाइल डील के बाद यह भारत द्वारा अमेरिका को दिया गया दूसरा झटका होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मई में ईरान के परमाणु समझौते से बाहर निकलने और ईरान पर फिर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। पिछले माह अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि वॉशिंगटन प्रतिबंध पर छूट को लेकर विचार करेगा।

व्यापारियों को साधने मंडी टैक्स घटाकर डेढ़ फीसदी किया जाएगा

 पुजारियों का मानदेय तीन गुना करने के बाद सरकार ने व्यापारियों काे भी साधने का प्रयास किया है। इसके तहत मंडी टैक्स 2.2 प्रतिशत से घटाकर डेढ़ प्रतिशत किया जाएगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यापारी सम्मेलन में यह घोषणा की। चौहान ने प्रदेश में व्यापार सम्मान निधि बनाने की बात भी कही।


उन्होंने कहा कि व्यापारी देशभक्त और समाजसेवी हैं। उन्होंने कहा प्रत्येक जिले में 500 युवा कर विशेषज्ञों को जीएसटी मित्र बनाया जाएगा, जो व्यापारियों को जीएसटी रिटर्न भरने में सहयोग करेंगे। चौहान ने कहा कि विश्व व्यापार में मध्यप्रदेश के व्यापारियों का हिस्सा बढ़ाने के लिए बोर्ड बनाया जाएगा।

प्रत्येक जिले में जिला व्यापार और व्यापारी कल्याण समितियां बनाई जाएंगी। ई-ट्रेडिंग के लिए पोर्टल और एप बनेगा। प्रदेश के व्यापारियों के लिए व्यापार सुरक्षा योजना भी बनाई जाएगी।

Chinese bunkers at Lhasa airport, just 1,350 km from Delhi

 China’s construction of underground bomb-proof shelters to house fighters at Lhasa’s Gonggar airport in the Tibet Autonomous Region (TAR) has New Delhi concerned, said three officials familiar with the development who asked not to be identified.


Gonggar airport is just 1,350 km away from New Delhi. The three officials, all in the security establishment, claimed the airfield earlier meant to boost “regional connectivity” is being turned into a military airbase.

One of the officials said a “taxi track” from the airstrip leads to blast- or bomb-proof hangers dug deep inside the mountains nearby. The facility, according to the three officials, can hold around three squadrons of fighters or about 36 aircraft.

Relations between India and China have warmed in recent months. PM Narendra Modi visited Wuhan for an informal summit with Chinese president Xi Jinping where the two leaders committed to bettering ties.

The rapprochement came after the Doklam crisis last year, where troops of both countries were engaged in an extended stand-off. Despite this, though, the security establishments have kept a close eye o n each other’s capabilities.

उन्‍नत भारत अभियान से जुड़े 840 नए संस्‍थान, अब छात्र करेंगे किसानों की समस्‍या का समाधान

 गांवों की समस्याओं को जानने और उन्हें सुलझाने के लिए देश भर के 840 नए विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थान आगे आए हैं। इन संस्थानों ने यह रुचि सरकार की ओर से चलाए जा रहे उन्नत भारत अभियान के दूसरे चरण से जुड़कर दिखाई है। इसके तहत प्रत्येक संस्थान को अपने आसपास के गांवों को गोद लेना है और समस्याओं से निपटने में उनकी मदद करना है।


देश भर के 688 संस्थान जुड़े
इन संस्थानों में 521 तकनीकी और 319 गैर-तकनीकी संस्थान हैं। गांवों की समस्याओं को जानने और उन्हें सुलझाने के लिए सरकार के इस उन्नत भारत अभियान से जुड़कर अभी देश के करीब 688 संस्थान काम कर रहे हैं।

इस योजना की शुरुआत सरकार ने 2014 में की थी, लेकिन इसे शुरू होते-होते काफी समय लग गया। बाद में 2016 में इसके पहले चरण को शुरू किया जा सका। इसके तहत प्रत्येक संस्थान को अपने आस-पास के कम से कम पांच गांवों को गोद लेना है। संस्थान अपनी क्षमता के मुताबिक गांवों की संख्या बढ़ा भी सकते हैं।

अब हर वैक्सीन में होगी सभी तरह के वायरस की जांच

 पोलियो वैक्सीन में पी-2 वायरस पाये जाने के बाद सरकार ने वैक्सीन जांच के नियम कड़े कर दिये हैं। पहले जिस वायरस की वैक्सीन होती थी, केवल उस वायरस की मौजूदगी की जांच की जाती थी। लेकिन अब सरकार ने वैक्सीन में संबंधित वायरस के अलावा भी सभी वायरस की जांच को अनिवार्य कर दिया है।


स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वैक्सीन में दूसरे सभी वायरस की जांच होती तो, पोलियो के वैक्सीन में पी-दो की उपस्थिति की जानकारी मिल जाती है और उसे बच्चों को देने के रोका जा सकता था।

दरअसल पोलियो वैक्सीन में पी-2 वायरस का इस्तेमाल अप्रैल 2016 में ही बंद कर दिया गया था। अब केवल उसमें पी-1 और पी-3 वायरस का ही इस्तेमाल किया जाता है। वैक्सीन बनने के बाद कड़ाई से उसके सैंपल की जांच की जाती है, तभी उसे बच्चों तक देने के लिए भेजा जाता था। अभी तक नियम के मुताबिक पोलियो वैक्सीन के सैंपल में सिर्फ पी-1 और पी-3 वायरस की उपस्थिति की जांच की जाती थी और मिलने पर उसे हरी झंडी दे जाती थी। चूंकि पी-2 वायरस की जांच की नहीं गई थी, इसीलिए वह वैक्सीन में जांच के बाद भी चला गया।

चीन ने किया तीन हाइपरसोनिक मिसाइल का एक साथ परीक्षण

 चीन ने तीन तरह की हाइपरसोनिक एयरक्राफ्ट मिसाइलों का एक साथ परीक्षण कर नई कामयाबी हासिल की है। यह परीक्षण गत 21 सितंबर को उत्तर पश्चिमी चीन के जिकुआन सेटेलाइट लांच सेंटर से किया गया था।

इन मिसाइलों में ध्वनि की गति से पांच गुना तेज चलने वाली मिसाइल भी शामिल थी। तीनों मिसाइलों के आकार और डिजाइन अलग हैं। इनके कोड नेम डी18-1एस, डी18-2एस और डी18-3एस हैं।

चीन ने पहली बार इस तरह के परीक्षण को अंजाम दिया है। चीनी वैज्ञानिकों का मकसद अब इनकी मारक क्षमता को अचूक बनाना है। इस पर उन्होंने काम भी शुरू कर दिया है। पिछले महीने चीन ने एक हाइपरसोनिक ग्लाइडर स्टारी स्काई-2 का पहली बार परीक्षण किया था।

उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति बोले, भारत दुनिया में कर रहा अपनी साख मजबूत

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। इससे पहले राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी उनके साथ मौजूद थे। राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव पत्‌नी जिरोत मिर्जियोयेव और परिवार सहित 100 सदस्यीय दल के साथ भारत की दो दिन की यात्रा पर आए हैं।


सोमवार को सुबह राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव की राष्ट्रपति भवन में रस्मी स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां उनका स्वागत किया। इस मौके पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कहा कि उज्बेकिस्तान के लोगों के दिलों में भारत की विशेष जगह है। भारत तेजी से विकास कर रहा है और आत्मविश्वास के साथ दुनिया में अपनी साख मजबूत कर रहा है

Govt. unveils centre for data analytics

 It will also enable self-service analytics

With a view to fast-tracking the adoption of data analytics in the government to improve delivery of services to citizens, Electronics and IT Minister Ravi Shankar Prasad on Friday unveiled a Centre of Excellence for Data Analytics (CEDA).

The centre would help build analytic solutions that are specific to a particular problem which may relate to a single or a combination of departments, an official statement said.

It added that the centre would also provide data profiling tools and techniques along with necessary expertise to analyse the data for quality issues.

Improve data collection
“While data cleaning shall be done for making the data ready for analytical use, recommendations shall also be given in order to help the department take necessary actions to further improve their data collection process,” it said.

Besides creating the analytics solutions for the government departments, CEDA would also focus on training and enabling the departments to do self-service analytics

Rajasthan Human Rights Commission poses questions on drug rehabilitation centres

 The Rajasthan State Human Rights Commission has posed some serious questions to the State government about the authority and permission to run drug rehabilitation centres after the death of a young man during treatment for de-addiction at a centre in Jodhpur. The Commission has specifically asked about qualifications of persons running such centres.


The Commission's enquiry came on a complaint filed at its camp hearing in Jodhpur earlier this week. Complainant Imran Khan stated that his brother Sajid had died during treatment at a rehabilitation centre in the city and the police had launched investigation after registering a case under Section 304-A (causing death by negligence) of Indian Penal Code.

Mr. Khan sought the directions for probe into his brother's death as a murder case, while alleging that the rehabilitation centres, which charged thousands of rupees for treatment, did not even have the basic facilities. No qualified persons were available there for consultation and treatment and the Centre's guidelines were being “violated with impunity”, he said.

“When a person addicted to alcohol or drugs dies at such centres, his family members often try to hide it for protecting his honour. This tendency also enables the centres to conceal the real cause of the victim's death, which is nothing short of murder,” the complaint said

खेलो इंडिया के तहत 55 हजार गांवों में बनेंगे नए खेल मैदान, सरकार ने शुरू किया काम

 केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना का लाभ गांवों तक पहुंचाने में प्रदेश सरकार ने धरातल पर काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत प्रदेश के करीब 55 हजार गांवों में ब्लाक स्तर पर खेल के मैदान तैयार किए जाएंगे।


इस योजना से युवा कल्याण विभाग में फिर से जान फूंकी गई है। इन्हें ब्लॉक स्तर पर खेल मैदान व मंगल दल गठित करने की अहम जिम्मेदारी दी गई है। इन मैदानों में कबड्डी, रेसलिंग, वेट लिफ्टिंग समेत अन्य खेलों के मैदान शामिल हैं। इससे खिलाड़ियों की नई पौध तैयार करने में मदद मिलेगी। ये बातें बृहस्पतिवार को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री चेतन चौहान ने ग्रेटर नोएडा के क्राउन प्लाजा होटल में कहीं।

चेतन चौहान ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण स्तर पर खेल सुविधा मुहैया कराने का प्रयास कर रही है। इसमें केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना की विशेष मदद ली जा रही है। इस योजना के मदद से 55 हजार गांवों को चिह्नित कर ब्लाक स्तर पर खेल के मैदान विकसित किए जाएंगे। इससे खिलाड़ियों की भावी पीढ़ी सुदृढ़ व सुशिक्षित होगी। खिलाड़ी पदक जीतने की दक्षता से लबरेज होंगे।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्टः जापान ने मंजूर किया 5500 करोड़ कर्ज

 रेल मंत्रालय ने बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए जापान के साथ साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये के कर्ज की किश्त के बारे में समझौता कर आलोचकों के मुंह बंद कर दिए हैं। शुक्रवार को कोलकाता मेट्रो के लिए 1600 करोड़ रुपये के कर्ज के एक अन्य समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए।


दोनो समझौते जापान की इंटरनेशनल कोआपरेशन एजेंसी जिका के साथ किए गए। अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन के कार्यान्वयन के लिए कर्ज की एक किस्त के तौर पर जापान 89547 मिलियन जापानी जापानी येन (लगभग 5500 करोड़ रुपये) देगा। जबकि कोलकाता मेट्रो के लिए 25,903 मिलियन जापानी येन (लगभग 1600 करोड़ रुपये) के लिए समझौता हुआ है। इसके तहत कोलकाता में हावड़ा मैदान से साल्ट लेक के बीच मेट्रो रेल प्रणाली बिछाई जाएगी। इसमें नदी के भीतर का हिस्सा शामिल है। यह कोलकाता ईस्ट-वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

पिछले दिनो इस प्रकार की चर्चाएं छिड़ी थीं कि जापान ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के जिए कर्ज रोक दिया है। रेल मंत्रालय ने इसका खंडन किया था।

उज्‍बेकिस्‍तान हो सकता है भारत का अहम व्यापारिक साझीदार : सुरेश प्रभु

 केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि वैश्विक व्यापार की मौजूदा परिस्थितियों में उज्बेकिस्तान भारत का अहम साझीदार साबित हो सकता है। वाणिज्य मंत्री ने उज्बेकिस्तान के साथ व्यापार, पर्यटन और निवेश के संबंध में बेहतर साझीदारी की संभावना जतायी है।


भारत-उज्बेकिस्तान बिजनेस फोरम की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा इस मायने में काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय शुरु होने की संभावना है। प्रभु ने कहा कि अतीत में उज्बेकिस्तान सिल्क रूट का हिस्सा रहा है। लेकिन अब वह भारत की सिलिकॉन रूट की अवधारणा से जुड़ सकता है।

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, अब विधानसभा भंग होते ही लागू होगी आचार संहिता

 चुनाव आयोग ने तय कर दिया है कि विधानसभाएं या लोकसभा भंग होते ही आचार संहिता लागू हो जाए। तेलंगाना विधानसभा भंग किए जाने के बाबत यह अहम फैसला है। चुनाव आयोग ने राज्यों को भी इसकी सूचना दे दी है।


आयोग अपने स्तर पर इसकी चर्चा कर चुका और उसमें इस पर सर्वसम्मति है कि ऐसा किया जाना चाहिए। बताया जाता है कि यह व्यवस्था लागू करने का विचार इसलिए किया गया है कि क्योंकि अक्सर ही सदन भंग किए जाने के बाद भी कार्यवाहक सरकारें बड़े महत्व के फैसले लेती रहती हैं। वह अपने तरीके से सरकारी रीति-नीति की मदद से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हैं।

कुछ सप्ताह पहले तेलंगाना में विधानसभा को निर्धारित कार्यकाल (जून 2019) पूरा होने से पहले ही भंग किए जाने के परिप्रेक्ष्य में आयोग का यह निर्णय महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग ने तेंलगाना के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आगाह किया है कि जनता को प्रभावित करने वाले बड़े नीतिगत फैसले ना लिए जाए।

आयोग के अनुसार यह फैसला न्यायालय के 1994 के उस फैसले के अनुरूप है जिसमें कार्यवाहक सरकार को सिर्फ सामान्य कामकाज करने का अधिकार होने का प्रावधान है। ऐसी स्थिति में कार्यवाहक सरकार कोई नीतिगत फैसला नहीं कर सकती है।

शहीद भगत सिंह की 110वीं जयंती आज

 हंसते-हंसते देश पर अपनी जान न्योछावर कर देने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह की आज (28 सितंबर) को जयंती है। भगत सिंह ने अपनी मां की ममता से ज्यादा तवज्जो भारत मां के प्रति अपने प्रेम को दी थी।


भारत और पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ दिनों से लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। ये तनाव की स्थिति अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की मीटिंग में भी देखने को मिली

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल के मुद्दे पर जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रा-फेल बनकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्हें ऐसा करना बंद करना चाहिए। राजनाथ ने कांग्रेस के नेताओं से राहुल गांधी को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के खिलाफ उचित सलाह देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लड़ाकू विमानों की खरीद मामले पर उग्र राजनीतिक तूफान के बीच कांग्रेस अध्यक्ष ने कड़ी चोट पहुंचाई है।

इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआइसी) की बैठक में कश्मीर का मसला उठाने के पाकिस्तान के कदम को भारत ने पूरी तरह से अनुचित करार दिया है। कहा है कि भारत के अंदरूनी मसले की सामूहिक मंच पर चर्चा करना पूरी तरह गलत है।

एशिया कप के फाइनल मुकाबले में भारत का सामना अब बांग्लादेश से होगा। भारतीय टीम अब तक इस टूर्नामेंट में अजेय रही है। वहीं बांग्लादेश की टीम फाइनल में कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने से कमजोर दिख रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी को किया खत्म

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी को खत्म कर दिया है। दक्षिण भारत के इस प्रसिद्ध मंदिर में अब पचास वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को प्रवेश मिल सकेगा। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर फैसला सुनाते हुए सीजेआइ दीपक मिश्रा ने कहा कि धर्म एक है, गरिमा और पहचान भी एक हैं। अय्यप्पा कुछ अलग नहीं हैं, जो नियम जैविक और शारीरिक प्रक्रियाओं के आधार पर बने हैं। वे संवैधानिक परीक्षा में पास नहीं हो सकते। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला 4-1 के बहुमत से आया है। जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने अलग फैसला दिया है।

सबरीमाला मंदिर की परंपरा असंवैधानिक
शुक्रवार को भारत में महिलाओं के अधिकार के लिए बड़ा दिन बनाते हुए सीजेआइ ने कहा, 'सबरीमाला मंदिर की परंपरा संवैधानिक नहीं है। सबरीमाला की पंरपरा को धर्म का अभिन्न हिस्सा नहीं माना जा सकता।' वहीं फैसला सुनाते हुए जस्टिस रोहिंगटन नरीमन ने कहा कि मंदिर में महिलाओं को भी पूजा का समान अधिकार, यह मौलिक अधिकार है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पूजा से इंकार करना महिलाओं की गरिमा से इंकार करना है। उन्होंने सवाल किया, क्या संविधान महिलाओं के लिए अपमानजनक बात को स्वीकार कर सकता है?

जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने रखी अलग राय
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर फैसले में अपना पक्ष सुनाते हुए जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने कहा कि इस मुद्दे का असर दूर तक जाएगा। धार्मिक परंपराओं में कोर्ट को दखल नहीं देना चाहिए। अगर किसी को किसी धार्मिक प्रथा में भरोसा है, तो उसका सम्मान होना चाहिए, क्योंकि ये प्रथाएं संविधान से संरक्षित हैं। समानता के अधिकार को धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के साथ ही देखना चाहिए और कोर्ट का काम प्रथाओं को रद करना नहीं है।

ट्रावणकोर देवस्वॉम बोर्ड दायर करेगा पुनर्विचार याचिका
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दिए जाने पर ट्रावणकोर देवस्वॉम बोर्ड (TDB) के अध्यक्ष ए. पद्मकुमार ने कहा, "हम अन्य धार्मिक प्रमुखों से समर्थन हासिल करने के बाद पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।

पाक को धूल चटाकर फाइनल में बांग्लादेश, अब भारत से होगी जंग

 एशिया कप के अंतिम सुपर-4 मुकाबले में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 37 रन हराकर फाइनल में जगह बना ली है। इस मैच में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 239 रन बनाए, जवाब में पाकिस्तान की टीम 9 विकेट के नुकसान पर केवल 202 रन बना पाई। बांग्लादेश की तरफ से मुस्ताफिजुर रहमान ने 4 विकेट लिए, वहीं पाकिस्तान की तरफ से सबसे ज्यादा रन इमाम उल हक ने बनाए, इस बल्लेबाज ने लगातार गिरते विकेट के बीच 83 रन की पारी खेली। इससे पहले बांग्लादेश की तरफ से मुश्फिकुर रहीम ने 99 और मिथुन ने 60 रन बनाए, वहीं पाकिस्तान की तरफ से जुनैद ने 4 विकेट लिए थे।


ऐसे धराशायी हुई पाकिस्तानी पारी
पाकिस्तान को पहला झटका मेहदी हसन ने दिया, इस ऑफ स्पिनर ने फखर जमां को रूबेल हुसैन के हाथों कैच आउट करवाया। अगले ही ओवर में मुस्ताफिजुर रहमान ने बाबर आजम को LBW आउट कर अपनी टीम को दूसरी सफलता दिलाई। रहमान ने पाक कप्तान सरफराज को विकेटकीपर के हाथों कैच आउट करवा कर अपनी टीम को तीसरी सफलता दिलाई। रूबेल हुसैन ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए शोएब मलिक को आउट किया, रूबेल की गेंद पर मुर्तजा ने शानदार कैच पकड़ा।

वोरोम्बे टाइटन घोषित हुआ दुनिया का विशालतम पक्षी

 दुनिया के विशालतम पक्षी के नाम को लेकर वैज्ञानिकों में दशकों से चला आ रहा मतभेद समाप्त हो गया है। वैज्ञानिकों ने बुधवार को कहा कि वे इस बहस पर विराम लगाते हैं और यह टाइटल वोरोम्बे टाइटन को प्रदान किया जाता है। तीन मीटर लंबा विलुप्त हो चुका यह पक्षी मैडागास्कन प्रजाति का था। इसका वजन 800 किलोग्राम तक होता था।


रॉयल सोसाइटी ओपेन साइंस नामक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में मैडगास्कन जीवों में अप्रत्याशित विविधता के बारे में बताया गया है। पहले यह माना गया था कि ‘हाथी पक्षियों’ की 15 विभिन्न प्रजातियों की पहचान दो वंशो के तहत की गई थी। वहीं, ब्रिटेन में प्रकाशित जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ लंदन (जेडएसएल) द्वारा हालिया शोध में इस तथ्य को मामले में नहीं दर्शाया गया है।

जेडएसएल के इंस्टीट्यूट ऑफ जूलॉजी के जेम्स हंसफोर्ड ने बताया, ‘हाथी पक्षी मैडगास्कन के महाप्राणी से बड़े थे और द्वीप के विकासक्रमिक इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण विवादास्पद में से एक थे। इसकी वजह यह है कि विशाल शरीर वाले जानवर यदि शाकाहारी हों तो पौधों को खाकर पारिस्थितिक तंत्र पर गहरा असर डालते हैं। साथ ही वे मल के माध्यम से बायोमास और बीज फैलाते थे। इन विलुप्त हो चुके पक्षियों के प्रभाव के कारण मेडागास्कर आज भी प्रभावित है।’

खेती में मदद करने वाला रोबोट किया विकसित

 

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रोबोट विकसित करने में सफलता हासिल की है, जो खेती में किसानों की मदद कर सकता है। दरअसल, यह रोबोट अपने कंप्यूटर विजन के जरिये उगी हुई फसलों का पता लगा सकता है और चंद सेकेंड में उन्हें तोड़कर एकत्र कर सकता है।

फिलहाल इसे शिमला मिर्च की कटाई और उसे एकत्र करने के लिए विकसित किया गया है, लेकिन वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस आधार पर अन्य उत्पादों के लिए भी रोबोट विकसित किए जा सकते हैं। स्वीपर नामक इस रोबोट को इजरायल के नेगेव में बेन गुरियन यूनिवर्सिटी (बीजीयू) के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है। इसे सिंगल स्टेम रो क्रॉपिंग सिस्टम पर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।

नासा से मंगल ग्रह पर लापता अपॉरच्युनिटी रोवर को खोजा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगल ग्रह पर मौजूद अपने अपॉरच्युनिटी रोवर का पता लगा लिया है। करीब तीन महीने पहले लाल ग्रह पर आई धूल भरी आंधी के कारण सूर्य की रोशनी नहीं मिलने के कारण इस रोवर का नासा से संपर्क टूट गया था। उसके बाद से ही सौर ऊर्जा से चलने वाले इस रोवर का कामकाज ठप है।

नासा ने अपने मंगल अभियान के तहत इसे 2003 में लांच किया था। इस रोवर के शुरुआती अभियान की अवधि 92 दिन तय की गई थी, लेकिन यह पिछले 14 साल से मंगल पर सक्रिय था। नासा के ही मार्स रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (एमआरओ) के कैमरे ने 20 सितंबर को एक तस्वीर उतारी थी, जिसमें ग्रह की एक घाटी की ढलान पर एक वस्तु दिख रही है।

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार / कोहली और वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को खेल रत्न, हिमा दास को अर्जुन पुरस्कार

 महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना को अर्जुन पुरस्कार दिया गया

क्रिकेट कोच तारक सिन्हा को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया
राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों का वितरण किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। एथलीट हिमा दास को अर्जुन पुरस्कार दिया गया।

एशियाड के चलते सितंबर में पुरस्कार वितरण
हर साल ये पुरस्कार मेजर ध्यान चंद के जन्मदिन 29 अगस्त को दिए जाते थे। लेकिन, इस बार एशियाड की वजह से इन पुरस्कारों का वितरण सितंबर में किया जा रहा है।

खेल रत्न पाने वाले तीसरे क्रिकेटर बने विराट
सचिन तेंडुलकर को 1997, महेंद्र सिंह धोनी को 2007 में खेल रत्न पुरस्कार दिया गया था। विराट खेल रत्न पाने वाले तीसरे क्रिकेटर हैं। विराट के नाम की 2016 में भी चर्चा हुई थी, लेकिन उन्हें तब चुना नहीं गया था।

अर्जुन पुरस्कार
नीरज चोपड़ा (जैवलिन थ्रोअर), जिन्सन जॉनसन और हिमा दास (एथलेटिक्स), एन सिक्की रेड्डी (बैडमिंटन), सतीश कुमार (मुक्केबाजी), स्मृति मंधाना (क्रिकेट), शुभंकर शर्मा (गोल्फ), मनप्रीत सिंह और सविता (हॉकी), रवि राठौड़ (पोलो), राही सरनोबत, अंकुर मित्तल और श्रेयसी सिंह (निशानेबाजी), मणिका बत्रा और जी साथियान गणशेखरन (टेबल टेनिस), रोहन बोपन्ना (टेनिस), सुमित (कुश्ती), पूजा केडिया (वुशु), अंकुर धामा (पैरा-एथलेटिक्स), मनोज सरकार (पैरा-बैडमिंटन)।

द्रोणाचार्य पुरस्कार
सी ए कुट्टप्पा (मुक्केबाजी), विजय शर्मा (वेटलिफ्टिंग), ए श्रीनिवास राव (टेबल टेनिस), सुखदेव सिंह पन्नू (एथलेटिक्स), क्लेरेंस लोबो (हॉकी, आजीवन), तारक सिन्हा (क्रिकेट, आजीवन), जीवन कुमार शर्मा (जूडो, आजीवन), वी आर बीडु (एथलेटिक्स, आजीवन)।

ध्यानचंद पुरस्कार
सत्यदेव प्रसाद (तीरंदाजी) भरत कुमार क्षेत्री (हॉकी), बॉबी अलॉयसियस (एथलेिटक्स), चौगले दादू दत्तात्रेय (कुश्ती)।

तेनजिंग नॉर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्ड
अंशुल जम सेनपा (पर्वतारोही), स्वर्गीय रवि कुमार (पर्वतारोही), सागर परिक्रमा करने लेफ्टिनेेंट कमांडर वर्तिका जोशी और उनकी टीम (नौकायन), कैप्टन उदित थापर (स्काई डाइविंग)।

फुटबॉल / मोद्रिच को बेस्ट फुटबॉलर का अवॉर्ड, रोनाल्डो-सालाह को पीछे छोड़ा

 क्रोएशिया के कप्तान लुका मोद्रिच को फीफा बेस्ट फुटबॉल प्लेयर का अवॉर्ड मिला। मोद्रिच की कप्तानी में क्रोएशिया पहली बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा। रियाल मैड्रिड के 33 वर्षीय मिडफील्डर ने इस पुरस्कार के लिए अपने पूर्व साथी खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लिवरपूल के मोहम्मद सालाह को पीछे छोड़ा। पिछले 10 साल में सिर्फ अर्जेंटीना के लियोनल मेसी या रोनाल्डो को ही यह पुरस्कार मिलता रहा है।


फ्रांस के दिदिएर देसचैम्प्स बने सर्वश्रेष्ठ कोच
मोद्रिच ने रियाल मैड्रिड के लिए तीन बार चैम्पियंस लीग खिताब जीता। उन्हें 29.05% वोट मिले। वहीं, रोनाल्डो को 19.08% और सालाह 11.23% वोट मिले। सलाह को बेहतरीन गोल के लिए पुस्कस पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इंग्लिश प्रीमियर लीग में एवर्टन के खिलाफ यह गोल किया था।

लंदन में आयोजित इस अवॉर्ड कार्यक्रम में रोनाल्डो और मेसी ने हिस्सा नहीं लिया। दोनों ही काम की व्यस्तता के कारण यहां उपस्थित नहीं हो पाए। दोनों की अनुपस्थिति की काफी आलोचना की गई।

मोद्रिच ने इस पर कहा, 'काफी भावुक हो रहा हूं क्योंकि यह सभी के काम को आभार है। कई लोग आए और मेरा साथ दिया। हर किसी की अपनी वजहें होती हैं। निश्चित रूप से उनका यहां होना मुझे अच्छा लगता, लेकिन वे यहां नहीं हैं

निधन / जसदेव सिंह नहीं रहे, 9 ओलिंपिक, 6 एशियाड में की थी लाइव कमेंट्री

 उन्हें ओलिंपिक के सर्वोच्च पुरस्कार ओलिंपिक ऑर्डर से भी सम्मानित किया गया था

आकाशवाणी में समाचार वाचक के रूप में शुरू किया था करियर, आठ हॉकी विश्व कप की कमेंट्री की
1963 से 48 साल तक गणतंत्र दिवस परेड का आंखों देखा हाल श्रोताओं तक पहुंचाया

. जाने-माने खेल कमेंटेटर जसदेव सिंह का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को यहां निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं। जसदेव ने 1968 से 2000 के दौरान आकाशवाणी और दूरदर्शन के लिए नौ ओलिंपिक, आठ हॉकी विश्व कप और छह एशियाई खेलों की कमेंट्री की। उन्होंने कई स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोहों पर भी कमेंट्री की।

मै जसदेव सिंह बोल रहा हूं... अब खामोश
कुछ साल पहले उन्होंने अपने जीवन की कहानी 'मै जसदेव सिंह बोल रहा हूं…' के रूप में एक किताब की शक्ल दी थी। उन्हें 1985 में पद्मश्री और 2008 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

केंद्रीय खेल राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने ट्वीट किया,‘गहरे दु:ख के साथ हमारे बेहतरीन कमेंट्रेटरों में से एक श्री जसदेव सिंह के निधन की जानकारी मिली। वह आकाशवाणी और दूरदर्शन के बेहतरीन कमेंटेटर थे।’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘भारतीय कमेंट्री की 'स्वर्णिम आवाजों' में से एक जसदेव सिंह के निधन के बारे में जानकर दु:ख हुआ। उनके परिवार और असंख्य प्रशंसकों के साथ मेरी संवेदना है।’

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया कि उनके निधन से रेडियो कमेंट्री के एक युग का अंत हो गया। एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने लिखा, ‘टेलीविजन से पहले के युग में वे ऐसे हॉकी कमेंटेटर थे जो गेंद के साथ रफ्तार मिला सकते थे।’

जसदेव की आवाज देश के कई ऐतिहासिक पलों को आम लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनी। फिर चाहे वह 1975 का हॉकी विश्व कप का फाइनल हो या अंतरिक्ष में पहले भारतीय राकेश शर्मा का पहुंचना।

जसदेव ने 1955 में जयपुर में ऑल इंडिया रेडियो में काम करना शुरू किया था। वे आठ साल बाद दिल्ली आ गए। उन्होंने 35 साल तक दूरदर्शन के लिए काम किया। खास यह है कि उन्होंने खुद कभी कोई खेल नहीं खेला।

सुप्रीम कोर्ट / बैंक खाता खोलने, सिम खरीदने और स्कूलों में एडमिशन के लिए आधार जरूरी नहीं

 सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तीन मामलों में फैसले सुनाए

पहला : आधार की संवैधानिक वैधता बरकरार
दूसरा : प्रमोशन में आरक्षण के लिए एससी/एसटी से जुड़ा आंकड़ा जुटाने की जरूरत नहीं
तीसरा : पारदर्शिता के लिए अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग हो

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तीन अहम फैसले दिए। पहला आधार की अनिवार्यता पर था। कोर्ट के कहा कि सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार अनिवार्य रहेगा। हालांकि, अब स्कूल में एडमिशन और बैंक खाता खोलने के लिए इस दस्तावेज का होना जरूरी नहीं है। दूसरा फैसला सरकारी नौकरी में प्रमोशन में आरक्षण का लाभ देने पर था। इसमें कोर्ट ने अपना 2006 का फैसला बरकरार रखा। तीसरे फैसले में अदालती कार्रवाई की लाइव स्ट्रीमिंग को मंजूरी दे दी गई। कोर्ट का कहना है कि इससे पारदर्शिता आएगी।

आधार कहां जरूरी, कहां नहीं; इस पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश
‘‘सरकारी योजनाओं में लाभ लेने के लिए आधार जरूरी है। पैन कार्ड को लिंक करने और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आधार कार्ड जरूरी रहेगा।’’
‘‘शिक्षा ही हमें अंगूठे के निशान से दस्तखत की ओर ले गई है। अब टेक्नोलॉजी हमें दस्तखत से दोबारा अंगूठे के निशान पर ले जा रही है, लेकिन स्कूलों में एडमिशन के लिए आधार को जरूरी नहीं किया जा सकता।’’
‘‘आधार यूजीसी, नीट और सीबीएसई की परीक्षाओं के लिए जरूरी नहीं है। अदालत की इजाजत के बिना किसी भी एजेंसी के साथ बायोमैट्रिक डेटा साझा न किया जाए।’’
‘‘बैंक खाता खोलने के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं है। आधार एक्ट की धारा 57 रद्द की जाती है। निजी कंपनियां आधार कार्ड नहीं मांग सकेंगी।’’
‘‘मोबाइल फोन कनेक्शन या नया सिम कार्ड खरीदने के लिए आधार जरूरी नहीं है।’’
‘‘आधार नंबर नहीं ला पाने के चलते किसी भी बच्चे को किसी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।’’
डेटा की हिफाजत के लिए कानून बनाए सरकार : जस्टिस सीकरी ने कहा कि बेस्ट होने से बेहतर है कि आप यूनिक रहें। आधार हाशिए पर मौजूद समाज के तबके को सशक्त करने और उन्हें पहचान करने का काम करता है। आधार दूसरे आईडी प्रूफ की तुलना में अलग है, क्योंकि इसका डुप्लीकेट नहीं बनाया जा सकता। किसी व्यक्ति को आवंटित हुआ आधार नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं जा सकता। केंद्र को डेटा की हिफाजत के लिए जल्द से जल्द कानून बनाने की जरूरत है। सरकार यह सुनिश्चित करे कि देश में किसी भी अवैध प्रवासी को आधार कार्ड आवंटित न हो।

फैसले से अलग जस्टिस चंद्रचूड़ की टिप्पणियां- आधार का डेटा डिलीट करें मोबाइल कंपनियां

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसले से अलग अपनी टिप्पणियों में कहा कि मोबाइल कंपनियों को ग्राहकों से लिया गया आधार का डेटा डिलीट कर देना चाहिए।
‘‘आधार का डेटा संवेदनशील है। किसी थर्ड पार्टी या किसी वेंडर की तरफ से इसका दुरुपयोग होने का खतरा है।’’
‘‘निजी कंपनियों को आप आधार के डेटा का इस्तेमाल करने देंगे तो वे नागरिकों की प्रोफाइल करेंगे और उनके राजनीतिक विचार जानने की कोशिश करेंगे। यह निजता का भी उल्लंघन है।’’
‘‘क्या आप ये मानकर चल रहे हैं कि बैंक खाता खुलवाने वाला हर शख्स संभावित आतंकी या मनी लॉन्डरर है?’’
‘‘आधार अपने मकसद में फेल हो चुका है। आज आधार के बिना भारत में रहना असंभव हो गया है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।’’
‘‘आधार एक्ट को मनी बिल के तौर पर संसद से पारित कराना संविधान के साथ धोखा है।’’
प्रमोशन में आरक्षण पर पुराना फैसला बरकरार
सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर 2006 में दिए अपने फैसले पर दोबारा विचार करने से इनकार कर दिया। यह फैसला एम नागराज के मामले में दिया गया था। इसमें कहा गया था कि राज्य सरकारें कुछ शर्तों के साथ प्रमोशन में आरक्षण दे सकती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें संबंधित समुदाय के पिछड़ापन के आंकड़े देने होंगे। केंद्र का कहना था कि इसमें शर्तें बेवजह लगाई गई हैं। ऐसे में इसे बड़ी बेंच के पास दोबारा विचार के लिए भेजा जाना चाहिए।

प्रमोशन में आरक्षण के लिए आंकड़ा जुटाने की जरूरत नहीं : चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने एकमत से यह फैसला सुनाया। बेंच ने यह भी कहा कि एससी-एसटी कर्मचारियों को नौकरियों में तरक्की में आरक्षण देने के लिए राज्य सरकारों को एससी-एसटी के पिछड़ेपन पर उनकी संख्या बताने वाला आंकड़ा इकट्ठा करने की कोई जरूरत नहीं है।

अहम सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग को मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग को भी मंजूरी दे दी। कोर्ट ने कहा कि इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट से ही हो। इसके लिए नियम बनाएं जाएं। अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग से न्यायिक व्यवस्था में जवाबदेही आएगी।

राफेल /फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा- भारत के साथ डील के वक्त मैं सत्ता में नहीं था

 फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद के बयान से शुरू हुआ था विवाद

अोलांद ने कहा था- राफेल सौदे में साझेदार के तौर पर सिर्फ अनिल अंबानी की कंपनी का ही विकल्प दिया गया था
बाद में मैक्रों ने दी थी सफाई, ओलांद भी बयान से पलटे

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र में मंगलवार को राफेल डील को लेकर सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा जब भारत और फ्रांस के बीच 36 विमानों के लिए लाखों डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर हुए थे, तब वे सत्ता में नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह सौदा दो सरकारों के बीच हुआ समझौता है।

सितंबर 2019 में होगी राफेल की डिलीवरी
मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से अलग एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या भारत सरकार ने कभी फ्रांस या दैसो को बताया था कि उन्हें राफेल डील में रिलायंस को भारतीय साझेदार बनाना होगा? इसी पर मैक्रों ने कहा- तब मैं सत्ता में नहीं था।

इमेनुअल मैक्रों ने कहा कि मैं पूरी तरह स्पष्ट करना चाहूंगा कि यह दोनों सरकारों के बीच की बातचीत है। मैं इसके लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात का हवाला दूंगा, जो उन्होंने कुछ दिन पहले कही थी। मैक्रों पिछले साल मई में राष्ट्रपति बने थे।

भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस सरकार से 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल फाइटर विमानों की डील की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा 2015 के अपने पेरिस दौरे के करीब डेढ़ साल बाद की थी। उम्मीद है कि सितंबर 2019 इन विमानों की डिलीवरी शुरू हो जाएगी।

राफेल डील पर भारत में विवाद उस समय बढ़ा, जब पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद ने फ्रेंच मीडिया को जानकारी दी थी कि राफेल डील में रिलायंस डिफेंस को साझेदार बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार ने दिया था। इसके बाद कांग्रेस राफेल डील पर सवाल उठाते हुए कई दिन से भाजपा को घेर रही है।

ई-ट्रांसपोर्ट / 60 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप, ई-चार्जिंग स्टेशन सिर्फ 350; चुनौती- गाड़ियां कहां चार्ज होंगी?

 एक तरफ पेट्रोल-डीजल की कीमतें हर दिन आसमान छू रही हैं, दूसरी तरफ वाहनों से होने वाले प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। दोनों समस्याओं का समाधान आमतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों में देखा जा रहा है। पब्लिक और पर्सनल ट्रांसपोर्ट में ई-वाहनों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार जितनी तेजी से दावे और योजनाएं बना रही है, उतनी तेजी से जमीन पर बुनियादी ढांचा खड़ा नहीं हो पा रहा। ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन का बड़े नेटवर्क सबसे बुनियादी जरूरत होती है। अभी ये हाल है कि देश में पेट्रोल पंप की संख्या तो 60 हजार के पार है लेकिन ई-चार्जिंग स्टेशन महज 350 ही हैं।


सरकार की योजना अगले तीन से पांच साल में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तैयार करने की है। इसके तहत 30 हजार स्लो चार्जिंग स्टेशन और 15 हजार फास्ट चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। शहरों में हर तीन किलोमीटर पर दो हाई चार्जिंग पाइंट और एक फास्ट चार्जिंग पाइंट लगेंगे। हाईवे पर हर 50 किलोमीटर पर एक चार्जिंग पाइंट लगाने की योजना है। ये स्टेशन पब्लिक और प्राइवेट पार्टनरशिप के अलावा कंपनियों द्वारा निजीतौर पर भी लगाए जाएंगे। अकेले दिल्ली जितने बड़े शहर के लिए 3000 चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत होगी।

रूहानी ने कहा, मिसाइल कार्यक्रम नहीं रोकेगा ईरान, प्रतिदिन करेंगे मिसाइलों की क्षमता में इजाफा

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कुछ अन्य पश्चिमी देशों की चिंता के बावजूद ईरान अपना मिसाइल कार्यक्रम नहीं रोकेगा, बल्कि वह अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की क्षमता बढ़ाना जारी रखेगा। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार को यह संकल्प व्यक्त किया।


सेनाओं की वार्षिक परेड के दौरान राष्ट्रपति रूहानी ने कहा, 'हम अपनी रक्षा क्षमताओं में कभी कटौती नहीं करेंगे। दिन प्रति दिन हम उनमें बढ़ोतरी ही करेंगे। तथ्य तो यह है कि मिसाइलों के प्रति आपका गुस्सा यह जाहिर करता है कि वे हमारे सबसे प्रभावशाली हथियार हैं।' ईरान के पास 3,500 किमी तक मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो इजरायल और मध्यपूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम हैं। रूहानी ने आगे कहा कि ईरान के साथ संघर्ष की स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को असफलता ही हाथ लगेगी और उनका हश्र भी सद्दाम हुसैन जैसा होगा।

खाड़ी में सैन्य कार्रवाई की भी दी है धमकी
बता दें कि मई में ट्रंप के बहुपक्षीय परमाणु समझौते से हटने के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहरा गया है। पिछले महीने अमेरिका ने ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए हैं। वहीं, ईरान ने कुछ सप्ताह पहले धमकी दी कि अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में वह अन्य देशों के तेल निर्यात को बाधित करने के लिए खाड़ी में सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। हालांकि, अमेरिका खाड़ी में अपना नौैसैनिक बेड़ा तैनात रखता है ताकि तेल से लदे जहाजों के समुद्री मार्गो की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मंगल की कक्षा में चार साल पूरे होने पर मावेन ने ली सेल्फी

 अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मावेन अंतरिक्ष यान ने अपने अभियान के चार साल पूरे होने पर सेल्फी ली है। यह यान पिछले चार साल से मंगल का चक्कर लगाते हुए उसके बाहरी वायुमंडल का अध्ययन कर रहा है। नासा ने 18 नवंबर, 2013 को इसे लांच किया था। 21 सितंबर, 2014 को यह मंगल की कक्षा में पहुंचा था।


मावेन ने अपने इमेजिंग अल्ट्रावॉयलेट स्पेक्टोग्राफ (आइयूवीएस) उपकरण से सेल्फी ली। यह उपकरण मंगल के बाहरी वायुमंडल से निकल रही पराबैंगनी किरणों का विश्लेषण करता है। आइयूवीएस यान पर लगे 1.2 मीटर के मैगनेटोमीटर के आखिरी सिरे पर लगा है, जो सेल्फी स्टिक की तरह काम करता है।

नासा के अनुसार, 21 अलग-अलग तस्वीरों को जोड़कर यह सेल्फी बनाई गई है। मावेन नासा के सफलतम अभियानों में है। अपने अभियान के दौरान इसने लाल ग्रह पर हो रहे जलवायु परिवर्तन से जुड़े कई सुबूत जुटाए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अभियान आने वाले समय में लाल ग्रह के बाहरी वातावरण से जुड़ी कई रोचक जानकारियां खोजेगा।

कोमा में पहुंचे मरीज के लिए वरदान साबित हुआ है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कंसेप्ट भले ही नया हो लेकिन कम समय में यह जितना कारगर साबित हो रहा है, उतनी पहले शायद ही कोई दूसरी तकनीक हुई हो। रक्षा क्षेत्र में इस तकनीक की चर्चा हर जगह हो रही है और लगभग हर जगह इस शोध भी चल रहा है लेकिन मेडिकल क्षेत्र में इसकी कामयाबी पहली बार सामने आई है। दरअसल, चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये कोमा में पहुंच चुके सात ऐसे मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है जिन्हें डॉक्टर जवाब दे चुके थे। यह तकनीक ऐसे मरीजों के लिए नई और बड़ी उम्मीद बन कर सामने आई है।


चीन ने इस तकनीक का जिन मरीजों पर प्रयोग किया उनमें से एक 19 वर्षीय मरीज भी था। यह मरीज एक एक्सीडेंट के बाद करीब छह माह से निर्जीव अवस्था में था। इस एक्सीडेंट में उसके दिमाग के बाईं और चोट लगी थी, जिसके बाद वह इस अवस्था में पहुंच गया था। चीन के कुछ बेहतरीन न्यूरोलॉजिस्ट ने उसकी जांच की और दो चरण में उसका ट्रीटमेंट किया गया। पहले उसको कोमा से रिकवरी के लिए 23 में से 7 प्वांइट्स ट्रीटमेंट दिया। इस बीच मरीज के परिजनों को यह हक था कि वह कभी भी लाइफ सपोर्ट सिस्टम को हटाने के लिए कह सकते हैं। ब्रेन स्केन के बाद मरीज को 20 प्वांइट्स और ट्रीटमेंट दिया गया। इसी तरह के दूसरे मामले में डॉक्टरों ने एक ऐसी 41 वर्षीय महिला का इलाज जो तीन माह से कोमा में थी

अमेरिकी प्रतिबंध से बौखलाया चीन, अमेर‍िकी राजदूत को क‍िया तलब

 व्यापार में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने भी अमेरिका के प्रति अपने तेवर सख्त कर लिए हैं। चीन ने अमेरिकी राजदूत टेरी ब्रांस्टैंड और नौसेना प्रमुख को तलब किया है। अमेरिका ने चीन की कई कंपनियों पर रूस से हथियार खरीदने पर प्रतिबंध लगा रखा है इसके विरोध में इन्हें तलब किया गया है।


साउथ चीन मॉर्निग पोस्ट की सूचना से मिली जानकारी के तहत बीजिंग में होने वाली तीन दिवसीय द्विपक्षीय वार्ता भी स्थगित कर दी गई है। अमेरिका चीन पर लगे प्रतिबंध को वापस नहीं लेता है तो चीन ने आगे भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। चीन की सरकार ने अमेरिका को अपनी गलती सही करते हुए उसमें सुधार लाने के साथ ही प्रतिबंध हटाने को कहा है।

बता दें कि चीन ने रूस से एस 400 विमान खरीदने की स्वीकृति दी है, जिसके बाद गुरुवार को अमेरिका ने चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपकरण विकास विभाग और उसके निदेशक ली शांगफू पर अपने सीएएटीएसए एक्ट के उल्लंघन करने के आरोप में आपत्ति जताई है। इसके बाद ही चीन के रक्षा मंत्री ने इस प्रतिबंध पर आपत्ति जताते हुए इस पर सख्त विरोध दर्ज कराया है। चीन के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चीनी सैन्य नेतृत्व ने पहले से अमेरिकी के इस पक्ष का विरोध किया है।

दो हफ्ते में सीरिया को एस-300 मिसाइल प्रणाली देगा रूस

 रूस ने सोमवार को कहा कि इजरायल के एतराज के बावजूद वह अगले दो सप्ताह में सीरिया को जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली एस-300 देगा। पिछले हफ्ते सीरिया की सेना ने गफलत के चलते रूस के एक सैन्य विमान को मार गिराया था। रूस ने इसके लिए इजरायल को दोषी ठहराया था। इस हादसे में 15 रूसी सैनिक मारे गए थे।


रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई सोइगु ने यहां कहा, इस हादसे के बाद रूस सीरिया में लड़ रहे अपने सैनिकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मजबूर हुआ है। एस-300 मिसाइल प्रणाली से सीरिया की सेना मजबूत होगी।' यह मिसाइल सैन्य विमानों के साथ ही छोटी और मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों को भी नष्ट कर सकती है। इजरायल को डर है कि एस-300 से हवा में उसकी क्षमता कमजोर होगी।

इसी वजह से वह रूस को मनाने की कोशिश कर रहा था ताकि वह सीरिया को मिसाइल प्रणाली ना दे। सीरिया में चल रहे युद्ध में रूस राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार का समर्थन कर रहा है। इजरायल भी सीरिया में कई हवाई हमले कर चुका है। उसका कहना है कि ये हवाई हमले असद सरकार के लिए खतरा नहीं है, इन हमलों से वह लेबनान में ईरान के समर्थन वाले हिजबुल्ला को भेजी जा रही मदद रोक रहा है।

चीन की सीमा से महज 60 किमी दूर है पोक्‍योंग एयरपोर्ट, सामरिक दृष्टि से काफी अहम

 अब सिक्किम को आधिकारिक तौर पर अपना एक एयरपोर्ट मिल गया है। अब तक सिक्किम घूमने वालों की सबसे बड़ी परेशानी यही होती थी कि उन्हें बागडोगरा एयरपोर्ट पर आना होता था। इसके बाद बस या टेक्सी से सफर करना होता था। ट्रेन से सफर करने वाले पहले जलपाइगुड़ी पहुंचते थे फिर वहां से उन्हें टेक्सी करके यहां तक आना होता था। यह काफी लंबा होने के साथ-साथ थका देने वाला भी होता था। इसके अलावा गेंगटोक आने वाले पर्यटक बागडोगरा से हेलीकॉप्टर सेवा का भी इस्तेमाल करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हवाई सफर करने वाले पर्यटक अब सीधे सिक्किम के पाक्योंग एयरपोर्ट पर उतर सकेंगे और अपने समय का सदुपयोग कर सकेंगे। यह एयरपोर्ट सिक्किम की राजधानी गेंगटोक से काफी नजदीक है। इसके अलावा यह एयरपोर्ट सामरिक दृष्टि से भी काफी अहम है। यह एयरपोर्ट विवादित क्षेत्र डोकलाम से महज 54 किमी की दूरी पर स्थित है।

आेलांद के दावे पर फ्रांस सरकार ने कहा- भारत में सहयोगी चुनने में हमारी भूमिका नहीं

 राफेल बनाने वाली कंपनी दैसो और अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस के बीच करार विवादों में
दैसो और रिलायंस नागपुर में राफेल के पार्ट्स बनाएंगे, इसी पर कांग्रेस को आपत्ति
यूपीए के वक्त एचएएल को यह काम मिलना था, एनडीए के वक्त रिलायंस का नाम जुड़ गया
ताजा विवाद फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के बयान पर, उन्होंने कहा था- भारत ने ही रिलायंस का नाम दिया

पीएम मोदी आज आर्ट इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की रखेंगे आधारशिला, कई होंगे शामिल

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्‍ली में 25,700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की परियोजना का शिलान्‍यास करेंगे। नई दिल्ली में आज इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर (आइआइसीसी) की आधारशिला रखी जाएगी। इस दौरान पीएम मोदी यहां मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे।
नई दिल्ली के द्वारिका सेक्टर-25 में बनने वाला यह सेंटर विश्व स्तरीय एक्जीबिशन सह कन्वेंशन सेंटर होगा जिसमें वित्तीय, अतिथ्य तथा खुदरा सेवाओं जैसी सुविधाएं होंगी। बताया जा रहा है कि इस परियोजना की अनुमानित लागत 25,700 करोड़ रुपये होगी। यह परियोजना औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) द्वारा स्थापित सरकारी कंपनी इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर एंड एक्जीबिशन सेंटर लिमिटेड (आइआइसीसी लिमिटेड) द्वारा लागू की जा रही है। केंद्र सरकार के कई मंत्रियों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्‍मीद है।

Ind vs Pak: पाकिस्तान की बोलती बंद, 8 विकेट से जीता भारत

 एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर चैंपियंस ट्रॉफी में मिली हार का बदला शानदार तरीके से लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम केवल 43.1 ओवर में 162 रन पर सिमट गई। जवाब में भारत ने आसानी से 29 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत की तरफ से रोहित शर्मा ने 52 और शिखर धवन ने 46 रन बनाए। वहीं दिनेश कार्तिक और अंबाति रायुडू 31-31 रन बनाकर नाबाद रहे।


कप्तान रोहित ने लगाया अर्धशतक

भारतीय गेंदबाजों ने जब पाकिस्तान को केवल 162 रन पर समेटा तो पाकिस्तानी फैंस को भी उम्मीद थी कि उनके गेंदबाज भी कुछ कमाल करेंगे लेकिन रोहित ने उन्हें कोई मौका ही नहीं दिया। रोहित ने पिछले मैच के मैन ऑफ दा मैच रहे उस्मान खान को खासकर पीटा, उन्होंने उस्मान के ओवर में 2 चौके और 1 छक्का लगा कर 19 रन बटोर लिए। यहीं नहीं उन्होंने पाकिस्तान के मुख्य गेंदबाज हसन अली की भी खूब पिटाई की। इस दौरान रोहित ने अपना अर्धशतक भी पूरा किया। रोहित ने 37 गेंद पर 6 चौको और 3 छक्कों की मदद से अपने 50 रन पूरे किए

सोनिया गांधी आज मॉस्को में यूरेशियन महिला कॉन्फ्रेंस में करेंगी शिरकत

 यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी आज यूरेशियन वीमेन फोरम के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वह यूरेशिया में हैं। इस कार्यक्रम में विश्व के सौ देशों की महिला सांसद शामिल हो रही हैं। बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी 21 सितंबर को इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगी।

गौरतलब है कि सोनिया गांधी काफी समय बाद किसी विश्व स्तर के कार्यक्रम में शिरकत कर रही हैं। इन दिनों वह राजनीति में भी ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आती हैं। इससे पहले सोनिया गांधी कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की साझा सरकार बनने के बाद मई 2018 में विदेश यात्रा पर गई थीं। वहां उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी गए थे। हालांकि कि सोनिया गांधी राजनीतिक यात्रा पर नहीं गईं थीं।

UP: गाजियाबाद के लाखों लोगों के लिए खुशखबरी, PM नवंबर में देंगे मेट्रो का तोहफा

 दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लाखों लोगों के लिए इस साल का दिवाली तोहफा तैयार है। दिल्ली के दिलशाद गार्डन से नया बस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल नवंबर में दौड़ने लगेगी। बुधवार को बैठक में डीएमआरसी के अधिकारियों ने जीडीए वीसी कंचन वर्मा को आश्वस्त किया कि नवंबर मध्य में सेवा जनता के लिए शुरू कर दी जाएगी।


यह भी बताया कि पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड (पीआइबी) ने इस कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर को हरी झंडी दे दी है। जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के लिए डीपीआर आगे बढ़ाई जाएगी। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने पर मंथन चल रहा है।

स्टेशन के आसपास का ट्रैफिक प्लान बनेगा

यह कॉरिडोर 9.41 किलोमीटर लंबा है। इस पर शहीद नगर, राजबाग, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, मोहननगर, अर्थला, हिंडन रिवर और नया बस अड्डा स्टेशन बनाए गए हैं। जीटी रोड के बीचोबीच मेट्रो ट्रैक बनाया गया है। रोड के दोनों तरफ स्टेशन बने हुए हैं। सभी स्टेशनों पर प्रवेश और निकासी का रास्ता रोड पर ही है। इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल का ट्रायल चल रहा है। नवंबर में मेट्रो रेल सेवा जनता के लिए शुरू हो जाएगी।

U.P. govt. to showcase heritage

 Plans ‘Vichar Kumbhs’ to connect with youth, women, Dalits and OBCs in the run-up to the 2019 poll

With an eye on the coming Lok Sabha elections, the BJP government in Uttar Pradesh plans to hold a series of Vichar (thought) Kumbhs as part of its effort to showcase the State as a hub of ancient heritage, while at the same time connecting with youth, women, Dalits and OBCs.

To be held ahead of January’s Allahabad Mahakumbh, the Vichar Kumbhs would be held at five historical towns of the State with five distinct themes: Samajik Samrasta (social complementarity), issues concerning the youth, women’s empowerment, environment and social service, an organiser of one of these conclaves said on Tuesday.

Student conclaves
Five universities in the State would host the conclaves, with up to 5,000 delegates expected to attend each of the meets, Shatrudra Pratap, one of the organisers of the Vichar Kumbhs, told The Hindu.

The Vichar Kumbh on youth affairs, to be held at the Lucknow University on December 22-23, is expected to draw about 5,000 delegates from India and abroad, according to Mr. Pratap. Delegates would include students, teachers and professionals.

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से पकड़ में आएंगे फेक ऑनलाइन रिव्यू

 वैज्ञानिकों ने एक ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमता(एआइ)) प्रणाली विकसित करने में सफलता हासिल की है, जिसके जरिये ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर मशीन द्वारा लिखे गए फेक रिव्यू (फर्जी समीक्षा) को पकड़ा जा सकेगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि ट्रिपएडवाइजर, येल्प और अमेजन जैसी वेबसाइट्स का प्रयोग करते समय 10 में से नौ लोग इन रिव्यू को पढ़ते हैं। हालांकि ये सभी सही नहीं होते हैं। इन साइट्स पर इंसानों द्वारा फेक रिव्यू लिखा जाना एक सामान्य बात है, लेकिन अब तेजी से मशीनों द्वारा भी यह काम कराया जा रहा है।


अमेरिका स्थित आल्टो यूनिवर्सिटी में डॉक्टरेट के छात्र मिका जुउति कहते हैं, आजकल एल्गोरिद्मस पर आधारित फेक रिव्यू तैयार करना आसान और सटीक हो गया है। ज्यादातर मामलों में सही और फेक रिव्यू में अंतर करना मुश्किल होता है। मिका के मुताबिक, कई कंपनियां अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए इनके जरिये अपने ब्रांड की अच्छी इमेज बनाती हैं, वहीं कुछ इनकी मदद से अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों की साइट्स पर बुरे रिव्यू लिखवाती हैं। बकौल मिका, पूरा खेल पैसों का है। यात्रा स्थलों, होटल, सेवा प्रदाताओं और उपभोक्ता उत्पादों के लिए ऑनलाइन रिव्यू आज एक बड़ा बिजनेस बन गया है।

ये तकनीक की तैयार
रिव्यू तैयार करने वालों को निशाने पर लाने में मदद करने के लिए मिका और उनकी टीम ने एक तकनीक का प्रयोग किया। इसे न्यूरल मशीन ट्रांसलेशन नाम दिया। इसके जरिये शोधकर्ताओं ने मॉडल को विषय की समझ दी। इसमें रिव्यू रेटिंग, रेस्तरां का नाम, शहर, राज्य और फूड टैग्स का प्रयोग कर विश्वसनीय परिणाम सामने आए। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके जरिये असली और फर्जी रिव्यू को अलग-अलग किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने बताया था तरीका
वर्ष 2017 में अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के शोधकर्ताओं ने एक मशीन को प्रशिक्षित करने वाले मॉडल के बारे में दिखाया था। इसमें एक डीप न्यूरल नेटवर्क के लिए येल्प पर मौजूद 30 लाख रेस्तरां की रेटिंग के डाटा का प्रयोग किया गया। शोधकर्ताओं ने दिखाया कि कैसे मशीन को प्रशिक्षण देने के बाद अक्षर-दर-अक्षर फेक रिव्यू लिखवाया जा सकता है। हालांकि इसमें कुछ त्रुटियां थीं, जिसे पढ़ने वाले आसानी से पकड़ सकते थे। जैसे कि यह मशीन जब लास वेगास स्थित किसी जापानी रेस्तरां का रिव्यू लिखती तो उसके लिए बाल्टीमोर के इतालवी रेस्तरां का हवाला लेती। इन्हें आसानी से पकड़ा जा सकता था। इसी से शोधकर्ताओं को इससे निपटने का रास्ता सूझा।

सौर मंडल के बाहर ग्रहों को खोज रहे सेटेलाइट ने पहली बार भेजीं तस्वीरें

 सौर मंडल के बाहर स्थित ग्रहों (एक्सोप्लैनेट) की खोज के लिए भेजे गए नासा के सेटेलाइट ने पहली तस्वीरें पृथ्वी पर भेजी हैं। इन तस्वीरों में दक्षिणी आसमान में मौजूद तारों के झुंड और अन्य खगोलीय पिंड दिख रहे हैं। द ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सेटेलाइट (टीईएसएस) ने गत सात अगस्त को अपने चार कैमरों की मदद से करीब आधे घंटे में ये तस्वीरें उतारी थीं।


अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुख्यालय में एस्ट्रोफिजिक्स विभाग के निदेशक पॉल ह‌र्ट्ज ने कहा, 'सितारों की दुनिया में घूमते हुए टीईएसएस आगे के अध्ययन के लिए कई संभावित ग्रहों की खोज करेगा। इन तस्वीरों को देखकर सेटेलाइट के कैमरों की क्षमता का पता लग गया है। आने वाले समय में हमें दूसरी पृथ्वी भी मिल सकती है।' इन तस्वीरों में तारों के कई समूह जैसे कैप्रीकार्नस व पिक्टर के कुछ हिस्से और हमारी आकाशगंगा के नजदीक मौजूद अन्य गैलेक्सी भी दिख रही हैं।

केपलर यान के बाद नासा ने एक्सोप्लैनेट की खोज के लिए टीईएसएस को बीते अप्रैल में लांच किया था। अपने दो साल के अभियान में टीईएसएस का लक्ष्य 30 से 300 प्रकाश वर्ष दूर स्थित चमकीले तारों का अध्ययन करना है।

चुनाव में पारदर्शिता लाने के लिए बांग्लादेश में अगला आम चुनाव ईवीएम से

 बांग्लादेश में दिसंबर में होने वाला आम चुनाव ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से कराने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री शेख हसीना की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राष्ट्रीय आर्थिक परिषद की कार्यकारी समिति की बैठक में करीब 50 करोड़ डॉलर से डेढ़ लाख ईवीएम खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

योजना मंत्री एएचएम मुस्तफा कमान ने कहा कि इससे चुनाव में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके सहयोगी दल चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल का विरोध कर रहे हैं।

उनका मानना है कि ईवीएम के जरिये गड़बड़ी की जा सकती है। चुनाव आयोग के सचिव हिलाल उद्दीन अहमद ने अगस्त में कहा था कि आम चुनाव दिसंबर के तीसरे हफ्ते में कराए जा सकते हैं क्योंकि प्रधानमंत्री हसीना का कार्यकाल अगले साल जनवरी में समाप्त हो रहा है।

रबी सम्मेलन में दलहन व तिलहन की पैदावार बढ़ाने पर सरकार का होगा जोर

 मानसून की अच्छी बारिश को देखते हुए आगामी रबी सीजन की फसलों के लिए बहुत अच्छा होगा। मिट्टी में पर्याप्त नमी और अनुकूल जलवायु के बीच रबी सीजन की तैयारी के साथ सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा की रणनीति पर भी चर्चा होगी। 18 और 19 सितंबर को होने वाले रबी सम्मेलन में दलहन व तिलहन की पैदावार बढ़ाने पर सरकार का जोर होगा। इस सम्मेलन में सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों व सचिवों के हिस्सा लेने की संभावना है।


बीते फसल वर्ष में शानदार पैदावार हुई है, जबकि चालू खरीफ सीजन में मानसून की अच्छी बारिश के चलते बुवाई रकबा मे वृद्धि हुई है। बंपर पैदावार की भी उम्मीद बढ़ गई है। आगामी रबी सीजन की तैयारियों में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है। संसदीय चुनाव का साल होगा, जिसमें किसानों को भरपूर लाभ देने की कोशिश की जाएगी। देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी रबी सीजन का उत्पादन बहुत अच्छा होना चाहिए।

इन्हीं उम्मीदों के बीच केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों को इसकी तैयारियों को समय से अंजाम देने के लिए आगाह कर दिया है। महीने भर पहले ही सभी राज्यों को अपनी तैयारियों के लिए जरूरी वस्तुओं की आवश्यकता की सूची तैयार करने और उसे पूरा करने का हिदायत दी गई है।

सम्मेलन में सभी राज्यों की ओर से खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य जरूरी सामान का ब्यौरा रखा जाएगा। कृषि मंत्रालय इसके लिए संबंधित एजेंसियों और मंत्रालयों को बुवाई शुरु होने से पहले राज्यों को निश्चित अवधि में आपूर्ति करने का निर्देश देगी।

सम्मेलन के लिए तैयार एजेंडा में दलहन की पैदावार को बढ़ाने की रणनीति पर विचार होगा। इसमें धान की कटाई के बाद लाखों हेक्टेयर जमीन परती छोड़ दी जाती है, जो अगले सीजन तक खाली पड़ी रहती है। जिन राज्यों में इस तरह की परती जमीन छोड़ी जाती है, उन्हें पर्याप्त मदद मुहैया कराई जाएगी, ताकि उन्हें दलहन फसलों की बुवाई हो सके। ऐसी जगहों पर स्थित कृषि विज्ञान केंद्रों को पहले से ही सचेत कर दिया गया है, जिससे वहां दलहन की बुवाई का बंदोबस्त करने से किसान न हिचके।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में दलहन को काफी तरजीह देने पर विचार किया जाएगा। फसलों के बीच में तिलहन की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अपनी आधुनिक तकनीक को सम्मेलन में राज्यों के समक्ष रखेगा, ताकि किसान उसका फायदा उठा सकेंगे।

मिट्टी की उर्वरता, खेतों में संतुलित खाद का प्रयोग, उन्नत बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पहले दिन केंद्रीय कृषि आयुक्त अपनी ओर से एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद राज्यों के सचिवों का समूह गठित किया जाएगा, जो विभिन्न फसलों पर चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

यूजीसी ने किया शिक्षा में बदलाव, सिर्फ शपथ पत्र पर मिलेगी ओपेन कोर्स चलाने की अनुमति

  मुक्त और दूरस्थ शिक्षा के सख्त नियमों में उलझे उच्च शिक्षण संस्थानों को यूजीसी ने बड़ी राहत दी है। ऐसे संस्थानों को नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) रैंकिंग की शुरुआती बाध्यता से मुक्त रखते हुए सिर्फ एक शपथ पत्र पर ही मुक्त और दूरस्थ पाठ्यक्रमों को चलाने की अनुमति देने का फैसला लिया है। हालांकि ऐसे संस्थानों को अनुमति मिलने के दो साल के भीतर नैक की रैकिंग हासिल करना जरूरी होगा अन्यथा इन्हें दी गई अनुमति रद्द कर दी जाएगी। अभी तक उच्च शिक्षण संस्थानों को इन पाठ्यक्रमों को शुरु करने के लिए पहले नैक की रैकिंग हासिल करनी जरूरी थी, जो कि नए संस्थानों के लिए संभव नहीं था।


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षण संस्थानों की इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए मुक्त और दूरस्थ शिक्षा के चलाए जाने वाले पाठ्यक्रमों के लिए तय नियमों में बदलाव किया है। वर्ष 2017 में इनके लिए बनाए गए नियमों के बाद से यह तीसरा बदलाव है।

उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक की शुरुआती बाध्यता से किया मुक्त

यूजीसी ने मुक्त और दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रमों की अनुमति के लिए जो नियम तैयार किए थे, उसके तहत यह अनुमति पांच साल पुराने और नैक की रैकिंग ( औसत रैकिंग 3.26) हासिल करने वाले संस्थानों को ही मिल सकती थी। ऐसे में संस्थानों के लिए सबसे कठिन नैक की रैकिंग हासिल करना होता था, क्योंकि इसके लिए उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर सहित वह जरूरी मापदंड हासिल करना जरूरी होता था, जो वह कोर्स शुरू करने से पहले नहीं जुटा पाते थे।

संस्थानों का तर्क रहता था कि वह किस आधार पर जरूरी मापदंड जुटाए, जब उनके यहां छात्रों का अभी कोई नामांकन ही हुआ है। संस्थानों से इसके तहत चार अक्टूबर तक आवेदन भी करने को कहा है।

यूजीसी ने इसके साथ ही मुक्त और दूरस्थ कोर्सो को चलाने वाले संस्थानों के लिए कुछ नए मापदंड भी तय किए है, इसके तहत संस्थानों को प्रत्येक सौ छात्रों पर उस विषय से संबंधित एक योग्य परामर्शक की नियुक्ति को जरूरी बताया है।

इसके अलावा प्रयोगशाला, पुस्तकालय, ऑन-लाइन संपर्क तथा सूचना एवं संचार प्रोद्यौगिकी सुविधाओं को छात्रों की संख्या के अनुपात में जुटाने को जरूरी बताया है। वहीं नए नियमों के तहत मुक्त विश्वविद्यालयों को इससे अलग रखा गया है।

आंगनबाड़ी और आशा वर्करों को मुफ्त बीमे की सुविधा जल्द

 आंगनबाड़ी और आशा वर्करों को जल्द ही मुफ्त जीवन बीमा और दुर्घटना बीमे की सुविधा मिलेगी। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने सोमवार को यह एलान विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार और राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार वितरित करने के दौरान की। इस दौरान गंगवार ने वर्ष 2016 के लिए 28 विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार और 128 राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार बांटे।


आंगनबाड़ी और आशा वर्करों को यह दोनों सुविधाएं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमबीएसवाई) के तहत मिलेंगी। दोनों में दो लाख रुपये के बीमे की सुविधा प्रदान की जाती है। एक आम उपभोक्ता के लिए पीएमजेजेवाई का प्रीमियम जहां एक साल में 330 रुपये हैं वहीं पीएमबीएसवाई का प्रीमियम मात्र 12 रुपये है।

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने देश की 14 लाख आंगनबाड़ी वर्करों का मानदेय 3,000 हजार से 4,500 करने का एलान किया था जबकि उनके सहायकों का मानदेय 1,500 से बढ़ाकर 2,250 रुपये करने की बात कही थी। 10 लाख आशा वर्करों का भी मानदेय बढ़ाया गया था।

पीएम नरेंद्र मोदी आज वाराणसी को देंगे 557 करोड़ रुपये का रिटर्न गिफ्ट

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कल अपना 68वां जन्मदिन मनाया है। अब बारी रिटर्न गिफ्ट देने की है। वाराणसी के बीएचयू में आज प्रधानमंत्री मोदी अपने संसदीय क्षेत्र को 557 करोड़ रुपये का रिटर्न गिफ्ट देंगे। इस कार्यक्रम की उलटी गिनती शुरु हो गई है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 68वां जन्मदिन मनाने दो दिवसीय वाराणसी प्रवास पर है। आज उनका कार्यक्रम बीएचयू में है। यहां के एम्फीथियेटर मैदान में वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके साथ ही 557 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने कल रात्रि प्रवास डीरेका गेस्ट हाउस में किया। बीएचयू की सभा के बाद पीएम मोदी वाराणसी से रवाना हो जाएंगे।

करेंगे लोकार्पण
-362 करोड़ : शहरी विद्युत सुधार कार्य, पुरानी काशी (आइपीडीएस)
-84.61 करोड़ : 3722 मजरो में विद्युतीकरण का काम
-9.90 करोड़ : सिंगल फेज के 90 हजार मीटर लगाने का काम
-2.80 करोड़ : 33 केवी विद्युत उपकेंद्र बेटावर का निर्माण
-2.58 करोड़ : 33 केवी विद्युत उपकेंद्र कुरुसातो का निर्माण
-2.74 करोड़ : नागेपुर ग्राम पेयजल योजना
-20 करोड़ : बीएचयू में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर।

रखेंगे आधारशिला
-14.10 करोड़ : बीएचयू में वैदिक विज्ञान केंद्र की स्थापना
-34 करोड़ : रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ आफ्थेल्मोलाजी
-23.08 करोड़ : 132 केवी विद्युत उपकेंद्र चोलापुर का निर्माण।
-98 लाख : कुंभकारी उद्योग के तहत 260 विद्युत चालित चाक, आधुनिक भट्ठी
-53.25 लाख : हनी मिशन के तहत 500 मधुमक्खी बॉक्स
- 7.50 लाख : खादी व सोलर वस्त्र के अंतर्गत 3 रेडीबार्प मशीन।

पीएम मोदी तीनों सेनाओं की संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस को आज जोधपुर में संबोधित करेंगे

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 सितम्बर को तीसरी बार तीनों सेनाओं की संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस को जोधपुर में संबोधित करेंगे। कांफ्रेंस में तीनों सेनाओं के प्रमुख सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोवा और नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा शामिल होंगे।


सूत्रों के मुताबिक, सेनाओं में एकीकरण के मुद्दों पर अध्ययन कराया गया था, लेकिन जैसा सोचा गया इस दिशा में वैसी प्रगति नहीं हो सकी। वही दूसरी ओर भविष्य की जरुरत को समझते हुए स्पेस और गुप्त युद्धों के लिए यूनिफाइड कमांड की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।

यूनिफाइड कमांड के अलावा जम्मू कश्मीर में एलओसी की संवेदनशीलता, नॉर्थ ईस्ट से लेकर जम्मू कश्मीर तक फैली सीमा, आर्मड फोर्स में कम से कम दुर्घटना, सामरिक महत्व के हथियारों की जरूरत और उन्हें लगाने के क्षेत्र, आर्मी कमांडर और कोर कमांडरों की क्षेत्रवार रिपोर्ट, आतंकवादी गतिविधियों पर सेना का रुख, सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुडे़ मामले और सोशल मीडिया से जुड़े मसलों पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

बता दें कि अक्टूबर 2014 में पहली संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सलाह दी थी कि कमांडर कांफ्रेंस दिल्ली के अलावा सरहद पर फॉरवर्ड पोस्ट और समंदर में भी होनी चाहिए। इसी का नतीजा था कि दिसंबर 2015 में कमांडर कांफ्रेंस नौसेना के विमान वाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रमादित्य में हुई। वही 2017 में इसका आयोजन देहरादून में इंडियन मिलिट्री अकेडमी में किया गया था। इस बार इसका जिम्मा वायुसेना ने उठाया है।

एशिया कप 2018: लगातार दो दिन भारत का मैच समझ से परे

 भारत अपने अभियान की शुरुआत न सिर्फ एशिया कप जीतने के लिए करना चाहेगा बल्कि वह इंग्लैंड दौरे की निराशा को पीछे छोड़ते हुए अपने प्रशंसकों के दिल भी जीतना चाहेगा। इंग्लैंड दौरे से अपेक्षाएं ज्यादा थीं, लेकिन परिणाम इसके अनुरूप नहीं रहा। एशिया कप में एक मजबूत प्रदर्शन से चीजों को फिर से ठीक करने और प्रशंसकों का दिल जीतने में मदद मिलेगी।


पाकिस्तान के खिलाफ मुश्किल जंग से पहले हांगकांग के खिलाफ पहला मैच एक अच्छा वार्म अभ्यास मैच साबित हो सकता है। हालांकि यह समझ से परे है कि आयोजकों ने लगातार दो दिन भारत के मैच का कार्यक्रम तय किया। वह भी दूसरा मैच पाकिस्तान से।

क्वालीफाइंग राउंड में कड़ा मुकाबला करने के बाद हांगकांग यहां तक पहुंचा है। पहले मैच में हालांकि पाकिस्तान ने उन्हें आसानी से हरा दिया और अब भारत के खिलाफ वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगे।भारतीय टीम में युवा और अनुभवी खिलाडि़यों का अच्छा मिश्रण है और उनके कप्तान रोहित शर्मा को 50 ओवरों का प्रारूप काफी पसंद है। उनकी निगाहें अपने रिकॉर्ड में कम से कम दो शतक और जोड़ने पर होगी।

वह भाग्यशाली हैं कि मुश्किल समय में मार्गदर्शन के लिए उनके साथ महेंद्र सिंह धौनी हैं। धौनी का अनुभव सच में बेशकीमती है और जिस ढंग से युवा स्पिनर्स को वह गाइड करते हैं, शानदार है।

भारतीय बल्लेबाजी टीम का प्रमुख आकर्षण है, लेकिन इस बार उनकी गेंदबाजी में भी काफी विविधता है। दो कलाई के स्पिनर युजवेंद्रा सिंह चहल और कुलदीप यादव अपने-अपने स्टाइल से नियमित तौर पर विकेट ले रहे हैं और जिस ढंग से वे एक-दूसरे की सफलता में खुश होते हैं। वह 70 के दशक में भारतीय स्पिनरों की याद दिलाते हैं।

आमतौर पर भारत पहले बल्लेबाजी करना चाहेगा क्योंकि इससे उनके बल्लेबाजों को क्रीज पर समय बिताने का मौका मिल जाएगा मगर उन्हें अगले दिन पाकिस्तान से मैच खेलना है, ऐसे में वे मैच को जल्दी खत्म कर अपनी ऊर्जा बचाना चाहेंगे। ऐसा करने के लिए उन्हें टॉस जीतना होगा। यह देखना रोचक होगा कि टॉस के मामले रोहित विराट कोहली से ज्यादा भाग्यशाली रहते हैं या नहीं।

चीन के साथ नेपाल का दूसरा सैन्य अभ्यास आज से

 नेपाल और चीन के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास का दूसरा संस्करण आज से चीन के दक्षिण पश्चिम सिचुआन प्रांत में शुरू होगा। इसमें आतंकवाद से मुकाबला करने के तरीके पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा। नेपाली सेना के प्रवक्ता गोकुल भंडारी ने बताया कि नेपाल के 12 सैन्यकर्मी 12 दिवसीय 'माउंट एवरेस्ट मैत्री अभ्यास' के दूसरे संस्करण में भाग लेने के लिए चीन जाएंगे। इस अभ्यास में मुख्य रूप से आतंकवाद विरोधी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह दूसरी बार होगा जब नेपाली सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग लेगी। इस तरह का पहला अभ्यास पिछले साल अप्रैल में आयोजित किया गया था।

नेपाल पिछले 13 वर्षों से भारतीय सेना के साथ 'सूर्य किरण' नामक बटालियन स्तर का अभ्यास कर रहा है। इसमें दोनों पक्षों से लगभग 300 सैन्यकर्मी हिस्सा लेते हैं। नेपाल और चीन के रक्षा बलों ने हाल के वर्षों में अपना सहयोग बढ़ाया है।

जर्मनी, इटली के दौरे पर ममता, राज्य में निवेश आकर्षित करना है लक्ष्य

 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार को 13 दिवसीय जर्मनी और इटली के दौरे पर रवाना हुईं। इस दौरे का उद्देश्य राज्य में निवेश आकर्षित करना है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री अमित मित्रा, वित्त सचिव एचके द्विवेदी और मुख्य सचिव मलय दे सुबह 9.45 बजे जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर के लिए रवाना हुए। वहां पांच दिन व्यतीत करने के बाद सीएम इटली के मिलान शहर जाएंगी। उनके 28 सितंबर को महानगर लौटने की संभावना है।

विदेश दौरे पर रवाना होने से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में सुश्री बनर्जी ने कहा कि मुझे उद्योगपतियों, व्यापारियों और दो यूरोपीय देशों की सरकार द्वारा आमंत्रित किया गया था। इस वर्ष बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के दौरान वहां के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य का दौरा किया था।

मेरा फ्रैंकफर्ट और मिलान का दौरा राज्य में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से है। सीएम उक्त दोनों शहरों में विभिन्न उद्यगपतियों से मुखातिब होंगी। उन्होंने कहा कि पोलैंड से भी निमंत्रण मिला था जहां बिजली मंत्री शोभनदेव चटर्जी ने हाल ही में दौरा किया था और आइटी सचिव देवाशिष सेन जल्द ही अमेरिका में सिलिकॉन वैली का दौरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इस तरह की यात्राओं से फायदा होता है क्योंकि इससे राज्य में अधिक निवेश आता है। ममता ने कहा कि अपनी अनुपस्थिति में कामकाज देखने के लिए मैंने मंत्रियों व अधिकारियों की दो कमेटियों का गठन किया है

कक्षा में पहुंचे पीएसएलवी-42 से छोड़े गए दोनों ब्रिटिश सेटेलाइट, जानिए- क्या है इसकी खासियत

 

इसरो द्वारा रविवार को छोड़े गए दोनों ब्रिटिश सेटेलाइट ('नोवा एसएआर' और 'एस1-4') कक्षा में पहुंच गए। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से इसरो ने अपने कैरियर पोलर सेटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी-42) से इन्हें अंतरिक्ष में भेजा। इसरो ने 12 अप्रैल को लांच किए गए आइएनआरएसएस-11 के बाद कोई सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेजा है। अब तक इसरो 29 देशों के 237 सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेज चुका है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता के लिए इसरो को ट्वीट कर बधार्इ दी है।

इसके लिए 33 घंटे के काउंटडाउन की शुरुआत शनिवार दोपहर एक बजकर आठ मिनट से हुई। इस मिशन में दो सेटेलाइट 'नोवा एसएआर' और 'एस1-4' को अंतरिक्ष में स्थापित किया जाना है। इनका संयुक्त वजन 800 किलोग्राम से अधिक है।

रविवार रात 10.08 बजे चार चरणों वाला यह सेटेलाइट श्रीहरिकोटा से छोड़ा गया। पहला स्टेज दो मिनट बाद अलग हुआ और चौथा चरण उड़ान के 17 मिनट बाद अलग हुआ। इसरो चेयरमैन के शिवन ने बताया किसेटेलाइट उड़ान के17 मिनट 44 सेकेंड बाद अलग हुआ और 583 किलोमीटर दूर कक्षा में स्थापित हो गया। ब्रिटेन के सरे सेटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड के इन दोनों सेटेलाइट का कुल वजन 889 किलोग्राम है। इन्हें इसरो की कामर्शियल विंग एंट्रिक्स कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा भेजा गया है।

445 किलोग्राम वजनी 'नोवा एसएआर' एक एस-बैंड सिंथेटिक अपर्चर रडार सेटेलाइट है, जो वनों की मैपिंग, बाढ़ और आपदा की मॉनीट¨रग का काम करेगा। जबकि 444 किलोग्राम वजनी 'एस1-4' एक हाई रेजोल्यूशन ऑप्टिकल अर्थ ऑब्जर्वेशन सेटेलाइट है, जो स्त्रोतों के सर्वे, पर्यावरण मॉनीटरिंग, अर्बन मॉनीटरिंग और आपदा मॉनीटरिंग का काम करेगा।

इलाहाबाद कुंभ : किन्नर संन्यासी बिखेरेंगे वैभव, अखाड़ा पर पेंच

 संगमनगरी इलाहाबाद में जनवरी 2019 में पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना व अदृश्य सरस्वती की मिलन स्थली संगम तट पर त्याग, श्रद्धा व समर्पण का प्रतीक कुंभ मेला लगेगा। इसी के साथ संगम तीरे तंबुओं की नगरी आबाद हो जाएगी। इस बार कुंभ में किन्नर संन्यासी भी वैभव बिखरेंगे।


मोक्ष की आस में संत-महात्माओं के साथ लाखों श्रद्धालु रेती में धूनी रमाकर भजन कीर्तन में लीन रहेंगे। प्रयाग की उसी पवित्र धरा पर पहली बार किन्नर संन्यासी भी आने की तैयारी कर रहे हैं। अन्य संत-महात्माओं से इतर स्वयं की पहचान बनाने के लिए किन्नर संन्यासियों ने स्वयं का 'अखाड़ा' बनाया है। मेला प्रशासन से 13 अखाड़ों की भांति किन्नर अखाड़ा ने जमीन व सुविधा मांगी है, परंतु पेंच अखाड़ा को लेकर फंस गया है। मेला प्रशासन उन्हें किसी संस्था के नाम पर सुविधा मुहैया कराने को तैयार है, परंतु अखाड़ा नाम से न तो भूमि आवंटित करेगा, न ही सुविधा देगा। किन्नर की तरह महिलाओं के परी अखाड़ा को भी तवज्जो नहीं दी जाएगी। ऐसा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के विरोध के चलते हुआ है।

अखाड़ा परिषद धार्मिक परंपराओं का हवाला देते हुए सिर्फ 13 अखाड़ों को मान्यता देता है। इसके इतर किसी 14वें समूह को अखाड़ा की मान्यता नहीं मिली है। किन्नरों से पहले यहां महिलाओं का परी अखाड़ा भी बना था, उसे भी अखाड़ा परिषद ने मान्यता नहीं दी। इसके चलते विवाद से बचने के लिए मेला प्रशासन ने माघ मेला 2017 में किन्नरों को अखाड़ा के नाम पर जमीन व सुविधाएं नहीं दी थी।

अब कुंभ में भी किन्नर संन्यासियों को अखाड़ा के नाम पर किसी को जमीन व सुविधा नहीं देने का निर्णय लिया है। कुंभ मेला प्रशासन का कहना है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की जो परंपराएं और मान्यताएं हैं उससे इतर कोई काम नहीं किया जाएगा। अखाड़ा परिषद जिसे कहेगा उसी को उनके अनुरूप जमीन व सुविधाएं दी जाएंगी।

एक रिपोर्ट में हुआ खुलासा- अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार को बिगाड़ सकता है जल सकंट

 विश्व बैंक की जलवायु परिवर्तन, जल एवं अर्थव्यवस्था पर एक रिपोर्ट ‘हाइ एंड ड्राइ क्लाइमेट चेंज, वाटर एंड द इकोनोमी’ में कहा गया है कि जल संकट के कारण अधिकांश देशों के आर्थिक विकास की गति थम सकती है। साथ ही इससे लोगों के विस्थापित होने की दर में वृद्धि हो सकती है। यह समस्या की चपेट में तकरीबन पूरी दळ्निया के आने की आशंका जताई गई है। दरअसल जलवायु परिवर्तन से जल संकट बढ़ रहा है। बढ़ती जनसंख्या, लोगों की बढ़ती आमदनी और शहरों के विस्तार से पानी की मांग में भारी बढ़ोतरी होने वाली है, जबकि जल आपूर्ति की कोई ठोस व्यवस्था कहीं नहीं है।


भारत में पानी की भयावह किल्लत
भारत के संदर्भ में इस रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि यहां भी लोगों को पानी की भीषण किल्लत का सामना करना पड़ेगा। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि भारत में औसत से कम बारिश होने पर संपत्ति से जुड़े झगडों में हर साल अमूमन चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। कई मामलों में देखा गया है कि बाढ़ आने पर दंगे भी होते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि गुजरात में जब जमीन के नीचे पानी का स्तर गिरने से सिंचाई की जरूरतों के लिए पानी को हासिल करना महंगा हो जाएगा तो किसान फसल प्रणाली में बदलाव करने के बजाय या फिर पानी के बेहतर उपयोग का रास्ता अपनाने के बजाय शहरों की ओर पलायन कर सकते हैं। विश्व बैंक के इस हालिया आकलन के मुताबिक भूमिगत जल की पंपिंग का भारत के कुल कार्बन उत्सर्जन में चार से छह प्रतिशत तक का योगदान है। विशेषज्ञों ने इस रिपोर्ट में आशंका जताई है कि जल संकट आर्थिक वृद्धि और विश्व की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है और जलवायु परिवर्तन इस समस्या को और भी ज्यादा बढ़ा रहा है।

World Sepsis Day 2018, here are common symptoms and effects of the disease

 Sepsis is the body’s response to an infection that affects tissues and organs. It can, however, be treated in the early stages. It currently causes approximately six to nine million deaths worldwide every year, most of which are preventable (source: WorldSepsisDay.org). Sepsis also causes maternal and neonatal morbidity and mortality in low- and middle-income countries and affects hospitalised patients in high-income countries.


September 13th marks World Sepsis Day, and events are held to raise awareness of sepsis all over the world. It can range from medical education, to sports activities and fundraising events.

The most common causes for sepsis can include pneumonia, as well as kidney infection and bloodstream infection. The common symptoms of sepsis includes fever above 38ºC or temperature below 36ºC, heart rate higher than 90 beats per minute and a breathing rate higher than 20 breaths per minute. Signs can include patches of discoloured skin, decreased urination, low platelet count, breathing problems, abnormal heart function, extreme weakness and septic shock.

All railway tracks to be electrified

 Over 13,600 route km to benefit

The Cabinet Committee on Economic Affairs on Wednesday approved the proposal for electrification of the remaining 13,675 route km of railway tracks at an estimated cost of over ₹12,134 crore, converting the entire railway network into electric.

The last leg of unelectrified broad-gauge routes comprises 108 sections covering 13,675 route km, or 16,540 track km, an official statement said, adding that the electrification is likely to be completed by 2021-22.

“We have electrified about 46% of routes. The work is on for electrification of about 20,000 km of routes, after which about 78% of Indian Railways will be electrified. Today [Wednesday], the Cabinet has approved 13,675 km of remaining routes at the cost of ₹12,134 crore,” Railway Minister Piyush Goyal said after the meeting, which was chaired by Prime Minister Narendra Modi.

The government expects the approved electrification to generate direct employment of about 20.4 crore man-days during the period of construction.

The major trunk routes on the Indian Railways network have already been electrified and are operational, the government said, adding that the proposed electrification — mainly for missing links and last mile connectivity, will increase the operational efficiency, enhance the line capacity and improve the average speed of trains.

“The approved electrification will reduce the use of imported fossil fuels, thereby improving energy security to the nation. After the planned electrification, there would be reduction in the consumption of high speed diesel oil by about 2.83 billion litres per annum and a reduction in GHG emissions,” it added.

ISSF World Shooting Championships: Two more junior gold medals for India

 Udhayveer Singh, all of 16, shone bright with an individual gold in the junior men’s 25m pistol event after spearheading India to the team gold in the World Shooting Championships in Changwon on Thursday.


Singh shot a score of 587 (291 in precision and 296 in rapid) in the individual competition to grab the gold ahead of American Henry Leverett (584) and Korean Lee Jaekyoon (582).

Compatriot Vijayveer Sidhu finished fourth with a score of 581, while Rajkanwar Singh Sandhu took the 20th spot with a score of 568.

The trio’s combined score of 1736 fetched the team gold for India followed by China, which totalled 1730. The bronze medal went to Team Korea, which shot a score of 1721.

In the senior competition, Sheeraz Sheikh was the best-placed Indian at eighth after day one of the men’s skeet qualification with a score of 49.

Angad Vir Singh was 69th after shooting 47, while Mairaj Ahmed (41) was further down at 79th.

The Indian team, comprising the trio, was 16th in the overall standings with a score of 137.

There were no medals for India in the 25m centre fire pistol event with Gurpreet Singh managing the 10th spot with a score of 581, followed by London Olympics silver-medallist Vijay Kumar.

Kumar tallied 576 to end a disappointing 24th. A spot behind him was Commonwealth Games gold-medallist Anish Bhanwala, who shot the same score but had lesser inner-10s to his credit.

The team signed off fourth with a score of 1733.

India are placed fourth in the medals tally with nine gold, eight silver and seven bronze medals for a total of 24, making this their best performance in the International Shooting Sport Federation’s showpiece.

The country has managed to clinch two Olympic quota places from the first qualifying event for Tokyo 2020 Games

एशिया कप: 23 साल बाद मेजबानी करेगा यूएई, अब तक वहां भारत ही बना चैम्पियन

 दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में सभी मैच खेले जाएंगे

भारतीय टीम अब तक यहां एक भी वनडे नहीं खेली

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में 15 सितंबर से 14वां एशिया कप क्रिकेट खेला जाएगा। मेजबान के तौर पर 23 साल बाद यूएई की वापसी हुई है। वहीं, हॉन्गकॉन्ग की टीम 10 साल बाद इस टूर्नामेंट में खेलेगी। वह इससे पहले दो बार हिस्सा ले चुकी है। भारत 13वीं बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा। 1986 में श्रीलंका में हुए दूसरे एशिया कप में भारत ने भाग नहीं लिया था।

यूएई 1984 में खेले गए पहले एशिया कप का मेजबान था। उसके बाद यहां 1995 में भी टूर्नामेंट का आयोजन हुआ। हालांकि, यूएई दोनों बार टूर्नामेंट नहीं खेल सका था। वह पहली बार 2004 और उसके बाद 2008 में खेला था। दोनों बार ग्रुप दौर में बाहर हो गया। इस बार के सारे मुकाबले दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसकी दर्शक क्षमता 25 हजार है। इस स्टेडियम में पहला वनडे मैच 2009 और फिर 2017 में हुआ था। भारतीय टीम अब तक यहां कोई मैच नहीं खेली।

5 बार मेजबानी के बावजूद बांग्लादेश नहीं जीता टूर्नामेंट: मेजबानी के मामले में बांग्लादेश सबसे आगे है। वह पांच बार मेजबान बन चुका है, लेकिन कभी टूर्नामेंट नहीं जीत पाया। 2016 में वह फाइनल तक पहुंचा, लेकिन भारत ने उसे हरा दिया। भारतीय टीम मेजबानी के मामले में बहुत पीछे है। उसने 1990 के बाद से इस टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की। तब वह ईडन गार्डन्स में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को सात विकेट से हराकर तीसरी बार चैम्पियन बना था।

अंतरिक्ष में इतिहास रचने को तैयार इसरो, अमेरिका-रूस को मिलेगी कड़ी टक्‍कर

 अंतरिक्ष विज्ञान में लगातार नए आयाम गढ़ता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जल्‍द ही अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और ऊंची छंलाग लगाने वाला है। इसरो की यह पूर्ण रूप से व्यावसायिक उड़ान होगी। इसके साथ कोई भी भारतीय उपग्रह नहीं भेजा जाएगा। इसकी शुरुआत 16 सितंबर, 2018 को होगी, जब भारतीय राकेट श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से दो ब्रिटिश उपग्रहों के साथ उड़ान भरेगा। इस कामयाबी के साथ ही भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जिसके पास विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्‍थापित करने या भेजने की अपनी तकनीक मौजूद है। क्‍या है ब्रिटिश उपग्रहों की खूबियां। आखिर ये उड़ान भारत के लिए कितनी बड़ी उपलब्धि होगी। अंतिरक्ष के वाणिज्यिक उपयोग में भारत की कितनी हिस्‍सेदारी है। आगे इसरो के लिए क्‍या चुनौतियां होंगी। इन तमाम अनछुए पहलुओं को उकेरती ये रिपोर्ट।


ब्रिटिश उपग्रहों की खूबिंया

1-16 सितंबर, 2018 को इसरो अपने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान PSLV C-42 दो ब्रिट्रिश उपग्रह- नोवासार और एस 1- 4 को धरती की कक्षा में स्‍थापित करेगा।

2- 450 किलोग्राम वजन के इन उपग्रहों का निर्माण ब्रिट्रिश कंपनी सर्रे सैटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड (एसएसटीएल) ने किया है।

3- इस बाबत भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन की वाणिज्यिक इकाई एन्ट्रिक्‍स कोर्पोरेशन लिमिटेड से इसके प्रक्षेपण का करार हुआ था।

4- उपग्रह नावासार एक तकनीक प्रदर्शन उपग्रह मिशन है। इसमें कम लागत वाला एस बैंड सिंथेटिक रडार भेजा जाएगा। इसे धरती से 580 किलोमीटर ऊपर सूर्य की समकालीन कक्षा (एसएसओ) में स्‍थापति किया जाएगा।

5- उपग्रह एसन 1-4 एक भू-अवलाकेन उपग्रह है, जो एक मीटर से भी छोटी वस्‍तु को अंतरिक्ष से देख सकता है। ये उपग्रह एसएसटीएल के अंतरिक्ष से भू अवलोकन की क्षमता को बढ़ाएगा।

6- इसरो की यह पूर्ण रूप से व्यावसायिक उड़ान होगी। खास बात यह है कि इसके साथ कोई भी भारतीय उपग्रह नहीं भेजा जाएगा।

11 वर्ष पूर्व छोटे उपग्रहों के लिए इसरो की उड़ान
इससे पहले 23 अप्रैल, 2007 को इसरो ने पहली बार व्‍यावसायिक उद्देश्‍य के लिए राकेट लांच किया था। लेकिन PSLV C-A ने इटली के खगोलिय उपग्रह AGILE को प्रक्षेपित किया था। इसके बाद 10 जुलाई 2015 को इसरो ने एक और उपलब्धि हासिल की जब उसने PSLV C-28 से पांच ब्रिट्रिश उपग्रहों को एक साथ प्रक्षेपित किया, जिसका कुल वजन एक हजार 439 किलोग्राम था। इसरो अब तक 28 देशों के 237 विदेशी उपग्रहों को प्रक्षेपण कर चुका है। इसके साथ इसरो लगातार अपनी क्षमता और तकनीक को बढ़ाने में जुटा है, ताकि इसके जरिए ज्‍यादा से ज्‍यादा वाणिज्यिक उपग्रहों को लांच कर सके और उसे बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा कमाई हो सके।

इसरो की चुनौती
इसरो ने अपनी स्‍थापना के बाद से ही देश को अंतिरक्ष के क्षेत्र में कई ऐसे मकाम दिए है, जिससे भारत की शक्ति का लोहा पूरी दुनिया ने माना है। लेकिन ये कदम अब व्यावसायिक क्षेत्र में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन अभी भी ऐसी कई ऐसी चुनौतियां हैं, जिनसे इसराे को पार पाना होगा।

1- उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में भारत की हिस्‍सेदारी
दुनिया में उपग्रह प्रक्षेपण का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। भारत इसराे के जरिए इस बाजार की संभावनाओं को न स‍िर्फ तलाश रहा है, बल्कि सफलतापूर्वक अपने कदम लगातार आगे बढ़ा रहा है। हालांकि, भारत की हिस्‍सेदारी अंतरराष्‍ट्रीय उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में अपेक्षा से काफी कम है। लेकिन धीरे-धीरे ही सही भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, व्यावसायिक उपग्रह प्रक्षेपण के मामले में भारत को अभी लंबी छंलाग लगाने की जरूरत है।

उपग्रह प्रक्षेपण के वैश्विक बाजार की बात करे तो ये फ‍िलहाल 33 हजार 500 करोड़ डालर के पास है, लेकिन भारत की हिस्‍सेदारी इसमें एक फीसद से भी कम है। भारत के अंतरिक्ष के क्षेत्र में व्‍यावसायिक लेखाजोखा एन्ट्रिक्‍स कार्पोरेशन लिमिटेड के हाथों में है, जो भारत सरकार की एक पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली कंपनी है। एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन भारत की अंतरिक्ष व्यापार कंपनी है। एन्ट्रिक्‍स का प्रशासनिक नियंत्रण अंतिरक्ष विभाग के पास है।

क्‍या है एन्ट्रिक्‍स कॉरपोरेशन लिमिटेड
एन्ट्रिक्‍स कोर्पोरेशन लिमिटेड को सितंबर 1992 में अंतिरक्ष उत्‍पादों, तकनीकी परामर्श सेवाओं और इसरो की ओर से विकसित वाणिज्यिक एवं औद्योगिक संभावनाओं और प्रचार-प्रसार के लिए सरकार के स्‍वामित्‍व वाली एक प्राइवेट कंपनी लिमिटड के रूप में स्‍थापित किया गया था। इसका एक और प्रमुख उद्देश्‍य भारत में अंतरिक्ष से जुड़ी औद्योगिक क्षमताओं के विकास को आगे बढ़ाना भी है। इसमें कोई दो राय नहीं कि एन्ट्रिक्‍स अपने काम को बखूबी अंजाम भी दे रही है, लेकिन वैश्विक बाजार में जारी प्रतिस्पर्धा के बाजार के लिहाज से इसे अभी बहुत जोर लगाना होगा।

दरअसल, इसरो ने आने वा‍ले करीब एक साल के लिए कुछ बड़े कदमों पर काम करना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में पहला बड़ा दिन 16 सितंबर होने जा रहा है, जब इसरो PSLV C42 की लांचिंग करेगा। इस लांच के साथ ही इसरो के उस मिशन की शुरुआत हो जाएगी, जिसमें वह अगले सात महीनों में 19 मिशन लांच करेगा। फ‍िलहाल 16 सिंतबर का यह लांच पूरी तरह से वाणिज्यिक होगा।

एससी/एसटी एक्ट में सात वर्ष से कम सजा होने पर बिना नोटिस गिरफ्तारी नहीं : हाईकोर्ट

 हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कहा है कि एससी/एसटी एक्ट में भी सात साल से कम की सजा पर बिना नोटिस गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में इस बारे में स्पष्ट दिशा निर्देश दिए हैं। इसका हवाला देते हुए न्यायमूर्ति अजय लांबा व न्यायमूर्ति संजय हरकौली की बेंच ने गोंडा निवासी राजेश मिश्र को विवेचना के दौरान गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया है।


राजेश मिश्रा ने याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ लिखाई गई प्राथमिकी को चुनौती दी थी और मांग की थी कि दौरान विवेचना उन्हें गिरफ्तार न किया जाये। अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम नंद प्रभा शुक्ला ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि सजा सात साल से कम है अत: मामले में विवेचक सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करेंगे।
मामला गोंडा का था।

शिवराजी देवी ने 19 अगस्त, 2018 को कांडरे थाने पर याची राजेश मिश्रा व अन्य तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कहा था कि वह अनुसूचित जाति की महिला है। 18 अगस्त, 2018 को करीब 11 बजे विपक्षी सुधाकर, राजेश, रमाकांत व श्रीकांत पुरानी रंजिश को लेकर उसके घर चढ़ आये और उसे व उसकी लड़की के जातिसूचक गालियां दीं और लाठी डंडों से मारा पीटा। याची राजेश मिश्रा का कहना था कि घटना बिल्कुल झूठ है और शिवराजी ने गांव की राजनीति के चलते झूठी प्राथमिकी लिखाई है।

अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर प्रदेश में खुलेंगे 46 नए राजकीय महाविद्यालय

 प्रदेश में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर 46 नए राजकीय महाविद्यालय खोले जाएंगे। इसके साथ ही महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मियों को प्रदेश सरकार स्वैच्छिक अवकाश लेने की सुविधा देगी। नौजवान शिक्षकों को स्थाई करने की भी व्यवस्था शुरू होगी। यह बातें उप मुख्यमंत्री एवं उच्च तथा माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कही।


छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में दीक्षा समारोह में उन्होंने बताया कि सभी विश्वविद्यलयों में शोध गंगा पोर्टल की स्थापना होगी। प्रदेश सरकार ने 921 करोड़ रुपए (शिक्षकों को सातवां वेतनमान) स्वीकृत किए हैं। जिन महाविद्यालय में सीसीटीवी कैमरे नहीं होंगे, वहां परीक्षा केंद्र नहीं बनेगा। प्रदेश के 904 तदर्थ शिक्षकों को नियमित किये जाने की भी जानकारी दी।

छात्र-छात्राओं को मिले पदक और डिग्रियां
छात्रपति शाहूजी महाराज के सभागार में आयोजित दीक्षा समारोह का अतिथियों ने दीप प्रच्च्वलित करके शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल राम नाईक ने की, वहीं कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताईं। इसके बाद 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। फिर सभी 47 छात्र-छात्राओं में अलग-अलग कैटेगरी में 74 पदक दिए गए। इनमें 19 कुलाधिपति कांस्य पदक, 43 स्वर्ण पदक, एक कुलाधिपति स्वर्ण पदक, दो कुलाधिपति रजत पदक दिए गए। डीजी कॉलेज की छात्रा प्राची तिवारी को सबसे ज्यादा छह पदक मिले।

रूस ने पश्चिमी देशों को अपनी ताकत दिखाने के लिए शुरू किया अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास

 

रूस ने पश्चिमी देशों को अपनी ताकत दिखाने के लिए मंगलवार से अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया। यह शीतयुद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास बताया जा रहा है। पश्चिमी साइबेरिया क्षेत्र में शुरू हुए इस सैन्य अभ्यास में चीन और मंगोलिया की सेनाएं भी हिस्सा ले रही हैं।

सैन्य अभ्यास को 'वोस्तोक-2018' नाम दिया गया
एक सप्ताह तक चलने वाले इस सैन्य अभ्यास को 'वोस्तोक-2018' नाम दिया गया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन देश के पश्चिमी शहर व्लादिवोस्तक में आर्थिक फोरम की मेजबानी करने के बाद इस सैन्य अभ्यास को देखने जा सकते हैं। इस आर्थिक फोरम के प्रमुख अतिथियों में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी शामिल हैं।

रूस अपनी रक्षा करने में सक्षम
यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय पर किया जा रहा है जब रूस और पश्चिमी देशों में तनाव बढ़ता जा रहा है। इन देशों ने रूस पर पश्चिमी मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है। इसके अलावा यूक्रेन और सीरिया में चल रहे संघर्ष को लेकर भी तनातनी चल रही है। पिछले माह रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा था कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय हालात में रूस अपनी रक्षा करने में सक्षम है।

सैन्य अभ्यास की खासियत

-17 सितंबर तक चलने वाले इस अभ्यास में तीन लाख सैनिकों के साथ 36 हजार सैन्य वाहन शामिल

-एक हजार लड़ाकू विमान और 80 युद्धपोत भी दिखा रहे अपनी ताकत

-समुद्र में कैलिबर मिसाइलों से लैस युद्धपोत तैनात, इन मिसाइलों का सीरिया में हो चुका है इस्तेमाल

नए हथियार भी शामिल
रूस की सेना इस सैन्य अभ्यास में अपने नए हथियारों की ताकत भी दिखाएगी। इस्कंदर मिसाइलों से लक्ष्य को भेदा जाएगा। ये मिसाइलें परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। उन्नत टी-80 और टी-90 टैंकों के अलावा लड़ाकू विमान सुखोई-34 और सुखोई-35 भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

सोवियत काल में हुआ था बड़ा सैन्य अभ्यास
रूस की सेना ने इससे पहले सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास सोवियत काल में 1981 में किया था। उस अभ्यास में एक से डेढ़ लाख सैनिकों ने हिस्सा लिया था।

नाटो ने कहा, बड़े संघर्ष की तैयारी
नाटो ने रूस के सैन्य अभ्यास की आलोचना करते हुए इसे बड़े संघर्ष की तैयारी करार दिया है। नाटो प्रवक्ता डायलन ह्वाइट ने हाल में कहा था, 'हम पिछले कुछ समय से रूस का आक्रामक रवैया देख रहे हैं। वह अपना बजट और सैन्य मौजूदगी तेजी से बढ़ा रहा है।'

दिल्ली सरकार का दावा- पब्लिक सर्विसेज की डोर स्टेप डिलीवरी के पहले दिन 21 हजार कॉल मिले

 केजरीवाल सरकार का दावा है कि डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेस के पहले दिन सोमवार को 21 हजार कॉल मिले। इस योजना के तहत राज्य सरकार की 40 पब्लिक सर्विसेज लोगों को घर पर ही मिलेंगी। इनमें विवाह प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, नल कनेक्शन लेने जैसे कामों के लिए लोगों को 50 रुपए की राशि देनी होगी।

राज्य सरकार के मुताबिक, डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेस के लिए एक कॉल सेंटर बनाया गया है। इसमें 369 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। लॉन्चिंग के पहले दिन लोगों ने भारी तादाद में फोन किए। इस वजह कई कॉल कनेक्ट नहीं हो पाए।

पहले दिन 1286 कॉल के जवाब दिए: सरकार ने बताया कि शाम 6 बजे तक 2,728 कॉल कनेक्ट हुए। इनमें से 1286 कॉल के जवाब दिए गए। बाकी बचे कॉल को वेटिंग पर रखा गया है। इन्हें कॉल बैक किया जाएगा। सरकार ने बताया कि टीम के सदस्यों को अलग-अलग डिपार्टमेंट तय किए हैं। कॉल सेंटर का हर सदस्य दिल्ली के 7 जिलों से दस्तावेज एकत्रित करेगा और फिर लोगों की जरूरत के मुताबिक उन्हें तय वक्त में उनके घर तक पहुंचाया। योजना के तहत 1076 पर कॉल करके मोबाइल सहायक को बुलाना होगा।

भाजपा ने कहा योजना फेल: भाजपा ने आप सरकार की डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेस को फेल बताया है। भाजपा के दिल्ली प्रभारी मनोज तिवारी ने कहा कि यह योजना पहले दिन ही नाकाम रही। कॉल सेंटर पर नंबर ही नहीं लग रहा था।
केजरी ने कहा- भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी: योजना की लॉन्चिंग के वक्त मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अब दिल्ली के लोगों को पब्लिक सर्विसेज के लिए दलालों के चक्कर में नहीं पड़ना होगा। सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने का समय बचेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

सेना के नवीनीकरण की तैयारी: एक लाख जवानों की छटनी और कैडर रिव्यू पर होगी चर्चा

 मौजूदा समय में आर्मी में 13 लाख जवान


- संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के पक्ष में मंत्रालय
नई दिल्ली. आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मंगलवार को सेना के नवीनीकरण के बीच अहम चर्चा होने की संभावना है। सेना के सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान सेना से एक लाख जवान घटाए जाने पर भी विचार किया जा सकता है। इस दौरान लंबे समय से अटके पड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा होगी। इसमें कैडर रिव्यू भी शामिल है।

रक्षा मंत्रालय ने पहले ही की घोषणा : भारतीय सेना दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्मी है। मौजूदा समय में आर्मी में 13 लाख जवान हैं। माना जा रहा है कि अगर जवानों की छटनी का फैसला किया जाता है, तो इन्हें सेना के नवीनीकरण के तहत अगले 5 साल के दौरान हटाया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने पहले ही सेना में सुधारों का ऐलान कर दिया है। इनमें 57 हजार अफसरों की दोबारा तैनाती किए जाने का कदम भी शामिल है। मंत्रालय का कहना है कि इसके जरिए मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

सेना की क्षमता बढ़ाने पर रखे जाएंगे सुझाव: आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कैडर रिव्यू के तहत आर्मी चीफ और अधिकारी ब्रिगेडियर रैंक को खत्म करने पर भी बातचीत करेंगे। इस दौरान एक उच्चस्तरीय समिति सेना की क्षमता को बढ़ाने के लिए सिफारिशें भी रखेगी। सूत्रों ने कहा कि इस रिफॉर्म का मकसद योग्य अफसरों और जवानों का ऐसा दल तैयार करना है, जिनका इस्तेमाल पेंचीदा मामलों में किया जा सके। नेतृत्व करने वाले सभी स्तरों पर आयु सीमा को घटाने पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि सही काम के लिए सही व्यक्ति का चयन किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि समिति ब्रिगेडियर, डिवीजनल कमांडर और कोर कमांडरों के लंबे कार्यकाल की अनुशंसा भी कर सकती है।

यूएस ओपन: जोकोविच ने 14वां ग्रैंडस्लैम जीता, पीट सम्प्रास की बराबरी की; डेल पोत्रो को हराया

जोकोविच ने डेल पोत्रो को 15वीं बार हराया
ग्रैंडस्लैम में डेल पोत्रो पर उनकी यह 5वीं जीत

न्यूयॉर्क. सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने यूएस ओपन के फाइनल में अर्जेंटीना के जुआन मार्टिन डेल पोत्रो को 6-3, 7-6, 6-3 से हराया। इसके साथ ही उन्होंने तीसरी बार यूएस ओपन जीत लिया। इससे पहले जोकोविच ने 2011 और 2015 में यह खिताब जीता था। जोकोविच ने इस साल विम्बल्डन भी जीता था। उन्हाेंने यह 14वां ग्रैंडस्लेम जीता है। इस मामले में उन्होंने अमेरिका के पीट सम्प्रास की बराबरी कर ली।

पुरुषों में सबसे ज्यादा बार ग्रैंडस्लैम जीतने का रिकॉर्ड स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर (20 बार) के नाम है। यूएस ओपन में जोकोविच का यह आठवां फाइनल था। इससे पहले पांच बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। पिछली बार 2016 में उन्हें स्विट्जरलैंड के स्टेन वावरिंका ने फाइनल में हराया था।

नौ साल बाद फाइनल में पहुंचे थे पोत्रो : इस हार के साथ पोत्रो का दूसरी बार यूएस ओपन जीतने का सपना टूट गया। इससे पहले उन्होंने 2009 में रोजर फेडरर को हराकर खिताब जीता था। जोकोविच ने पोत्रो को किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में पांचवीं और कुल 15वीं बार हराया। फेडरर, जोकोविच, राफेल नडाल (स्पेन) और एंडी मरे (इंग्लैंड) की चौकड़ी ने पिछले 55 ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में से 50 जीते हैं। नडाल 17 और मरे 3 बार चैम्पियन बन चुके हैं।

किम जोंग उन ने ट्रम्प को चिट्ठी लिखी, दोबारा बातचीत करने की जताई इच्छा

 उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने ट्रम्प से दूसरी बार मुलाकात करने की इच्छा जाहिर की। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन भी किम से बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है। दोनों नेताओं की 12 जून को सिंगापुर में पहली मुलाकात हुई थी।

Africa should not become theatre of rivalry: Sushma Swaraj

 Africa should not become a playground for rival world powers, the External Affairs Minister Sushma Swaraj said here on Monday. Welcoming an agreement between the Ministry of External Affairs and Telecommunications Consultants India Ltd (TCIL) to launch an e-network project, the minister reiterated that India will intensify diplomatic presence in Africa and work to safeguard the oceans.


“India’s vision of Indian Ocean Security is cooperative and inclusive, rooted in security and growth for all in the region. We must all work together to ensure that Africa does not once again turn into a theatre of rival ambitions, but becomes a nursery for the aspirations of Africa’s youth,” Ms Swaraj said inaugurating the second phase of the pan-Africa e-network.

Monday’s agreement signed will facilitate two schemes – eVidyaBharati and eArogyaBharati – that will benefit African citizens seeking education and health facilities. Ms Swaraj said that the programmes will provide telemedicine and tele-education benefits to African nationals.

हवाई सफर करने वालों को अब नहीं होगी बोर्डिंग पास की टेंशन, चेहरा करेगा ये काम

 हवाई यात्रा के दौरान बोर्डिंग पास लेने के लिए जल्द ही लंबी लाइनों से छुटकारा मिल जाएगा। बेंगलुरु एयरपोर्ट ने यात्रियों की इस सहूलियत की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआइएएल) पर अब आपका चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास होगा। बीआइएएल 2019 तक पेपरलेस बॉयोमीट्रिक सेल्फ बोर्डिंग टेक्नोलॉजी की शुरुआत करने जा रही है। इस तकनीक से यात्रियों का चेहरा देखकर एयरपोर्ट पर एंट्री मिल सकेगी। इस सुविधा को शुरू करने वाला बेंगलुरू एयरपोर्ट देश का पहला एयरपोर्ट होगा।


चेहरे से होगी पहचान
फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक बॉयोमीट्रिक सॉफ्टवेयर पर काम करेगी। इसमें चेहरे के बॉयोमीट्रिक डिटेल के जरिए यात्रियों की पहचान होगी और वे एयरपोर्ट पर आराम से जा सकेंगे। इसके लिए उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य पहचान प्रमाण पत्र नहीं दिखाने पड़ेंगे।

बीआईएएल का ट्वीट
बीआईएएल ने अपने एक ट्वीट में कहा, 'अब आपका चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास होगा। बेंगलुरु को भारत का पहला पेपरलेस एयरपोर्ट बनाने के लिए बीआईएएल ने बोर्डिंग टेक्नॉलजी के लिए विजन-बॉक्स से अग्रीमेंट साइन किया है। इस समझौते पर हस्ताक्षर पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा की उपस्थिति में किए गए।' बीआईएएल के एमडी और सीईओ हरि मरार ने कहा कि इस सुविधा से यात्री बिना लाइन में लगे हवाई यात्रा कर सकेंगे। वहीं बीआईएएल की ओर से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि बोर्डिंग के लिए रजिस्ट्रेशन को पेपरलेस बनाकर हवाई यात्रा को आसान करने के लिए यह सुविधा शुरू की गई है। बायोमेट्रिक टेक्नॉलजी से पैसेंजर्स के चेहरे से उनकी पहचान होगी और वे एयरपोर्ट पर जा सकेंगे। इसके लिए उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य आइडेंटिटी डॉक्युमेंट्स नहीं दिखाने पड़ेंगे।

देश का पहला पेपरलेस एयरपोर्ट
बीआइएएल ने पेपरलेस बॉयोमीट्रिक सेल्फ बोर्डिंग टेक्नोलॉजी लांच करने के लिए लिस्बन की विजन-बॉक्स कंपनी के साथ एक करार करने जा रही है। ये तकनीक 2019 के शुरुआती महीनों में शुरू हो सकती है। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इसका फायदा सबसे पहले जेट एयरवेज, एयर एशिया और स्पाइसजेट के यात्रियों को मिलेगा।

रेलवे पहले ही हो चुका है पेपरलेस
भारतीय रेलवे पहला सरकारी उपक्रम बना जिसने अपना कामकाज पेपरलेस किया। अक्टूबर 2011 में आइआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) ने सुविधा देते हुए कहा कि यात्रियों को अपने साथ काउंटर टिकट रखना जरूरी नहीं होगा। लोग मोबाइल पर एसएमएस या ई-टिकट के जरिए यात्रा कर सकते हैं।

एशिया में चीन बना पहला देश
एशियाई देशों में एयरपोर्ट पर फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक इस्तेमाल करने वाला पहला देश चीन है। वहीं जर्मनी इस तकनीक का इस्तेमाल ट्रेन स्टेशन पर आतंकियों की पहचान के लिए कर रहा है।

कई देशों में है ये तकनीक
अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, जापान, चीन, जर्मनी, रूस, आयरलैंड, स्कॉटलैंड, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, न्यूजीलैंड, फिनलैंड, हांगकांग, नीदरलैंड, सिंगापुर, रोमानिया, कतर, पनामा

अब एयरपोर्ट पर मिलेगा सस्ता नाश्ता
अब एयरपोर्ट पर यात्रियों को सस्ती चाय और नाश्ता मिलेगा। इसके लिए अलग से काउंटर खोले जाएंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) के मुताबिक, यह सुविधा सरकार द्वारा संचालित एयरपोर्ट पर ही मिलेगी। इन हवाई अड्डों पर सस्ती दरों पर पेय पदार्थ और पानी के स्टॉल शुरू भी हो चुके हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब एएआइ को यात्रियों से एयरपोर्ट पर खाने-पीने के सामान पर ज्यादा वसूली की शिकायतें मिल रही हैं।

मार्च में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने चेन्नई एयरपोर्ट पर चाय की ज्यादा कीमत वसूलने को लेकर ट्वीट भी किया था। भारत में पिछले तीन-चार सालों से हवाई यात्रियों की संख्या में प्रति वर्ष 20-25 फीसद की बढ़ोतरी हो रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रलय के आंकड़ों केमुताबिक, इस साल जुलाई में 1 करोड़ 16 लाख यात्रियों ने घरेलू उड़ानों से यात्र की। जुलाई 2017 की तुलना में यह 21 प्रतिशत ज्यादा है। एएआइ ने बताया कि यह सुविधा देश के90 सरकारी एयरपोर्ट पर मिलेगी। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु समेत ऐसे किसी एयरपोर्ट पर यह सुविधा नहीं मिलेगी, जिसका संचालन निजी हाथों में है।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का रास्ता शनिवार को साफ हो गया है। प्रथम चरण में निर्माण के लिए छह गांवों की 1334 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू करने से पहले 70 फीसद भूमि के लिए किसानों की सहमति जरूरी थी। इस आंकड़े को प्रशासन ने पार कर लिया है। इसके साथ ही जेवर में एयरपोर्ट के निर्माण से संबंधित एक बड़ी अड़चन दूर हो गई है। शनिवार को 228 किसानों ने करीब 80 हेक्टेयर जमीन के लिए सहमति दी है। किसानों ने पहले जमीन के मुआवजे को कम बताकर सहमति देने से इन्कार कर दिया था।

जिला प्रशासन और प्राधिकरण ने किसानों को 2300 रुपये प्रति वर्गमीटर का मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा था, जबकि किसान जमीन के सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा मांग रहे थे। बाद में जेवर के विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के आग्रह पर किसान जमीन देने को तैयार हो गए। जिला प्रशासन को अब तक करीब 2600 किसान एक हजार हेक्टेयर भूमि के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं। सोमवार को प्राधिकरण व प्रशासन के आला अफसरों की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ होने के बाद प्राधिकरण और प्रशासन अगला कदम उठाएंगे। संभावना है कि अक्टूबर में नवरात्रों के दौरान जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास होगा।

भारतेंदु हरिश्‍चंद्र की पांच साल में ही दिख गई थी प्रतिभा, जानिये कैसे

 हिन्दी साहित्य के माध्यम से नवजागरण का शंखनाद करने वाले भारतेंदु हरिश्‍चंद्र का जन्म काशी में 9 सितम्बर, 1850 को हुआ था। इनके पिता गोपालचंद्र अग्रवाल ब्रजभाषा के अच्छे कवि थे और ‘गिरिधर दास’ उपनाम से भक्ति रचनाएँ लिखते थे। घर के काव्यमय वातावरण का प्रभाव भारतेंदु पर पड़ा और पांच वर्ष की अवस्था में उन्होंने अपना पहला दोहा लिखा।


लै ब्यौड़ा ठाड़े भये, श्री अनिरुद्ध सुजान।
बाणासुर की सैन्य को, हनन लगे भगवान्।।

यह दोहा सुनकर पिताजी बहुत प्रसन्न हुए और आशीर्वाद दिया कि तुम निश्चित रूप से मेरा नाम बढ़ाओगे। भारतेंदु जब 5 वर्ष के हुए तो मां का साया सर से उठ गया और जब 10 वर्ष के हुए तो पिता का भी निधन हो गया। भारतेंदु के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी थी। उन्होंने देश के विभिन्न भागों की यात्रा की और वहां समाज की स्थिति और रीति-नीतियों को गहराई से देखा। इस यात्रा का उनके जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ा। वे जनता के हृदय में उतरकर उनकी आत्मा तक पहुँचे। इसी कारण वह ऐसा साहित्य निर्माण करने में सफल हुए, जिससे उन्हें युग-निर्माता कहा जाता है।

एक राष्ट्र-एक चुनाव की तर्ज पर मध्य प्रदेश में हो सकते हैं निकाय चुनाव

 लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने को लेकर जनमानस की नब्ज टटोलने के लिए मध्य प्रदेश में गठित कमेटी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें एक साथ चुनाव कराने का पक्ष लिया गया है। 

यही नहीं, प्रदेश में निकाय चुनाव एक साथ कराने की पहल करने की सिफारिश भी की गई है। मप्र का राज्य निर्वाचन आयोग भी इसका पक्षधर है और सरकार को प्रस्ताव भी दे चुका है। संभावना जताई जा रही है कि अगले साल होने वाले निकाय चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं।

मप्र के जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में गठित हुई समिति ने राजनीतिक दल, गणमान्य नागरिकों सहित मौजूदा कानूनों का अध्ययन करने के बाद रिपोर्ट तैयार की है। कांग्रेस भी चुनाव एक साथ कराने पर सहमत है। आम आदमी पार्टी ने कोई राय नहीं रखी तो बाकी दलों की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही है।

समुद्री जीव-जंतुओं की तस्करी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम

 समुद्री जीव-जंतुओं की तस्करी रोकने के लिए सरकार अब मजबूती से कदम उठाने की तैयारी कर रही है। केंद्र ने कस्टम विभाग की मैरीन विंग को इस दिशा में सख्ती से कदम उठाने को कहा है।


सेंट्रल बोर्ड ऑफ इन्डायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम यानी सीबीआइसी के अध्यक्ष एस रमेश ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिया है। उन्होंने यह निर्देश ऐसे समय दिया है जब हाल ही में डीआरआइ ने शार्क मछलियों की तस्करी का बड़ा मामला पकड़ा था।

डीआरआइ ने हाल में पकड़ी थी 8,000 किलोग्राम शार्क फिन
उल्लेखनीय है कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) ने 8000 किलोग्राम शार्क फिन (शार्क का अंक) पकड़ा है। शार्क फिन प्रतिबंधित है। डीआरआइ ने भारत के पश्चिमी तट पर तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर इसे पकड़ा था।

दो दिन पहले सीबीआइसी के सभी शीर्ष अधिकारियों को भेजे पत्र में रमेश ने इसके लिए डीआरआइ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सफलता भारतीय एजेंसियों की सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेषज्ञता को दर्शाती है। साथ ही इससे भारतीय जल क्षेत्र में कस्टम की मौजूदगी की जरूरत भी रेखांकित होती है। इस क्षेत्र में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कस्टम की निगरानी बेहद जरूरी है। इसलिए कस्टम विभाग की मैरीन विंग को इस क्षेत्र में और मजबूती से प्रयास करने चाहिए।

इच्छा मृत्यु पर बोले CJI, हर नागरिक को सम्मान से जीने और मरने का अधिकार

 सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने इच्छा मृत्यु को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि देश के प्रत्येक नागरिक को जीने का अधिकार है, साथ ही उसे सम्मानजनक तरीके से मरने का भी अधिकार है। यह अधिकारों का संतुलन है। भारती विश्वविद्यालय में कानून के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।


सीजेआइ ने कहा कि किसी भी देश में संवैधानिक अधिकार उसके लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक स्वतंत्रता का आधार होते हैं। लेकिन इन अधिकारों में संतुलन भी होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, हम संवैधानिक रूप से लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं। संविधान का एकमात्र उद्देश्य नागरिकों से जुड़े अधिकारों और उनकी स्वतंत्रता की रक्षा करना है। समाज के विकास की भावना को मजबूत करना है। संविधान अपने देश के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का आधार तैयार करता है। नागरिकों को संविधान के दायरे के भीतर अपने अधिकारों को प्राप्त करने का प्रयास करते रहना चाहिए।

Rafael Nadal retires injured, del Potro to face Novak Djokovic in the U.S. Open final

 Rafael Nadal retires injured, del Potro to face Novak Djokovic in the U.S. Open final

World No. 1 Rafael Nadal retired injured from his semi-final match against No. 3 Juan Martin del Potro. Meanwhile, sixth-seeded Novak Djokovic reached his eighth U.S Open final, defeating Kei Nishikori 6-3, 6-4, 6-2 on Friday.

Djokovic and del Potro will face each other in the finals on Sunday.

Nadal, the defending U.S Open champion, was trailing 7-6, 6-2 when a knee problem forced him to stop after almost two hours of playing time.

“It was difficult for me to keep playing. I was in too much pain,” he said. Nadal, who was bidding to win his 18th Grand Slam title, faced similar issues during his third-round match against Russia’s Karen Khachanov. This is the second time he has retired in a Grand Slam this year.

del Potro will return to a Grand Slam final nine years after his first, when he defeated Roger Federer at the U.S Open in 2009. He will play Novak Djokovic, who beat Kei Nishikori 6-3, 6-4, 6-2 in the other semi-final.

International Literacy Day

 The International Literacy Day, celebrated annually on 8 September, is an opportunity for Governments, civil society and stakeholders to highlight improvements in world literacy rates, and reflect on the world's remaining literacy challenges. The issue of literacy is a key component of the UN's Sustainable Development Goals and the UN's 2030 Agenda for Sustainable Development.


According to the U.N., this year’s theme is ‘Literacy and skills development.’ Despite progress made, literacy challenges persist, and at the same time the demands for skills required for work, evolve rapidly. This year's theme explores integrated approaches that simultaneously support the development of literacy and skills, to ultimately improve people’s lives and work and contribute to equitable and sustainable societies.

Defence Ministry confirms Bengaluru will host Aero India from February 20, 2019

 The next edition of Aero India will be held in Bengaluru from February 20 to 24, 2019, Defence Ministry announced on Saturday ending confusion over change of date and venue.


“This five-day event will combine a major trade exhibition for the aerospace and defence industries with public air shows. Besides global leaders and big investors in aerospace industry, the show will also see participation by think-tanks from across the world,” the ministry said in a statement.

There was much deliberation within the Ministry to shift the biennial air show to Uttar Pradesh. It was to be held later this year due to Lok Sabha polls. However, there were wide concerns and criticism that Lucknow doesn’t have the infrastructure in place to hold an exhibition of such magnitude.

Yelahanka Air Force station in Bengaluru has hosted all the 11 editions of Aero India so far and has emerged as a premier air show in Asia.

रूस करने वाला है अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास, नाटो भी जवाब देने को तैयार

 

बीते कुछ दशकों में रूस की शक्ति जिस तरह से कम हुई है अब वह उसको दोबारा पाने में लगा हुआ है। दुनिया में एक बार फिर से अपना वर्चस्‍व कायम करने के मकसद से रूस वोस्‍तोक -2018 का युद्धाभ्‍यास शुरू करने वाला है। इस युद्धाभ्‍यास की कई खासियत हैं। शीतयुद्ध के बाद किया जाने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास है, जो 11-17 सितंबर के बीच होगा। इसको लेकर यूरापीय देशों सेमत नाटो ने भी कड़ी नाराजगी व्‍यक्‍त की है। यूरोपीय संघ ने इस बाबत यहां तक कहा है कि यह युद्धाभ्‍यास नाटो को लक्ष्य बनाकर किया जा रहा है। नाटो ने इसे पश्चिम लोकतंत्र के लिए खतरा माना है।

नाटो का ट्राइडेंट जक्‍श्‍न 2018
रूस की देखादेखी उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) भी इसी तरह का युद्धाभ्‍यास करेगा लेकिन वह इसके बाद अक्‍टूबर और नवंबर के बीच में शुरू होगा। इसके चलते नाटो के सदस्‍य देश अपनी ताकत का एहसास करवाएंगे। इस अभ्‍यास को ट्राइडेंट जक्‍श्‍न 2018 का नाम दिया गया है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि रूस के साथ दूसरे देश में अपने वर्चस्‍व को बरकरार रखने को लेकर काफी संजीदा हैं।

वास्‍तोक 2018 की खासियत
जहां तक रूस के वास्‍तोक 2018 की बात है तो आपको बता दें कि इसमें 1 हजार एयरक्राफ्ट के अलावा 80 से ज्‍यादा युद्धपोत, जंगी जहाज और ड्रोन हिस्‍सा लेंगे। इसके अलावा 36 हजार टैंक और दूसरे हाइटेक आर्मी व्‍हीकल भी इसका हिस्‍सा बनेंगे। हालांकि रूस इस तरह का अभ्‍यास पहली बार नहीं कर रहा है, लेकिन इतने बड़े स्‍तर पर इसको पहली बार अंजाम दिया जा रहा है।

रूस ने पिछले वर्ष किया था 'जापाद' 
आपको यहां पर ये भी बता दें कि पिछले साल रूस ने बेलारूस के साथ जापाद-2017 युद्धाभ्यास किया था। जापाद का मतलब ‘पश्चिम' होता है। इस युद्धाभ्‍यास में करीब 12700 सैनिकों ने हिस्‍सा लिया था। इससे पहले 1981 में डेढ़ लाख सैनिकों के साथ रूस ने सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास किया था। वास्‍तोक 2018 में चीन और मंगोलिया के सैनिक भी हिस्‍सा लेने वाले हैं। इसमें करीब 3200 चीनी सैनिक हिस्‍सा लेंगे। यह युद्धाभ्‍यास यूराल पर्वत क्षेत्र में होना है जिसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।

वास्‍तोक की तैयारियां लगभग पूरी
इस युद्धाभ्‍यास की तैयारियों के चलते ही रूस ने इंग्लिश चैनल से होते हुए बड़े पैमाने पर अपने युद्धपोतों, जंगी विमानों को यूराल पर्वत के तटीय इलाकों में तैनात किया है। इसके साथ रूस, चीन और मंगोलिया के सैनिक भी युद्धाभ्यास वाली जगह पर पहुंच चुके हैं। वहीं अक्‍टूबर और नवंबर के बीच में शुरू होने वाले नाटो के ट्राइडेंट जक्‍श्‍न 2018 में 30 देशों के करीब 40 हजार जवान शामिल होंगे। नाटो का भी यह सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास होगा। इसमें 130 से ज्‍यादा एयरक्राफ्ट और 70 से ज्‍यादा युद्धपोत शामिल होंगे।

Rupee declines 7 paise, hits fresh 1-week low against U.S. dollar

 Continuing its fall for the second day, the rupee weakened by another 7 paise to trade at fresh one-week low of 68.77 against the US dollar in early session on Friday due to increased demand for the American currency from importers amid sustained foreign capital outflows.


The dollar’s gains against other currencies overseas on worries over escalating trade tensions between the US and China, also impacted the rupee sentiment, a currency dealer said.

They said, a higher opening of the domestic equity market, capped the rupee’s losses.

On Thursday, the rupee had dropped by 27 paise to close at a one-week low of 68.70 against the US dollar.

Meanwhile, the benchmark Sensex recovered 223.64 points, or 0.60 per cent, to 37,388.80 in early trade

Sushma Swaraj meets Kazakhstan counterpart, discusses ways to deepen cooperation

External Affairs Minister Sushma Swaraj on Friday held a comprehensive discussion with her Kazakhstan counterpart Kairat Abdrakhmanov on deepening cooperation in areas like trade, energy and defence and security.

Ms. Swaraj is on a three-nation tour to Kazakhstan, Kyrgyzstan and Uzbekistan as part of India’s efforts to boost strategic partnership with the resource-rich nations.

“Strategic partners since 2009! EAM @SushmaSwaraj met Foreign Minister of Kazakhstan Kairat Abdrakhmanov,” Raveesh Kumar, the Ministry of External Affairs spokesperson, tweeted.

The two leaders held a comprehensive discussion on deepening cooperation in trade and investment, defence and security, energy, Information and Communications Technology, pharma, capacity building and culture, he said.

She was earlier warmly welcomed by Abdrakhmanov at his office ahead of the delegation-level talk

Swiss can give bank client data to India in tax dodge case: court

 Switzerland's highest court has allowed tax authorities to turn over bank account details of two Indian citizens who had fought the release on the grounds that India's request for assistance in a tax-dodging probe arose from stolen bank data.


The case involved information leaked by whistleblower Herve Falciani, a French citizen who worked for HSBC's Swiss private bank and in 2008 disclosed details on thousands of clients he suspected were using accounts to evade tax.

The information sparked investigations in several countries and put Swiss banking secrecy in a harsh spotlight. Swiss courts have sentenced Falciani in absentia to five years in jail for industrial espionage but he has avoided prison by remaining outside Switzerland.

His leak forced Swiss courts to grapple with requests from other countries to help prosecute suspected tax dodgers whose Swiss accounts came to light.

Last year, the Swiss supreme court rejected a French request for help in investigating a married couple for tax offences, ruling that data stolen from HSBC's Geneva private bank was inadmissible.

But in a verdict released on Thursday, the Federal Court ruled that India should get access to the client data it sought.

Unlike in the French case, it noted, India made no explicit statements about whether it got the data legally, and got the data from another country rather than from Falciani directly.

As long as countries seeking legal assistance did not buy stolen data for use in such requests, their bids for assistance may be granted, the court ruled, opening the door for other countries to seek similar treatment.

The German state of North Rhine Westphalia paid around 10.3 million euros for six CDs with details of Swiss bank accounts, the region's finance ministry said in 2012

Pompeo presses Turkey on detained U.S. pastor after sanctions

 

U.S. Secretary of State Mike Pompeo pressed Turkey on Friday for the release of a detained American pastor whose case has led the Trump administration to hit senior Turkish officials with sanctions and badly strained ties between the NATO allies. Mr. Pompeo also said he would be seeking the release of several local employees of the U.S. diplomatic missions in Turkey.

Just two days after the administrations slapped sanctions on Turkey’s justice and interior ministers over the case of Andrew Craig Brunson, Mr. Pompeo met Turkish Forreign Minister Mevlut Cavusoglu on the sidelines of a Southeast Asian security conference in Singapore. Ahead of the meeting, Mr. Pompeo said Brunson’s case would be high on his list of items to discuss with his Turkish counterpart. He defended Wednesday’s sanctions as a sign of how seriously the administration takes Brunson’s case.

26 साल बाद पटरी पर दौड़ेगी छुक-छुक करती रेल, अकबर भी रचेगा इतिहास

 भाप इंजन के रोमांच को बनाए रखने के लिए भारतीय रेलवे की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में अब एक ऐसे भाप के इंजन को फिर से रेल की पटरियों पर लाने की तैयारी हो रही है जो 26 सालों से कबाड़ बनकर खड़ा हुआ था। महाराष्ट्र के भुसावल में खड़े इस भाप के इंजन को मरम्मत के लिए रेवाड़ी स्थित स्टीम हेरीटेज लोकोशेड में लाया गया है, जहां इसकी मरम्मत का कार्य चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, मरम्मत के लिए 20 दिन पहले ही इस इंजन को रेवाड़ी लाया गया है।


1992 में आखिरी बार पटरियों पर दौड़ा था इंजन
भाप इंजन डब्ल्यूजी-10253 को वर्ष 1955 में बनाया गया था। यह इंजन वर्ष 1992 में आखिरी बार पटरियों पर दौड़ा था। इसके बाद इसे भूसावल में ले जाकर खड़ा कर दिया गया। 26 सालों से इंजन वहीं पर खड़ा हुआ था।

निरीक्षण के बाद लिया गया पटरियों पर दौड़ाने का फैसला
जानकारी के मुताबिक, उत्तर रेलवे की टीम ने सितंबर, 2017 में भूसावल में इस इंजन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद निर्णय लिया गया कि इस इंजन को फिर से पटरियों पर दौड़ाया जाएगा। इसके बाद इंजन को मरम्मत के लिए रेवाड़ी लाया गया है तथा यहां विशेषज्ञों की टीम उसको ठीक करने में जुटी हुई है। इंजन के विभिन्न हिस्से सस्पेंशन, बैरिंग व पहियों की मरम्मत का काम किया जा रहा है।

तीन देशों के विदेश दौरे पर रवाना हुईं सुषमा स्वराज

 विदेश मंत्री सुषमा स्वराज गुरुवार सुबह चार दिवसीय विदेश दौरे के लिए रवाना हो गई हैं। सुषमा रविवार तक तीन देशों कजाखस्तान, किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के दौरे पर रहेंगी। विदेश मंत्रालय ने सुषमा स्वराज के दौरे की जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया, सुषमा स्वराज दो से तीन अगस्त को कजाखस्तान, तीन से चार अगस्त को किर्गिज रिपब्लिक और चार से पांच अगस्त को उज्बेकिस्तान में रुकेंगी।

खबर के मुताबिक, कजाखस्तान के अस्ताना में वह कजाख विदेश मंत्री कैरात अब्द्राखमानोव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगी और वहां भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करेंगी। इसके बाद सुषमा किर्गिजस्तान के बिशकेक में किर्गिज विदेश मंत्री इरलान अब्देलदेव से मुलाकात करेंगी और भारतीय समुदाय से बातचीत करेंगी।

सुषमा स्वराज चार अगस्त को उज्बेकिस्तान के ताशकंद पहुंचेंगी और उज्बेक विदेश मंत्री अब्दुल अजीज कामिलोव के साथ गहर चर्चा करेंगी

एचएयू के वैज्ञानिकों का कमाल, अब पौधे खुद बताएंगे लगी है प्‍यास और मांगेंगे पानी

 अब पौधे भी बताएंगे कि उन्‍हें प्‍यास लगी है और वे भी पानी मांगेंगे। यह कमाल की खोज की है हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (हकृवि) के वैज्ञानिकाें ने की। उन्‍होंने ऐसी तकनीक र्इजाद की है कि जिससे पौधे बताएंगे कि उन्‍हें पानी की जरूरत है। इस तरह अब इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं रहेगी कि पौधों को कब पानी देना है। उन्हें जब प्यास लगेगी तो सॉयल मॉश्चर सेंसर संकेत देगा और ऑटोमेटिक माइक्रो इरिगेशन सिस्टम उनकी सिंचाई शुरू कर देगा।


पौधों के पास लगाया जाएगा सॉयल मॉश्चर सेंसर, जो नमी कम होते ही देगा संकेत
हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (हकृवि) के 140 एकड़ में बन रहे ऑर्गेनिक फार्म हाउस में इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जाएगा। इस सिस्टम में सॉयल मॉश्चर सेंसर को पौधे के पास लगा दिया जाता है। जमीन में नमी की मात्रा कम होते ही सेंसर कंप्यूटर को संकेत देता है और ऑटोमेटिक इरिगेशन सिस्टम चालू हो जाता है। कंप्यूटर में पहले से ही पौधों में पानी की जरूरत के अनुसार प्रोग्रामिंग होती है।

छत्तीसगढ़ के बाल वैज्ञानिकों की खोज बिन कोयला-पानी बनेगी बिजली

 छत्तीसगढ़ में एक सरकारी स्कूल के बच्चों ने बिना कोयला व पानी के ही जिम में बिजली उत्पादन की तकनीक (इको जिम) का अविष्कार किया है। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर के तीन बाल वैज्ञानिकों के इस आविष्कार की अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक चर्चा होने लगी है। नीति आयोग ने स्कूल के अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) इंचार्ज को ई-मेल भेजकर 28 अगस्त तक तीनों बाल वैज्ञानिकों को लेकर दिल्ली बुलाया है। 30 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके आविष्कार को देखेंगे।


इंटरनेशनल रोबोटिक चैंपियनशिप में टॉप पर रहा
दुबई में पिछले जून में आयोजित इंटरनेशनल रोबोटिक चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए नीति आयोग ने देशभर से आए चुनिंदा 30 प्रोजेक्ट में से इको जिम का चयन किया था। चैंपियनशिप में इको जिम टॉप पर रहा। नीति आयोग को जैसे ही इसकी जानकारी मिली उसने एटीएल इंचार्ज डॉ. धनंजय पांडेय व तीनों बाल वैज्ञानिकों को दिल्ली बुलाया है। नीति आयोग के वाइस चेयरमैन व मैनेजर की अध्यक्षता में वैज्ञानिकों की टीम बनी। वैज्ञानिकों ने एक बार फिर अपने स्तर पर आविष्कार की पड़ताल की। इनके मापदंड पर इको जिम के खरा उतरने के बाद टीम ने कमर्शियल उपयोग के लिए अपनी सहमति दे दी है।

डेल कंपनी कमर्शियल उपयोग को लेकर तैयार कर रही प्रोजेक्ट
नीति आयोग ने व्यावसायिक उपयोग की संभावना तलाशने के लिए डेल कंपनी को जिम्मेदारी दी है। कंपनी के विशेषज्ञ ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। आयोग ने अगस्त में विस्तृत प्रोजेक्ट मांगा है।

कमर्शियल उपयोग की तैयारी नीति
आयोग के वाइस चेयरमैन व मैनेजर की अध्यक्षता में वैज्ञानिकों की टीम बनी। वैज्ञानिकों ने एक बार फिर अपने स्तर पर आविष्कार की पड़ताल की। इनके मापदंड पर इको जिम के खरा उतरने के बाद टीम ने कमर्शियल उपयोग के लिए अपनी सहमति दे दी है।

एक घंटे में चार केवीएच बनती है बिजली
एक जिम में एक घंटे में चार किलोवॉट प्रति घंटा (केवीएच) बिजली पैदा होती है। मॉडल के रूप में जिम साइकिल का उपयोग किया गया है। पिछले चक्के में ब्रेड बोर्ड लगाया गया है। 12 वोल्ट का मोटर, एलइडी लाइट, मैकेनिकल एडजस्टमेंट बॉक्स लगाया गया है। एक रेजिस्टेंस लगाया गया है जो बनने वाली बिजली को सामानांतर दिशा में लाती है।

पदोन्नति में आरक्षण पर 12 साल पुराने फैसले की समीक्षा करेगा सुप्रीम कोर्ट

 सरकारी नौकरियों की पदोन्नति में 'क्रीमी लेयर' के लिए एससी-एसटी आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ तीन अगस्त को अपने 12 साल पुराने फैसले की समीक्षा करेगी। पीठ इस बात पर विचार करेगी कि इस मुद्दे पर सात जजों की पीठ को पुनर्विचार करने की जरूरत है या नहीं।


प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस इंदू मल्होत्रा की पीठ इस मामले पर सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत ने 11 जुलाई को अपने 2006 के फैसले के खिलाफ कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इन्कार कर दिया था।

अदालत का कहना था, पांच सदस्यीय पीठ पहले यह देखेगी कि इस मसले पर सात सदस्यीय पीठ द्वारा सुनवाई की जरूरत है या नहीं। शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह सिर्फ अंतरिम राहत के उद्देश्य से मामले की सुनवाई नहीं कर सकती, क्योंकि यह मामला पहले ही संविधान पीठ को संदर्भित किया जा चुका है। 2006 के एम. नागराज फैसले में कहा गया था कि 'क्रीमी लेयर' की अवधारणा सरकारी नौकरियों की पदोन्नतियों में एससी-एसटी आरक्षण में लागू नहीं की जा सकती, जैसा अन्य पिछड़ा वर्ग में क्रीमी लेयर को लेकर पहले के दो फैसलों 1992 के इंद्रा साहनी व अन्य बनाम केंद्र सरकार (मंडल आयोग फैसला) और 2005 के ईवी चिन्नैय्या बनाम आंध्र प्रदेश के फैसले में कहा गया था।

नई पीढ़ी के गैजेट्स को बिजली सप्लाई करेंगे इलेक्ट्रॉनिक टैटू, प्रिंटर से किया गया तैयार

 दुनियाभर के वैज्ञानिक अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार करने में प्रयासरत हैं। ये पहने जा सकने वाले उपकरण आकार में बेहद छोटे होंगे।


यही वजह है कि इनके लिए बिजली सप्लाई का सिस्टम भी अलग होगा। इसी दिशा में अमेरिका के वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। उन्होंने सर्किट जैसे बेहद लचीले और बहुत महीन टैटू विकसित किए हैं, जिनसे अगली पीढ़ी की वेयरेबल डिवाइसों (पहने जाने वाले उपकरणों) को बिजली सप्लाई की जा सकेगी। वैज्ञानिकों ने इन्हें एक प्रिंटर से तैयार किया है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस टैटू को तरल मिश्रित धातु से बनाया गया है, ताकि इससे विद्युत का प्रभाव हो सके। इसे हम आसानी से अपनी त्वचा पर एक टैटू की तरह लगा सकते हैं और यह पूरी तरह से सुरक्षित है। इसकी एक बड़ी खासियत इस पूरी प्रक्रिया का किफायती होना है।

बच्चों के टैटू की तरह लगेगा
वैज्ञानिकों ने इसे लगाने के लिए बच्चों वाले टैटू के तरीके का ही चुनाव किया है। यानी इसे बेहद आसानी से पानी से स्किन पर लगाया जा सकेगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, टैटू जैसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए जटिल निर्माण तकनीकों का प्रयोग किया जाता है। साथ ही यह अलग-अलग स्थान के अनुरूप काम करते हैं। यानी इनसे अच्छा आउटपुट प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष परिस्थितियों की जरूरत होती है। इसके चलते इनका क्षेत्र सीमित हो जाता है।

इस तरह किया तैयार
अमेरिका स्थित कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर कर्मेल मजीदी कहते हैं, इसे तैयार करने के लिए हमने एक डेस्कटॉप इंकजेट प्रिंटर का प्रयोग किया। इस प्रिंटर की मदद से हमने अस्थायी टैटू पेपर पर सिल्वर नैनोकणों के निशान प्रिंट किए। इसके बाद इन कणों को हमने गैलियम इंडियम मिश्र धातु की परत से कोट किया। यह मिश्र धातु प्रिंटेड सर्किट की विद्युत चालकता बढ़ाने के साथ उसे यांत्रिक रूप से मजबूती भी प्रदान करती है। इस बेहद लचीले और बहुत पतले टैटू को तैयार करने में बहुत कम खर्च आता है।

RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, सिर्फ 5 प्वाइंट में पढ़ें इसका असर

 चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति बुधवार को घोषित की गई। केंद्रीय बैंक ने लगातार दूसरी बार नीतिगत दरों में इजाफा किया है। रिजर्व बैंक ने अब रेपो रेट को 6.25 फीसद से बढ़ाकर 6.50 फीसद कर दिया है। यही नहीं रिवर्स रेपो रेट को भी 6 फीसद से बढ़ाकर 6.25 फीसद कर दिया गया है।


नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का आप पर सीधे असर पड़ता है। ऐसे में आप यह जरूर जानना चाहेंगे कि इसका आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा। पहले यह जान लें कि रेपो रेट वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक देश के अन्य वाणिज्यिक बैंकों को लोन देता है। जबकि रिवर्स रेपो रेट वह दर है, जिस पर केंद्रीय बैंक अन्य वाणिज्यिक बैंकों से रुपये लेता है। तो चलिए कुछ प्वाइंट में समझते हैं रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी का आप पर क्या असर पड़ेगा।

1. रेपो रेट बढ़ने से आपके होम और कार लोन जैसे अन्य कर्जों की ईएमआई बढ़ जाएगी। क्योंकि बैंक आम तौर पर बढ़ी हुई रेपो रेट का बोझ खुद झेलने की बजाय ग्राहकों पर डाल देते हैं।
2. रेपो रेट बढ़ने का असर आपके सेविंग बैंक खाते और सावधि जमा पर भी पड़ेगा। बैंक आपके सेविंग अकाउंट और सावधि जमा पर ब्याज दर बढ़ा सकते हैं।
3. लगातार बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए भी केंद्रीय बैंक रेपो रेट में बढ़ोतरी करके इसे काबू में करने की कोशिश करता है। रेपो रेट में ताजा बढ़ोतरी से उम्मीद की जानी चाहिए कि महंगाई को काबू में रखने में मदद मिलेगी।
4.अगर आप खुद पर ईएमआई का बोझ नहीं बढ़ने देना चाहते तो आपका बैंक पहले जितनी ही ईएमआई रखकर आपके लोन पीरियड को आगे बढ़ा सकता है। मतलब पहले जो लोन आपने 160 महीनों के लिए लिया था वह 162 या 165 महीने किया जा सकता है।
5. रेपो रेट बढ़ने का असर औद्योगिक विकास पर भी पड़ेगा, क्योंकि ब्याज दर उनके लिए भी महंगी हो जाएगी। अगर यह स्थिति लंबे समय तक रहती है तो आर्थिक विकासदर भी प्रभावित हो सकती है और भविष्य में नौकरियों का सृजन कम हो सकता है।

इंफ्लुएंजा वायरस से मुकाबला करेगी नई नैनोपार्टिकल वैक्सीन

 वैज्ञानिकों को इंफ्लुएंजा वायरस से मुकाबले में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने एक ऐसी नई नैनोपार्टिकल वैक्सीन विकसित की है जो प्रभावी रूप से इंफ्लुएंजा ए वायरस से बचाव कर सकती है। इससे संक्रामक बीमारियों के खिलाफ यूनिवर्सल वैक्सीन तैयार करने की उम्मीद भी बढ़ी है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, पेप्टाइड से निर्मित इस वैक्सीन में इंफ्लुएंजा वायरस से मुकाबला करने की भरपूर संभावना पाई गई है। इस पेप्टाइड में दो या ज्यादा अमीनो एसिड एक कड़ी से जुड़े होते हैं। इसका टीकाकरण त्वचा के जरिये एक घुलनशील माइक्रोनिडिल पैच से किया जाता है।
इस पैच में कई सूक्ष्म सुई लगी होती हैं। अमेरिका की जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर वांग बाओझोंग ने कहा, यह पैच सिरिंज फ्री और दर्दरहित है। इस वैक्सीन के उपयोग से दूसरे रोगाणुओं और कैंसर के लिए टीके का विकास भी किया जा सकता है।
इंफ्लुएंजा एक विशेष समूह के वायरस के कारण मानव समुदाय में होने वाला एक संक्रामक रोग है। इसमें ज्वर और अति दुर्बलता विशेष लक्षण हैं। फुफ्फुसों के उपद्रव की इसमें बहुत संभावना रहती है। यह रोग प्राय: महामारी के रूप में फैलता है। बीच-बीच में जहां-तहां रोग होता रहता है

NRC रिपोर्ट पर चुनाव आयोग भी सक्रिय, 40 लाख लोगों पर पैनी नजर

 नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (एनआरसी) रिपोर्ट पर राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने भी इस मामले में अपना दृष्टिकोण रखा है। मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त आेम प्रकाश रावत का कहना है कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आयोग की एनआरसी की रिपोर्ट पर पैनी नजर है। उन्‍होंने कहा कि आयोग के अफसर एनआरसी से संपर्क बनाए हुए हैं।


सीईसी रावत ने कहा कि इस रिपोर्ट में शामिल लोगों की पहचान कर और नागरिकता के दस्तावेजों से संतुष्ट होने के बाद उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के निर्देश असम के मुख्य चुनाव अधिकारी को दे दिए गए हैं। उन्‍होंने कहा कि 4 जनवरी, 2019 को मतदाता सूची का प्रकाशन होना है। अभी हमारे पास बहुत समय है। हमने मुख्य चुनाव अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स के स्टेट कोऑर्डिनेटर से संपर्क करते रहें। रावत ने कहा कि हमने असम के सीईओ से एनआरसी से तालमेल कर हफ्तेभर में रिपोर्ट मांगी है।

उन्‍होंने कहा कि सीईओ के आंकड़े से यह ज्ञात हो जाएगा इस सूची में कितने बच्‍चे, नए वोटर और कितने अधेड़ या बुजुर्ग हैं। उन्‍होंने कहा कि महिलाओं और पुरुषों की भी संख्‍या भी हमने मांगी है। इस तरह से हमारे पास एक पूरा डाटा होगा। इससे समय रहते पूरी तस्‍वीर साफ हो जाएगी। उन्‍होंने कहा कि 40 लाख लोगों की नागरिकता के दावों की पुष्टि के बाद चुनाव आयोग अपनी तरफ से वेरिफिकेशन कर उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कर लेगा।

संयुक्त राष्ट्र नए मुस्लिम क्षेत्र के निर्माण और शांति स्थापना के लिए फिलीपींस की मदद करेगा

 संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने फिलीपींस में एक नए मुस्लिम क्षेत्र के निर्माण के लिए राष्ट्रपति रॉड्रिगो दुतेर्ते को बधाई दी है। संयुक्त राष्ट्र ने इसके लिए नए कानून बनाने के लिए दुतेर्ते की मदद की घोषणा की है।

फिलीपींस के दक्षिण में स्वायत्त मुस्लिम क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए गुटेरस ने ये कानून बनाए जाने की घोषणा की है। फिलीपींस के राष्ट्रपति रॉड्रिगो दुतेर्ते ने गुरुवार को बंगसामोरो क्षेत्र में नए कानून बनाए जाने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था।

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्टीफन दुजार्रिक ने शुक्रवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र आगे भी फिलीपींस को नए कानून बनाने में मदद करता रहेगा साथ ही बंगसामोरो में शांति, लोकतांत्रिक शासन और मानवाधिकारों की स्थापना के लिए सहयोग करता रहेगा। उन्होंने कहा कि गुटेरस ने ने इसके लिए सरकार को बधाई दी है।

पिच ब्लैक युद्धाभ्यास का मेजबान बना ऑस्ट्रेलिया, पहली बार भाग ले रही भारतीय वायुसेना

 ऑस्ट्रेलिया ने एशिया-प्रशांत के सबसे बड़े वायुसेना अभ्यास 'पिच ब्लैक-2018' की मेजबानी कर रहा है। इस अभ्यास में भारत सहित 16 देशों भाग ले रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की उत्तरी तट रेखा पर शनिवार को आसमान में इन 16 देशों के सर्वश्रेष्ठ पायलटों ने अपने विमानों के साथ उड़ान भरी। पिच ब्लैक प्रशिक्षण में रात की उड़ान और हवाई रिफ्यूलिंग शामिल है। यह अभ्यास विभिन्न देशों को एक दूसरे से सीखने का मौका देता है और साथ ही दुनिया के सबसे बड़े प्रशिक्षण हवाई क्षेत्रों में से एक का उपयोग करके अपने बल एकीकरण में सुधार करने का मौका देता है।


बता दें कि आस्ट्रेलिया की वायुसेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय वायुसैनिक अभ्यास पिच ब्लैक-2018 में भारत पहली बार भाग ले रहा है। 24 जुलाई से 18 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस वायुसैनिक अभ्यास में भारत अपना लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआइ के अलावा हक्र्यूलस और ग्लोब मास्टर विमानों को भी उतार रहा है। हर दो साल में आयोजित होने वाले इस बहुराष्ट्रीय वायुसैनिक अभ्यास में दुनिया भर की दर्जन से अधिक वायुसेना भाग ले रही हैं। इस अभ्यास में भारत के अलावा आस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, थाईलैंड की वायुसेना शामिल हो रही हैं

17 साल की शिवांगी पाठक ने फतह की दक्षिण अफ्रीका के किलिमंजारो पर्वत की चोटी, 5,895 मीटर है ऊंचाई

 

शिवांगी माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय लड़की, उन्होंने 16 साल में यह उपलब्धि अपने नाम की थी

इमरान खान को बनानी होगी गठबंधन सरकार, अभी भी अधिकृत नतीजों का इंतजार

 पाकिस्तान में बुधवार को हुए आम चुनावों में क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान अहमद खान नियाजी (65) की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) को 118 सीटें हासिल हुई हैं। दो सीटों पर मतगणना अभी जारी है और दोनों पर उनकी पार्टी आगे चल रही है।


272 सदस्यीय नेशनल असेंबली की 270 सीटों के लिए चुनाव कराए गए थे, लिहाजा सरकार बनाने के लिए इमरान खान को 136 सीटों की दरकार होगी। बढ़त वाली दोनों सीटें जीतने के बावजूद उन्हें बहुमत के लिए 16 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में अन्य पार्टियों से गठबंधन करना उनकी मजबूरी है।

पाकिस्तान चुनाव आयोग ने अभी नतीजों की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेशनल असेंबली में 62 सीटें हासिल कर दूसरे स्थान पर है। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के पुत्र बिलावल भुट्टो के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 43 सीटें हासिल कर तीसरे स्थान पर है।

उधर, स्पष्ट बहुमत के अभाव में पीटीआइ ने समर्थन जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। हालांकि उसकी सहयोगी पीएमएल-क्यू को पांच सीटें हासिल हुई हैं और छह सीटें जीतने वाली मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) ने पहले ही इमरान को समर्थन पर रजामंदी दे दी है। लिहाजा, पीटीआइ ने बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए सबसे पहले 12 निर्दलीय सदस्यों से संपर्क किया है।

पार्टी को विश्वास है कि देश का 19वां प्रधानमंत्री बनने के लिए इमरान खान को उनका समर्थन प्राप्त हो जाएगा। बता दें कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की कुल सदस्य संख्या 342 है, लेकिन प्रत्यक्ष चुनाव सिर्फ 272 सीटों पर कराया जाता है। जबकि 70 सीटें निर्वाचित सीटों के अनुपात में विभिन्न पार्टियों को हासिल होती हैं। इस तरह इमरान खान की पार्टी को बहुमत के लिए 171 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी।

हरियाणा का महाेत्‍सव अब मॉरीशस में मचाएगा धूम, आयोजन के लिए सुझाव व सहायता मांगी

 अब योग दिवस की तरह दूसरे देश गीता जयंती महोत्सव मनाने के लिए भी लालायित हैं। समुद्र की गोद में बसे मॉरीशस ने गीता जयंती महोत्सव अपने देश में मनाने की इच्छा जाहिर की है और इसके आयोजन की तिथि का सुझाव और आयोजन में मदद भी मांगी है। ऐसे में हरियाणा का महाेत्‍सव मॉरीशस में भी धूम मचाएगा। अभी सरकार द्वारा गीता जयंती महोत्सव की तिथि का सुझाव देना बाकी है। बताया जाता है 15 से 21 नवंबर तक इसे मनाने के लिए सुझाव दिया जा सकता है।



मॉरीशस आयोजित करना चाहता है गीता जयंती महोत्‍सव
गौरतलब है कि पिछले वर्ष मॉरीशस अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव पार्टनर देश के तौर पर धर्मनगरी में शामिल हुआ था और उनके देश के गणमान्य लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल भी पहुंचा था। 1 अगस्त को मॉरीशस के राजदूत कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे।

गीता महोत्सव पर धर्मनगरी में दिखेगा लघु भारत, 25 लाख पर्यटकों के पहुंचने की उम्‍मीद

2017 में अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में पार्टनर देश के तौर पर शामिल हुआ था मॉरीशस

1 अगस्त को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के 50 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इसलिए वर्ष 2018 को कुरुक्षेत्र का केडीबी (कुरुक्षेत्र डेवलपमेंट बोर्ड)स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया जाएगा। ऐसे में केडीबी द्वारा 1 अगस्त को कुरुक्षेत्र में विशाल महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें मॉरीशस के राजदूत भी पहुंचने वाले हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल केडीबी और धर्मनगरी से जुड़ी कई घोषणाएं कर सकते हैं। उम्मीद है कि मॉरीशस में गीता जयंती महोत्सव मनाने से संबंधित जानकारी भी उसी दिन जारी की जाए।

भारत के सोनम वांगचुक और भारत वाटवानी को एशिया का नोबल (रोमन) मैगसेस दिया गया।

 एशिया का नोबेल पुरस्कार माने जाने वाले रैमन मैगसायसाय अवॉर्ड के लिए छह लोगों को चुना गया है, जिनमें दो भारतीय भी हैं। भारत वटवानी को भीख मांगने वाले हजारों मानसिक रोगियों का इलाज कराने और परिवार से मिलवाने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। वहीं सोनम वांगचुक को प्रकृति, संस्कृति और शिक्षा के जरिए सामुदायिक प्रगति के लिए काम करने पर यह सम्मान मिला है। वांगचुक वही हैं, जिनके जीवन से प्रेरित होकर आमिर खान की फिल्म 'थ्री इडियट्स' में फुनसुक वांगड़ू का कैरेक्टर बनाया गया था। पुरस्कार 31 अगस्त को मनीला में दिए जाएंगे।


सोनम वांगचुक ने इंजिनियरिंग करने के बाद स्टूडेंट्स एजुकेशन ऐंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना की और कोचिंग शुरू की। 1994 में वांगचुक ने 'ऑपरेशन न्यू होप' शुरू किया। इसमें पढ़ने वाले छात्रों के मैट्रिक एग्जाम में सफलता दर में तेजी से बढ़ी। 1996 में जहां सिर्फ 5 प्रतिशत छात्र ही पास हो पाते थे, 2015 में बढ़कर 75 प्रतिशत हो गए थे।

डॉ़ भारत वटवानी को भी मैगसायसाय अवॉर्ड
डॉक्टर भारत वटवानी और उनकी पत्नी ने पहले छोटे स्तर पर ही दिमागी तौर पर बीमार सड़कों पर रहने वाले लोगों का प्राइवेट क्लिनिक में इलाज करवाना शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने सड़कों पर रह रहे मानसिक रोगियों को आश्रय देने, खाना मुहैया कराने, दिमागी इलाज कराने और परिवार से मिलवाने के मकसद से सन् 1988 में श्रद्धा रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन की स्थापना की।

आज रात 11.54 बजे से शुरू होगा सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण, भारत समेत दुनियाभर में दिखेगा

 इस सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण शुक्रवार रात को होगा। इस दौरान 1 घंटा 43 मिनट तक चंद्रमा लाल दिखाई देगा, इसे 'ब्लड मून' भी कहा जाता है। इस खगोलीय घटना को भारत समेत कई देशों में देखा जा सकेगा। भारत में यह रात 11 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा।


खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, 27 जुलाई को चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी पर होगा, इस स्थिति को लूनर एपोजी कहा जाता है। पृथ्वी और चंद्रमा के बीच ज्यादा दूरी की वजह से ग्रहण भी देर तक रहेगा। इस साल 31 जनवरी को भी पूर्ण चंद्रग्रहण था। तब इसकी अवधि 1 घंटा 40 मिनट थी। सदी का सबसे छोटा चंद्रग्रहण 4 अप्रैल 2015 को हुआ था। इसका ग्रहण काल सिर्फ 4 मिनट 48 सेकंड था। अब 31 दिसंबर 2028 को अगला पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इससे पहले जुलाई 2000 और जून 2011 में भी पूर्ण चंद्रग्रहण हो चुके हैं।

क्यों होता है चंद्रग्रहण : सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। तब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है इसे चंद्रग्रहण कहते हैं। पृथ्वी की छाया में चंद्रमा ढंक जाने पर पूर्ण चंद्रग्रहण होता है।

दुनिया के इन इलाकों में दिखेगा : पूर्ण चंद्रग्रहण यूरोप, एशिया के ज्यादातर देशों, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और आसपास के देशों, उत्तरी अमेरिका, प्रशांत क्षेत्र, अटलांटिक, भारतीय महासागर और अंटार्कटिका में दिखाई देगा।

चार दिन बाद एक और खगोलीय घटना : 31 जुलाई को मंगल ग्रह पृथ्वी के करीब आएगा। तब दोनों ग्रहों के बीच दूरी 5.76 करोड़ किलोमीटर होगी। इस दौरान लाल ग्रह दोगुना बड़ा दिखाई देगा। दोनों ग्रह 15 साल पहले 2003 इतने करीब आए थे। तब इनके बीच की दूरी 5.57 करोड़ किलोमीटर थी। इसके बाद यह नजारा 6 अक्टूबर 2020 को दिखाई देगा। तब इन ग्रहों के बीच की दूरी 6.176 करोड़ किलोमीटर होगी।

बस्तर में नई डिजिटल क्रांति की शुरूआत करेगी मोबाइल वितरण योजना- राष्ट्रपति

 अपने दो दिवसीय प्रवास पर बस्तर पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को जगदलपुर में नए मेडिकल कॉलेज भवन का उद्धाटन किया। इस मौके पर प्रदेश सरकार की बहुप्रतीक्षित मोबाइल फोन वितरण योजना की भी शुरूआत हुई। राष्ट्रपति के हाथों हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित किए गए।

इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि सरकार की यह योजना निश्चित ही बस्तर में डिजिटल क्रांति के नए दौर की शुरूआत करेगी। यहां कम्यूनिकेशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए सघन तौर पर जो काम हुआ है उसका फायदा लोगों को जरूर मिलेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि मोबाइल फोन ने इस दौर में लोगों की जिंदगी को काफी सहज बना दिया है और लोग इसके जरिए देश-दुनिया से जुड़कर जागरूक हो रहे हैं।
देश की समृद्धि का प्रतीक बनेगा बस्तर का विकास
डॉ बलिराम कश्यप मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के नए भवन का लोकार्पण करते हुए राष्ट्रपति ने अंचल के लोगों को शुभकानाएं दीं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का यह संस्थान स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने में मदद करेगा। यहां चिकित्सा सेवा का दायरा बढ़ने से लोगों के जीवन में समृद्धि आएगी। बस्तर का विकास आने वाले समय में देश की समृद्धि का प्रतीक बनेगा

रेलवे ट्रैक की रखरखाव के लिए मेक इन इंडिया के तहत निर्मित मशीनों का उद्घाटन आज रेल मंत्री करेंगे।

 रेलवे के रखरखाव और इसकी बेहतरी के लिए रलवे मंत्रालय लगातार काम कर रहा है। रेलवे ट्रैक और रेलवे कोच की मेंटीनेंस और इसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रेलवे नई मशीनों को लांच करने जा रहा है। इसी कड़ी में तीन 09-3X डायनैमिक टैम्पिंग एक्सप्रेस मशीन, एक बलास्ट क्लीनिंग मशीन और एक प्वाइंट और क्रॉसिंग टैम्पिंग मशीन को आज लांच किया जाएगा। ये मशीनें रेलवे ट्रैक के रखरखाव और इसके रिन्यूअल के लिए लाई जा रही हैं। बड़ी बात ये है कि इन मशीनों का निर्माण 'मेक इन इंडिया' के तहत किया गया है। रेलवे मंत्रालय के द्वारा आज इन मशीनों का उद्घाटन किया जाएगा।


जानकारी के मुताबिक, ऐसी सात मशीनों के शामिल किए जाने की योजना है। 27 करोड़ रुपये प्रति मशीन लागत वाली नई 09-3एक्स डायनेमिक टेम्पिंग एक्सप्रेस विविध कार्यों को करने में सक्षम होगी।

ट्रैक के रखरखाव के लिए रेलवे लेकर आया नई टेंपिंग मशीनें
इन मशीनों का विनिर्माण आयातित कंपोनेंट्स के साथ 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत में किया गया है। अगले तीन वर्षो के दौरान भारतीय रेल रखरखाव बेड़े में ऐसी 42 और मशीनों को शामिल करने की योजना बनाई गई है।कहा जा रहा है कि इससे भारतीय रेल में पटरियों के रखरखाव में सुरक्षा, विश्वसनीयता में और बेहतरी आएगी।

मोदी युगांडा से दक्षिण अफ्रीका पहुंचे, 10वें ब्रिक्स सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को युगांडा से दक्षिण अफ्रीका पहुंचे। यहां वे 10वें ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होंगे। इससे पहले अपनी पांच दिन की यात्रा के दौरान मोदी ने रवांडा और युगांडा की यात्रा की। अफ्रीका के लिए रवाना होने से पहले मोदी ने युगांडा की संसद में भारत और अफ्रीका के रिश्तों पर बात की। वे यहां की संसद में भाषण देने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। मोदी ने कहा- अफ्रीका के विकास के लिए हम डिजिटल क्रांति के अनुभव साझा करेंगे। डिजिटल साक्षरता लाना और निचले पायदान पर मौजूद लोगों को मुख्यधार से जोड़ने में हम हर मदद करेंगे। अफ्रीका के साथ साझेदारी के लिए प्रधानमंत्री ने 10 सूत्र भी बताए।


मोदी के 10 सूत्र
1) मोदी ने कहा, "अफ्रीका हमारी प्राथमिकताओं के शीर्ष पर होगा। अफ्रीका के साथ भागीदारी को गहरा करना जारी रखेंगे।
2) भारत और अफ्रीका की विकास साझेदारी प्राथमिकताओं से निर्देशित की जाएंगी। जो भी आपके लिए बेहतर होंगी, जो आपके भविष्य को बाधित नहीं करेंगे।
3) दोनों देश अपने बाजारों को खुले रखेंगे और भारत के साथ व्यापार करने के लिए इसे आसान और अधिक आकर्षक बना देंगे। हम अफ्रीका में निवेश करने के लिए अपने उद्योग का समर्थन करेंगे
4) अफ्रीका के विकास का समर्थन करने के लिए डिजिटल क्रांति के साथ भारत अपने अनुभव का इस्तेमाल करेगा। इसमें सार्वजनिक सेवाओं के वितरण में सुधार; शिक्षा और स्वास्थ्य का विस्तार; डिजिटल साक्षरता फैलाने और हाशिए में मौजूद लोगों को मुख्यधारा में लाने का काम शामिल होगा।
5) भारत अफ्रीका में कृषि सुधार के लिए भी काम करेगा। अफ्रीका में दुनिया की कृषि जमीन का 60% हिस्सा है, लेकिन ये सिर्फ वैश्विक उत्पादन का केवल 10% ही उत्पादित करता है।
6) दोनों देशों की साझेदारी जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान करेगी।
7) आतंकवाद और चरमपंथियों का मुकाबला करने में दोनों सहयोग और पारस्परिक क्षमताओं को मजबूत करेंगे
8) भारत अफ्रीकी देशों के लाभ के लिए महासागरों को खुले और मुक्त रखने के लिए काम करेगा। मोदी ने कहा कि अफ्रीका और पूर्वी हिंद महासागर के बीच प्रतिस्पर्धा की जरूरत नहीं है।
9) मोदी ने इस सूत्र को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, जैसे अफ्रीका में वैश्विक जुड़ाव बढ़ता है, भारत ये सुनिश्चित करने का काम करेगा कि कहीं अफ्रीका एक बार फिर प्रतिद्वंद्वी महत्वाकांक्षाओं में ना आ जाएं।
10) भारत और अफ्रीका ने उपनिवेशवाद को एक साथ लड़ा, हम एक न्यायसंगत, प्रतिनिधि और लोकतांत्रिक वैश्विक व्यवस्था के लिए मिलकर काम करेंगे।

गांधीजी के जीवन में अफ्रीका की अहम भूमिका: मोदी ने गांधीजी की जिंजा स्थित पवित्र स्थल का जिक्र करते हुए कहा कि जहां अब गांधीजी की मूर्ति है उस जगह पर जल्द ही हम गांधी हेरिटेज सेंटर का निर्माण करेंगे। जैसे-जैसे महात्मा गांधी की 150वीं जयंती नजदीक आ रही है, इससे बेहतर कोई श्रद्धांजलि नहीं हो सकती कि हम उनके विचार बनाने में अफ्रीका के किरदार को याद रखें। मोदी ने कहा कि अफ्रीका और भारत अपने समुद्री मार्ग, उपनिवेशवाद के दौरान का बुरा समय, आजादी के लिए साझा संघर्ष, नए मौकों की सुबह और युवा जनसंख्या के लिए आकांक्षाओं की एकता ने भारत और युगांडा को जोड़ रखा है।

अफ्रीका की शांति में भारत का योगदान: मोदी ने कहा, “अफ्रीका की शांति में भी भारत का अहम किरदार रहा है। भारतीय सैनिकों ने अफ्रीका में ब्लू हेलमेट के रूप में काम किया है ताकि अफ्रीकी बच्चे शांतिपूर्ण भविष्य की ओर देख सकें। अफ्रीका में चल रहे यूएन के दर्ज भर पीसकीपिंग मिशन में हिस्सा लेकर भारत गौरवान्वित है। पीसकीपिंग मिशन में भारत के 163 जवानों ने बलिदान दिया था। ये किसी भी देश के लिए सबसे ज्यादा था। इनमें सबसे ज्यादा 70% शहीदी अफ्रीका में हुई थीं।”

मंगल पर पहली बार पानी की झील होने के सबूत मिले, यह 20 किमी में फैली

 वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर तरल अवस्था में पानी की मौजूदगी के सबूत मिले हैं। अनुमान है कि यह झील दक्षिणी ध्रुव पर करीब 20 किलोमीटर के इलाके में फैली है। हालांकि, यह पानी बर्फ की एक किलोमीटर मोटी चट्टान के नीचे हो सकता है। यूरोपीय स्पेस एजेंसी के मार्स एक्सप्रेस ऑर्बिटर ने यह जानकारी दी है। मंगल पर पानी की मौजूदगी तो पहले भी साबित हुई, लेकिन पूरी झील होने होने के सबूत पहली बार मिले।

ऑर्बिटर के भेजे आंकड़ों का इटली के वैज्ञानिकों ने तीन साल तक अध्ययन किया गया। इस दौरान उन्होंने पाया कि रडार द्वारा भेजी तरंगें बर्फ को तो पार कर रही थीं, लेकिन दक्षिणी ध्रुव के पास जाकर लौट रही थीं। इससे वहां पानी का जलाशय होने की संभावना बढ़ गई।

क्या मंगल पर जीवन है? : ओपन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉक्टर मनीष पटेल ने बीबीसी को बताया कि दुनिया में लोग काफी समय से मंगल ग्रह और उसमें जीवन के ना पनपने वाली परिस्थितियों के बारे में जानते हैं। लेकिन पानी के मिलने से अब ग्रह पर जीवन के होने की संभावना तलाशी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने पानी की मौजूदगी और जीवन के पनपने के बीच कोई संबंध नहीं बताया।

ब्रिटेन ने चलने-फिरने में बुजुर्गों की मदद करने वाला सुपर सूट बनाया, शरीर को ऊर्जा देंगी इलेक्ट्रिक मसल्स

 उम्र बढ़ने और बीमारियों की वजह से चलने-फिरने में लाचार हो चुके बुजुर्गों के लिए ब्रिटेन की रोबोटिक कंपनी ने एक सूट बनाया है। इसमें छोटी-छोटी मशीनें लगी हैं, जो इलेक्ट्रिकल मांस-पेशियों की तरह काम करती हैं और शरीर के जोड़ों को बल देती हैं।


सूट में शरीर की गतिविधियों का पता लगाने वाले सेंसर भी लगे हैं। ये एक सॉफ्टवेयर से संचालित होते हैं और शरीर में हरकत होते ही मशीनों को चालू कर देते हैं। इस सूट के लिए जरूरी मोटर, बैटरी और कंट्रोल बोर्ड इसके पिछले हिस्से में बने पॉकेट में रखे गए हैं ताकि व्यक्ति को चलने-फिरने में दिक्कत नहीं हो।

फैशन डिजानर ने किया डिजाइन : सूट बुजुर्ग के शरीर पर फिट रहे। इसके लिए इसे मशहूर डिजाइनर वेस बेहेर से डिजाइन कराया गया। इसे बनाने वाली कंपनी सीस्मिक के संस्थापक रिच महोने ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि लोग इसे मजबूरी में नहीं, बल्कि मर्जी से पहनें।” इस सूट को इस साल के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, पहले चरण में इसे अमेरिका, जापान और ब्रिटेन के बाजारों में ही लॉन्च किया जाएगा। हाल ही में लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में लगी प्रदर्शनी में सुपर सूट को 100 अन्य प्रोडक्ट्स के साथ दिखाया गया था।

नए पाकिस्तान के कप्तान बने इमरान: प्रधानमंत्री बनने से 19 सीटें दूर, पाक ने हाफिज सईद को नकारा

 पाकिस्तान में बुधवार को 272 सीटों के लिए हुए आम चुनाव की मतगणना जारी है। अब तक के रुझानों में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार बनाने के करीब नजर आ रही है। वह 118 सीटों के साथ सबसे आगे है। वे बहुमत से 19 सीटें दूर हैं। बहुमत के लिए 137 सीटें जरूरी हैं। नवाज शरीफ के भाई शहबाज के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) 60 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) तीसरे नंबर पर है। इसके उम्मीदवार 35 सीटों पर आगे चल रहे हैं। आतंकी हाफिज सईद ने अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक (एएटी) के बैनर तले 265 उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा था, लेकिन उसे एक भी सीट पर बढ़त नहीं मिली।


न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस बार भी 50% से 55% वोटिंग हुई है। पाकिस्तान में 10 करोड़ 50 लाख वोटर हैं। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सीटें हैं। 60 सीटें महिलाएं और 10 अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं। चार प्रांत- पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में भी नई सरकार चुनी जा रही है।

पीएम मोदी मोदी अपनी पांच दिवसीय तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को युगांडा पहुंचे हैं

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कंपाला में बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि युगांडा और भारत के बीच एक व्यापार में असंतुलन है। वह उसी ही ठीक करने यहां आए हैं। भारत एक पॉलिसी ड्रिवन देश है, इसलिए वहां किसी के लिए भी निवेश करना आसान है। उन्‍होंने कहा कि युगांडा का आगे बढ़ना जरूरी है। अफ्रीका के विकास, विश्व शांति आदि के लिए युगांडा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पीएम मोदी मोदी अपनी पांच दिवसीय तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को युगांडा पहुंचे हैं। इसके बाद वे दक्षिण अफ्रीका जाएंगे।


युगांडा के राष्‍ट्रपति को बताया पुराना मित्र
यह भारत के किसी प्रधानमंत्री की 20 वर्षों बाद पहली युगांडा यात्रा है। मंगलवार को युगांडा के राष्ट्रपति को भारत का पुराना मित्र बताते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 2007 में युगांडा की पहली यात्रा उनके जेहन में अब भी बनी हुई है। राष्ट्रपति मुसावेनी ने मोदी की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक मामलों में उनके व्यापार प्रबंधन रुख से भारत में काफी बदलाव आया। प्रधानमंत्री मोदी और युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी की सह-अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद मंगलवार को भारत और युगांडा अर्थव्यवस्था और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमत हुए। बता दें कि वर्ष 1997 के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह इस देश की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। पीएम मोदी जब वहां पहुंचे तो हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया।

एनजीटी ने कहा- स्कूलों से होने वाले प्रदूषण को रोके सरकार

 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने शिक्षण संस्थाओं से होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण को रोकने का सरकार को आदेश जारी किया है। इस संबंध में एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय से एक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए भी कहा है। एनजीटी ने आठ सप्ताह के अंदर मंत्रालय से ई-मेल के माध्यम से एक अनुपालन रिपोर्ट जमा करने को कहा है।


एनजीटी ने मेरठ निवासी मनोज चौधरी की याचिका पर उपरोक्त निर्देश दिया। मनोज का आरोप है कि मेरठ मिशन कंपाउंड में उनका घर है। इसके आसपास नौ स्कूल हैं, जो पिछले 10 सालों से डीजल जनरेटर का उपयोग करते हुए वायु और ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं। इससे आस-पड़ोस के लोगों का जीना मुहाल हो गया है।

एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में पर्यावरण मंत्रालय के सचिव राज्य या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के शिक्षा विभागों से बात करें और यहां होने वाले प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर दिशा-निर्देश जारी करें।

पराली जलाने पर एनजीटी गर्म, समग्र नीति बनाने के लिए 5 राज्‍यों को 2 हफ्ते का समय

दरअसल, राज्य प्रदूषण बोर्ड ने 29 जनवरी को मेरठ के एलआरए किड्स स्कूल, जेपी एकेडमी स्कूल, लिटिल स्कॉलर कोल्टस स्कूल और शिवालिक पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया था और एक रिपोर्ट तैयार की थी। बोर्ड ने मेरठ विकास प्राधिकरण को एक पत्र भेज निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही करने को कहा था। उधर, निरीक्षण रिपोर्ट को देखने के बाद एनजीटी ने कहा, इसे देख कोई कारण समझ में नहीं आता है कि आखिर क्यों प्राधिकरण ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। खंडपीठ ने प्राधिकरण को कार्रवाई करने का निर्देश दिए हैं।

मॉब लिंचिंग पर बोलें CJI दीपक मिश्रा, सोशल मीडिया से घटनाओं को मिल रहा बढ़ावा

 देश के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा है कि समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मीडिया को जांच के दायरे में लाना होगा। यह जांच स्वयं देश के जागरूक नागरिक ही कर सकते हैं। कहा कि देश में भीड़ द्वारा हत्या करने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया को जिम्मेदार बताया।


दीपक मिश्रा मंगलवार को दिल्ली में इंटरनेशनल लॉ एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर चिंता जाहिर की। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने संसद से कड़ा कानून बनाने की सिफारिश की थी।

अमेरिका से वादा पूरा करने की राह पर उत्तर कोरिया, अपना मिसाइल परीक्षण स्थल नष्ट करना शुरू किया

 उत्तर कोरिया ने अपना मिसाइल परीक्षण स्थल नष्ट करना शुरू कर दिया है। अमेरिका की सैटेलाइट इमेजिंग पर नजर रखने वाली एक संस्था 38 नॉर्थ के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने देश के उत्तर-पश्चिम में स्थित सोहाए स्टेशन स्थित परीक्षण स्थल खत्म करना शुरू किया है। पिछले महीने ट्रम्प और किम जोंग उन के बीच मुलाकात के बाद ये उत्तर कोरिया क बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे पहले प्योंग्यांग ये दावा करता रहा है कि सोहाए उसकी सैटेलाइट लॉन्चिंग साइट है, लेकिन अमेरिकी अधिकारी इसे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने की जगह मानते रहे थे।


उत्तर कोरिया का सोहाए टेस्टिंग साइट को खत्म करने का कदम तब उठाया है, जब कई संगठन पहले ही कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु रहित करने की उसकी मंशा पर सवाल उठा चुके हैं। तानाशाह किम जोंग-उन पहले 27 अप्रैल को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन और फिर 12 जून को डोनाल्ड ट्रम्प से मिलकर कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने का वादा कर चुके हैं।

उत्तर कोरिया ने 9 महीनों में एक भी मिसाइल नहीं दागी- ट्रम्प: ट्रम्प ने सोमवार को ही उत्तर कोरिया की तारीफ करते हुए कहा था कि वे दोनों देशों के रिश्तों की प्रगति को देखकर खुश हैं। ट्रम्प ने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा था- “पिछले 9 महीनों में उत्तर कोरिया ने एक भी रॉकेट नहीं लॉन्च किया। जापान इससे खुश है, एशिया खुश है, लेकिन फेक न्यूज का कहना है कि मैं गुस्से में हूं क्योंकि चीजें तेजी से नहीं हो रहीं। गलत बात। मैं बहुत खुश हूं।” पिछले हफ्ते भी ट्रम्प ने किम प्रशासन का समर्थन करते हुए कहा था कि उत्तर कोरिया के परमाणु अप्रसार के लिए कोई तय समयसीमा नहीं है और प्रक्रिया में किसी तरह की जल्दबाजी की भी जरूरत नहीं।

भूकंप और ज्वालामुखी की तबाही से बचने के लिए फिलीपींस बना रहा बैकअप सिटी, 12 लाख लोग रह सकेंगे

 फिलीपींस में एक ऐसा नया शहर बनाया जा रहा है, जो प्राकृतिक आपदाओं से पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इसे 'न्यू क्लार्क सिटी' नाम दिया गया है जो राजधानी मनीला से 100 किलोमीटर दूर है। यह तूफान, बाढ़, भूकंप आने और ज्वालामुखी फटने पर भी सुरक्षित रहेगा। लिहाजा, इसे बैकअप सिटी भी कहा जा रहा है। यह शहर करीब 95 वर्ग किलोमीटर में बसाया जा रहा है। इसमें 12 लाख लोग रह सकेंगे। 26 लाख से ज्यादा आबादी वाला फिलीपींस प्रशांत महासागर में 'रिंग ऑफ फायर' में है। इस इलाके के देशों में भूकंप आने और ज्वालामुखी फटने का खतरा बना रहता है।


सरकारी संस्था बेसेस कन्वर्सेशन एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीसीडीए) के अध्यक्ष और क्लार्क सिटी प्लान के प्रमुख विविंसियो डिजोन के मुताबिक, "हम वाहनों से होने वाले प्रदूषण को भी कम करना चाहते हैं। शहर का ज्यादातर हिस्सा पैदल चलने के हिसाब से बनाया जा रहा है। यातायात व्यवस्था भी ऐसी रखी गई है कि कारों का इस्तेमाल कम हो।'' शहर बनने का काम पांच चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में दो अरब डॉलर (13 हजार 775 करोड़ रुपए) खर्च हो चुके हैं।

Railways’ global tender for supply of long rails to open today

 The Indian Railways’ global tender worth ₹2,500 crore for the supply of long rails will open on Tuesday, sources in the Ministry said. The railways had to invite the global tender for procuring around 4.87 lakh metric tonnes of rails to meet the shortfall of supply from the Steel Authority of India Limited (SAIL).


The financial bids for the rails will be opened at 3 p.m., the sources said. Seven foreign steel companies, and Jindal Steel and Power Ltd. (JSPL) have bid for the contract.

This is the first time in three decades that rail procurement has been opened for the private sector. JSPL, the only Indian steel maker in the fray, is expected to get an assured order of 20% under the ‘Make in India’ clause.

The foreign entities are Sumitomo Corporation, Angang Group International, Voestalpine Schienen, East Metals, CRM Hong Kong, British Steel France Rail and Atlantic Steel.

JSPL has been invited by the railways to be present at the opening of the financial bids this afternoon. “We have been invited by the Railway Ministry for the purpose,” a company official confirmed.

Till now, the national transporter was procuring rails from government-owned SAIL. It decided on an extra global tender after anticipating that SAIL would not be able to supply the 7,17,000 tonnes required for 2017-18 and 2018-19, as estimated at that time.

The railways is looking at 4,000 km of track renewal in each of the next two financial years, 2018-19 and 2019-20. Its estimated cost for 2018-19 is a little above ₹10,000 crore.

Maratha reservation protest, YSR Congress bandh, and other news in pictures

 Bandh in Maharashtra

The Maratha Kranti Morcha has called for a statewide bandh in Maharashtra, asking for Maratha reservation. All roads and highways in Aurangabad district and other parts of the Marathwada region have been blockaded by Morcha activists.

YSR Congress bandh in Andhra Pradesh
Pundit Nehru Bis Station wears a deserted look following a call for bandh by YSR Congress Party demanding special status for Andhra Pradesh.
Pundit Nehru Bis Station wears a deserted look following a call for bandh by YSR Congress Party demanding special status for Andhra Pradesh. | Photo Credit: V. Raju
The YSR Congress Party (YSRCP) has called for a state-wide bandh in protest against the denial of the Special Category Status (SCS). The Jana Sena (JSP), the Congress and the Left parties are staying away from the agitation because the bandh was called by the YSRCP, which they have been accusing of being submissive to the BJP-led NDA government allegedly to protect Y.S. Jagan Mohan Reddy’s personal interests.

बंगाल में 12,000 करोड़ का निवेश करेगी इंडियन ऑयल, सौर ऊर्जा से चलेगा पेट्रोल पंप

 इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड पश्चिम बंगाल में हल्दिया रिफाइनरी और पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर करीब 12,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक एवं पश्चिम बंगाल राज्य कार्यालय के प्रमुख दीपांकर रे ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।


उन्होंने कहा कि हल्दिया रिफाइनरी पर 7,600 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। उसकी सालाना क्षमता 75 लाख टन से बढ़ाकर 80 लाख टन की जाएगी। अप्रैल, 2020 तक बीएस-6 मानक वाले ईंधन की तरफ बढ़ा जाएगा। दुर्गापुर और कल्याणी स्थित एलपीजी बॉटलिंग प्लांट को पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। यह पाइप लाइन हल्दिया के रास्ते पारादीप से आएगी। बाद में बज प्लांट को भी जोड़ा जाएगा। इसमें कुल 4,325 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

कंपनी के कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस) सुबोध डाकवले ने बताया कि देश में इंडियन ऑयल के करीब 10,000 पेट्रोल पंप वर्तमान में सौर ऊर्जा से चालित हैं। चालू वित्त वर्ष के अंत तक 5300 और पेट्रोल पंपों को सौर ऊर्जा चालित किया जाएगा। कंपनी की योजना समय के साथ सभी पेट्रोल पंप को सौर ऊर्जा से संचालित करने की है।

मोदी सरकार के सत्ता में आने पर स्विस बैंकों में जमा भारतीयों की राशि घटी- पीयूष गोयल

 संसद के मानसून सत्र का आज पांचवां दिन है। सत्र के चौथे दिन राज्‍यसभा और लोकसभा में हंगामा होता रहा। आज भी दोनों सदनों में यही हाल है। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद स्विस बैंकों में जमा हुई राशि में 2014 से 2017 के बीच 80 फीसद तक की कमी आई है। पीयूष गोयल के जवाब के बाद सदन में हंगामा हुआ और राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।


स्विस बैंकों में जमा भारतीयों की राशि घटी
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद स्विस बैंकों में जमा हुई राशि में 2104 से 2017 के बीच 80 फीसद तक की कमी आई है। वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार के गठन के बाद कालेधन पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने स्विस बैंकों से चर्चा की तो हमें जवाब मिला कि जो आंकड़े भारतीय मीडिया में आए हैं वह सही नहीं है। पीयूष गोयल ने कहा कि मीडिया में आए आंकड़े तथ्यपरक नहीं हैं।

लंदन के सरकारी अस्पतालों में ड्रोन पहुंचाएगा दवाइयां और ब्लड, ट्रांसप्लांट में मदद लेने की तैयारी

 यहां के सरकारी अस्पतालों में जल्द ही ड्रोन से दवाइयां और ब्लड पहुंचाने की सुविधा शुरू हो जाएगी। सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले चंद महीनों में ही यहां के 34 अस्पतालों में ड्रोन से मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट और दवाइयों को आसानी से भेजा जा सकेगा।


रिपोर्ट 'फ्लाइंग हाई- शेपिंग द फ्यूचर ऑफ ड्रोन्स इन यूके सिटी' के मुताबिक, इंजीनियरों की टीम ने इसके लिए सारी तैयारी कर ली है। संकरी गलियों से ड्रोन कैसे निकलेंगे, इसका प्लान भी तैयार है। प्रोजेक्ट से जुड़ी संस्था के मुताबिक, दो अस्पतालों में यह सुविधा जल्द ही शुरू हो जाएगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य में इन ड्रोन के जरिए ट्रांसप्लांट (प्रत्यारोपण) के लिए अंग भी भेजे जाएंगे। इससे अंगों को सुरक्षित तरीके से और बहुत कम समय में एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकेगा। इसमें अत्याधुनिक तकनीक वाले ड्रोन इस्तेमाल किए जाएंगे। ड्रोन टेक्नोलॉजी में ब्रिटेन को विश्व में अग्रणी बनाने के लिए इस प्रोजेक्ट पर पांच शहर मिलकर काम कर रहे हैं।

Cannot impose complete ban on protests at Jantar Mantar, says SC

 The Supreme Court on Monday said there cannot be a “complete ban” on holding protests and sit-ins at Jantar Mantar in New Delhi, and asked the Central government to frame guidelines for according sanctions to such events.


A Bench, comprising Justices A.K. Sikri and Ashok Bhushan, said there was need to strike a balance between conflicting rights such as right to protest and right of citizens to live peacefully.

“There cannot be a complete ban on holding protests at places like Jantar Mantar and Boat Club [near India Gate],” the Bench said.

The verdict came on a batch of petitions, including the one filed by Mazdoor Kisan Shakti Sanghtan, challenging the decision of the National Green Tribunal, which had banned all kinds of protests at places like Jantar Mantar and the Boat Club..

Rajya Sabha sends Ancient Monuments amendment Bill to Select Committee

 Following a high-drama session on Friday, which saw the BJP defeating the no-confidence motion moved by the Telugu Desam Party, Parliament reconvened on Monday.

The recent incident of a 28-year-old Muslim man beaten to death in Rajasthan’s Alwar district on Friday night by a group of people on suspicion that he was smuggling cows was raised in Rajya Sabha. The upper House also witnessed adjournment after TDP members indulged in sloganeering.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- नशे के खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना बनाए एम्स

 सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ समाज में नशीले पदार्थो के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह से कहा कि यह मामला 'राष्ट्रीय महत्व' का है। इसलिए एम्स और सरकार को कार्ययोजना बनाने के लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।


एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एम्स के अधिकारियों को सात सितंबर या उससे पहले रिपोर्ट तैयार कर लेने का निर्देश दिया। उसने कहा कि यह नीति बनाना राष्ट्र के हित में है और इसमें किसी तरह की देरी बर्दाशत नहीं की जाएगी। सुनवाई कर रही पीठ में न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं।

इससे पहले याचिकाकर्ता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उच्चतम न्यायालय की ओर से साल 2016 में दिए गए फैसले का पालन नहीं किया जा रहा है। कैलाश सत्यार्थी के गैर-सरकारी संगठन 'बचपन बचाओ आंदोलन' की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने एक दिशा-निर्देश जारी किया था। इसके साथ ही इसने सरकार से छह माह के भीतर राष्ट्रीय कार्ययोजना बनाने को कहा था।

सदी के सर्वाधिक लंबे चंद्र ग्रहण को मंगल बना रहा खास

 सदी का सबसे लंबे लगने जा रहे चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना अपने आप में दुर्लभ होगी। इसके साथ ही इसके पास आ रहा लाल ग्रह मंगल इस घटना को और खास बनाने जा रहा है। जिस कारण वैज्ञानिकों समेत खगोल प्रेमी इस खगोलीय घटना में खास दिलचस्पी ले रहे हैं। 27 जुलाई को चंद्रमा व मंगल के बीच मात्र सात डिग्री रह जाएगी। वैज्ञानिक अध्ययन के लिहाज से भी इस घटना को खास माना जा रहा है। जिसके लिए वैज्ञानिक तैयारियों में जुट गए हैं।


आर्यभटट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) नैनीताल के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशि भूषण पांडे के अनुसार चंद्र ग्रहण साधारण खगोलीय घटना होने के बावजूद इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रही है। 27 जुलाई की रात 11.54 बजे धरती की छाया चंद्रमा पर पड़ी शुरू हो जाएगी।

एक बजे चंद्रमा पूर्ण रूप से पृथ्वी की छाया में आ जाएगा। जिससे पूर्णग्रहण लगा चांद नजर आएगा। पूर्णग्रहण की अवधि मध्य रात्रि बाद 2.43 बजे तक रहेगी। पूर्ण चंद्रग्रहण की अवधि 1.43 घंटे की रहेगी। यह इस सदी की सबसे लंबी अवधि होगी। इसके बाद पूर्ण ग्रहण समाप्त और आंशिक ग्रहण लगा चांद रहेगा, जो 3.49 बजे तक रहेगा। इसके बाद चंद्रमा पृथ्वी की छाया से मुक्त हो जाएगा।

जल्द अपने लिए खाद खुद बनाएंगे पौधे, खेती के लिए क्रांतिकारी कदम

 जल्द ही ऐसे पौधे तैयार किए जा सकेंगे, जो अपने लिए खाद खुद बनाने में सक्षम होंगे। अमेरिका में भारतीय मूल के शोधकर्ता इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि इसके बाद पौधे वातावरण से नाइट्रोजन लेकर अपने लिए खाद तैयार कर सकेंगे, जिसका प्रयोग क्लोरोफिल बनाने में किया जा सकेगा। क्लोरोफिल प्रकाश संश्लेषण क्रिया का एक अहम घटक है।


अमेरिका स्थित वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा बैक्टीरिया तैयार किया है जो दिन में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया का प्रयोग कर ऑक्सीजन बनाता है और रात में नाइट्रोजन का प्रयोग कर प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल तैयार करता है। बता दें कि क्लोरोफिल पौधों की पत्तियों में पाया जाने वाला एक प्रोटीनयुक्त जटिल रासायनिक यौगिक होता है। इसी के कारण पत्तियों का रंग हरा होता है और प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

एमबायो नामक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि इस खोज के बाद मानव निर्मित उर्वरकों का प्रयोग आंशिक या पूर्ण रूप से बंद किया जा सकेगा। बता दें कि वर्तमान में इंसानों द्वारा तैयार किए जा रहे रासायनिक उर्वरकों की कीमत पर्यावरण को चुकानी पड़ती है। इससे पेड़-पौधों की वृद्धि में तो इजाफा होता है, लेकिन इसका अधिक प्रयोग इंसानों के स्वास्थ्य और भूमि के लिए नुकसानदेह होता है।

SC stays Madras HC order to award grace marks to students who took NEET in Tamil

 The Madras high court order awarding 196 grace marks to over 23,000 students who wrote the NEET exam – single window entrance test for undergraduate and post graduate medical courses - in Tamil was on Friday put on hold by the Supreme Court, which accepted that the paper in vernacular language was misleading but said the solution HC offered was not appropriate.


“Yes there are errors in the paper. We understand that this was not just inaccuracy but misleading. However, this (giving grace marks) is not the solution. We cannot dole out marks like that,” justice SA Bobde said. A bench of justices Bobde and LN Rao were hearing CBSE’s appeal against the HC order and issued notice to the member of parliament, TK Rangarajan, on whose petition the grace marks were ordered.

As per the petitioner before the HC, the students who took NEET in Tamil faced 49 incorrect questions because translation of those questions from English to the vernacular language was wrong. NEET was held on May 6 in 136 cities in 11 languages and the results were announced on June 4. But counselling stopped after the HC order.

SC observed that it was not possible to provide a solution this year. But it assured that some procedure would be worked out so that students do not face problems again next year. “We acknowledge the problem but do not agree with the solution,” justice Bodbe remarked.

Justice Rao said: “Giving grace marks would put meritorious students at a disadvantage. Also, it would be unfair to those students who did not opt for bilingual paper but just wrote the exam in English.”

तरक्‍की के नए मुकाम पर भारत

 

आर्थिक नीतियों की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। इसके पहले फ्रांस इस स्थान पर काबिज था। विश्व बैंक के अनुसार भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2017 में 2.597 टिलियन अमेरिकी डॉलर था, जबकि फ्रांस का 2.582 टिलियन अमेरिकी डॉलर। गौरतलब है कि नवंबर, 2016 में हुई नोटबंदी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में थोड़ी सुस्ती आ गई थी। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण भी भारतीय अर्थव्यवस्था में थोड़ी मंदी की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन वर्ष 2017 में विनिर्माण और उपभोक्ता खर्च में आई तेजी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में फिर से सुधार आने लगा।

एक दशक में भारत की जीडीपी दोगुनी हो गई है। अगर भारत में इसी तरह से आर्थिक क्षेत्र में सुधार होते रहे तो जल्द ही वह एशिया की सबसे प्रमुख आर्थिक ताकत बन सकता है। कहा जा रहा है कि फ्रांस की प्रति व्यक्ति आय भारत से कई गुना अधिक है। दरअसल भारत की आबादी मौजूदा समय में लगभग 1 अरब 34 करोड़ है, जबकि फ्रांस की आबादी 6 करोड़ 7 लाख है। कम आबादी के कारण फ्रांस की प्रति व्यक्ति आय भारत से ज्यादा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) के अनुसार इस साल भारत की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रह सकती है और कर सुधार एवं घरेलू खर्च के कारण वर्ष 2019 में भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत पहुंच सकती है, जबकि दुनिया की औसत विकास दर 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।

बिहार की इस पहचान का ढाई साल में निर्माण, सात साल में नहीं हो सकी मरम्‍मत

 

गोलघर बिहार की पहचान है। इस ऐतिहासिक इमारत को अंग्रेजों ने ढाई साल में बना दिया, लेकिन उसके गुंबद के संरक्षण का कार्य सात वर्षो में भी पूरा नहीं हो सका है। ब्रिटिश शासनकाल में इसका निर्माण अनाज भंडारण के लिए गोदाम के तौर पर ढाई वर्षों में ही कर दिया गया था। गोलघर गुंबद फिलहाल लोहे के शिकंजे में कैद है। पर्यटक इसके गुंबद पर चढ़कर पटना का दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। यहां से गंगा और शहर का अद्भुत नजारा दिखता है।

बिहार की पहचान है गोलघर 
गोलघर पटना ही नहीं बिहार की पहचान है। ब्रिटेन से आने वाले पर्यटकों की यह पहली पसंद है। मुख्यमंत्री स्कूल परिभ्रमण योजना के तहत प्रतिवर्ष लाखों छात्र गोलघर देखने के लिए आते हैं, लेकिन सीढिय़ों से इस पर चढऩे का उनका शौक अधूरा रह जाता है। पिछले दो वर्षो से इसके गुंबद के ऊपर चढऩे पर रोक है।

Ministry of information and broadcasting panel to be replaced soon

 A committee set up by the ministry of information and broadcasting (MIB) to devise ways to regulate online media and other Internet content has been disbanded, and its mandate will now be handed over to a panel overseen by the ministry of electronics and information technology (MeitY), an official aware of the development said on Friday.


The committee on national investment in critical national infrastructure and digital broadcast sting by MeitY will also be tasked with drafting the proposed regulations for online content, the official said on condition of anonymity. The committee has the secretary of MeitY as convener and has on board the secretaries of MIB and the department of telecommunications as well as the national cyber security coordinator.

“The terms of reference of the proposed online regulation committee were similar to those of the existing committee set up by MeitY. Hence, it has been decided that its terms of reference will be dovetailed with the existing committee,” the official cited above said. The official said the committee will meet with stakeholders and “recommend necessary support in a systemic manner.”

While MIB officials did not respond to queries, the government has been stressing that it is not considering regulation of news websites.

I&B minister Rajyavardhan Rathore had earlier said: “We believe in self-regulation of all mediums and we trust the consumer of news to be able to be able to tell right from wrong.”

The 10-member committee was set up in April by the then-I&B minister Smriti Irani, with representation from several ministries including home affairs, MeitY, legal affairs, Department of Industrial Policy & Promotion, Press Council of India and the National Broadcasters Association. Citing reasons for setting up the committee, the MIB in April 4 order, said the idea was to “delineate the sphere of online information dissemination which needs to be brought under regulation, on the lines applicable for print and electronic media”.

Modi to visit Rwanda, Uganda, S Africa next week: MEA

 Prime Minister Narendra Modi will visit Rwanda, Uganda and South Africa from July 23-27, the Ministry of External Affairs announced on Friday.


The Prime Minister, who will attend the BRICS Summit in South Africa, will first stop in Rwanda for a two-day visit, the first by an Indian prime minister, T.S. Tirumurti, secretary (Economic Relations) in the MEA

India is expected to sign a defence cooperation agreement during the visit, he said.

Mr. Modi will then visit Uganda from July 24-25, where he will address the Ugandan Parliament apart from holding delegation-level talks, Tirumurti said.

On the final leg of his trip, Mr. Modi will go to South Africa where he will attend the BRICS Summit during which a host of global issues, including those related to international peace and security will be discussed.

BRICS comprises Brazil, Russia, India, China and South Africa

जानिए, भारतीय लोकतंत्र में पहली बार किसके खिलाफ लाया गया अविश्‍वास प्रस्‍ताव

 केंद्र में चार साल से ज्यादा का समय गुजार चुकी मोदी सरकार को शुक्रवार के दिन संसद में अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। दरअसल, सरकार को विपक्ष की ओर से पेश किए गए अविश्‍वास प्रस्‍ताव का सामना करना है। ऐसा नहीं है कि संसदीय इतिहास में किसी सरकार के खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इससे पहले, लोकसभा में 26 बार अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाया जा चुका है। इसमें से सबसे ज्यादा इंदिरा गांधी सरकार को 15 बार सदन में अविश्‍वास प्रस्‍ताव का सामना करना पड़ा।


1963 में पहली बार लाया गया अविश्‍वास प्रस्‍ताव
संसद में पहली बार 1963 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इस प्रस्‍ताव को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के तत्कालीन सांसद जेबी कृपलानी लाए थे। हालांकि, इस अविश्‍वास प्रस्‍ताव से नेहरू सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा। जेबी कृपलानी द्वारा नेहरू सरकार के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव के पक्ष में 62 वोट और विरोध में 347 वोट पड़े। इस तरह से ये अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिर गया।

इंदिरा सरकार के खिलाफ 15 बार अविश्वास प्रस्ताव
नेहरू के निधन के बाद लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रधानमंत्री बने। उनके तीन साल के कार्यकाल में विपक्ष द्वारा तीन बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, हालांक‍ि विपक्ष को सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद सत्ता की बागडोर इंदिरा गांधी के हाथों में आई। इंदिरा गांधी के खिलाफ विपक्ष 15 बार अविश्वास प्रस्ताव लाया, पर एक भी बार उसे कामयाबी नहीं मिली।

नरसिम्हा राव की सरकार को भी मिला तीन बार अविश्वास प्रस्ताव
नरसिम्हा राव की सरकार को भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था। 1993 में नरसिम्हा राव बहुत कम अंतर से अपनी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को मात दे पाए। नरसिम्हा सरकार के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव के वोटिंग में 14 वोट के अंतर से सरकार बची। हालांकि, उनके ऊपर अपनी सरकार को बचाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसदों को प्रलोभन देने का आरोप भी लगा।

अटल सरकार के खिलाफ दो बार अविश्वास प्रस्ताव
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के खिलाफ विपक्ष ने दो बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। प्रधानमंत्री रहते हुए वाजपेयी को को दो बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा। इनमें से पहली बार तो वो सरकार नहीं बचा पाए, लेकिन दूसरी बार विपक्ष को उन्होंने मात दे दी। 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार को जयललिता की पार्टी के समर्थन वापस लेने से अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था। तब वाजपेयी सरकार एक वोट के अंतर से हार गई थी। उन्होंने मतविभाजन से पहले ही इस्तीफ़ा दे दिया था।

इसके बाद 2003 में वाजपेयी के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव को एनडीए ने आराम से विपक्ष को वोटों की गिनती में हरा दिया था। एनडीए को 312 वोट मिले जबकि विपक्ष 186 वोटों पर सिमट गया था।

मनमोहन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
वर्ष 2008 में सीपीएम मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई थी। सीपीएम अमेरिका के साथ हुए परमाणु समझौते के खिलाफ थी। इसकी वजह से यह प्रस्‍ताव लाया गया था। हालांकि, कुछ वोटों के अंतर से यूपीए की सरकार गिरने से बच गई। अब मोदी सरकार के खिलाफ टीडीपी अविश्वास प्रस्ताव लाई है।

फ्रांस की तरह ब्रिटेन को भी पछाड़कर 2019 में दुनिया की 5वींं बड़ी ताकत बन जाएगा भारत!

 यह भारतवासियों के लिए खुशी की बात है कि भारत फ्रांस को पछाड़कर आर्थिक रूप से दुनिया की छठी ताकत बन गया है। इसके पहले हम सातवें स्थान पर थे। अब हमसे आगे अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन ही हैं। इन दिनों भारतीय अर्थव्यवस्था को आगेले जाने की जो होड़ चल रही है, उसमें भारत का लगातार आगे बढ़ना तय है। इसी आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले साल भारत ब्रिटेन को पछाड़कर पांचवें पायदान पर आरूढ़ हो जाएगा। विश्व अर्थव्यवस्था में किस देश की क्या हैसियत है? इसका आकलन उस देश के सकल घरेलू उत्पादन यानी जीडीपी के आधार पर किया जाता है। मौजूदा आकलन 2017 के आंकड़ों पर निर्भर है। हालांकि अर्थव्यवस्था को जिन पैमानों से नापा जाता है उसमें आंकड़ेबाजी के गुणा-भाग का भी अपना खेल होता है, जिसे आम आदमी के लिए समझ पाना कठिन होता है।

रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर 69.12 तक लुढ़का, चीन की मुद्रा युआन का मूल्य घटने का असर

 रुपया डॉलर के मुकाबले शुक्रवार को 69.12 तक गिर गया। ये अब तक का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले 28 जून को इसने 69.10 का निचला स्तर छुआ था। रुपए की शुरुआत गुरुवार के मुकाबले 4 पैसे ऊपर 69.01 पर हुई लेकिन कुछ ही देर में गिरावट शुरू हो गई। गुरुवार को डॉलर के मुकाबले ये 43 पैसे कमजोर होकर 69.05 पर बंद हुआ जो अब तक का सबसे निचला क्लोजिंग स्तर रहा। पहली बार रुपए की क्लोजिंग 69 के ऊपर हुई। चीन समेत दूसरे एशियाई देशों की करेंसी में भी डॉलर के मुकाबले इस साल कमजोरी रही है लेकिन रुपए पर सबसे ज्यादा असर हुआ है। सात महीने में ये 8% गिर चुका है।


रुपए में गिरावट की वजह :अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीन की मुद्रा युआन 0.28% कमजोर होकर 6.7943 पर आ गई। ये वैल्यू एक साल में सबसे कम है। युआन में गिरावट से रुपए पर भी असर पड़ा। कारोबारियों के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन के बयान और घरेलू राजनीतिक वजहों से भी रुपए में गिरावट आई है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल ने बुधवार को अमेरिकी संसद के में कहा कि वहां की अर्थव्यवस्था बेहतर हो रही है। इस बयान के बाद अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बन गई है। ऐसे में अमेरिकी डॉलर में दुनियाभर की करेंसी के मुकाबले तेजी देखी जा रही है। देश में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज चर्चा हो रही है। इस वजह से भी मुद्रा बाजार पर असर हुआ है।

रुपया कमजोर होने से चार असर : पहला- भारतीयों के लिए विदेश यात्रा महंगी हो जाएगी। दूसरा- विदेश में पढ़ाई का खर्च भी बढ़ जाएगा। यात्रा और पढ़ाई इसलिए महंगी होगी क्योंकि करेंसी एक्सचेंज के लिए डॉलर के मुकाबले ज्यादा रुपए चुकाने होंगे। तीसरा- भारत के लिए क्रूड का इंपोर्ट महंगा हो जाएगा। इससे महंगाई बढ़ सकती है। चौथा- आईटी और फार्मा कंपनियों को रुपए की कमजोरी से फायदा होगा क्योंकि इनका बिजनेस एक्सपोर्ट से जुड़ा है।

भारत-अमेरिका के बीच 6 सितंबर को होगी उच्च स्तरीय वार्ता, इस साल दो बार टली थी बैठक

 भारत और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय बैठक (2+2 डायलॉग) 6 सितंबर को दिल्ली में होगी। इस साल दो बार टालने के बाद अमेरिका इसके लिए राजी हो गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने शुक्रवार को बताया कि वार्ता के लिए विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस भारत आएंगे। इस दौरान वे भारत के साथ रक्षा सहयोग, सुरक्षा, रणनीतिक मुद्दों और भारत-प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियों की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और निर्मला सीतारमण हिस्सा लेंगी।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच पिछले साल जून में व्हाइट हाउस की मुलाकात में 2+2 डायलॉग को लेकर सहमति बनी थी। पहले अप्रैल में यह बैठक होनी थी, लेकिन ट्रम्प ने विदेश मंत्री रेक्स टिलेरसन को हटा दिया था। तब तक माइक पोम्पियो की नियुक्ति नहीं हुई थी। इस वजह से वार्ता को टाला गया। अमेरिका ने दूसरी बार जुलाई में होनी वाली बैठक को अपरिहार्य कारणों से आगे बढ़ाने की बात कही थी। माना जा रहा था कि इसके पीछे दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में आई खटास है।

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत तेदेपा ने की, कहा- भाजपा खत्म हो जाएगी

 मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने राफेल डील, बेरोजगारी और जीएसटी को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुझे बताया कि राफेल डील पर ऐसा कोई करार भारत-फ्रांस के बीच नहीं है जो कहे कि आप हवाई जहाज के दाम नहीं बता सकते। नरेंद्र मोदी के दबाव में आकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश से झूठ बोला। उन्होंने कहा- "प्रधानमंत्री ने देश को सिर्फ जुमले दिए। वादे पूरे नहीं किए।" केंद्रीय संसदीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि राहुल बिना सबूतों के आरोप लगा रहे हैं। इसके बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।"


चर्चा से पहले एनडीए में भाजपा के बाद सबसे बड़े सहयोगी दल शिवसेना (18 सांसद) ने यू-टर्न ले लिया। एक दिन पहले अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी करने के बाद शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि वह वोटिंग में हिस्सा ही नहीं लेगी। उधर, 19 सांसदों वाले बीजू जनता दल ने भी कहा कि यूपीए और एनडीए की सरकारों ने कुछ नहीं किया, इसलिए हम वॉकआउट करते हैं। इन दोनों दलों के वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने पर लोकसभा में सदस्यों की संख्या 497 रहेगी। बहुमत के लिए 249 वोट जरूरी होंगे। अकेले भाजपा के पास 274 सांसद हैं।

Amazon के संस्थापक जेफ बेजोस बने आधुनिक इतिहास के सबसे अमीर शख्स

 दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन के संस्पाथक जेफ बेजोस आधुनिक इतिहास के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। उनकी कुल संपत्ति 150 अरब डॉलर के पार हो गई है, जो कि माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स की संपत्ति से 55 अरब डॉलर ज्यादा है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर्स इंडेक्स की ओर से ये जानकारी दी गई है।

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित, संविधान पीठ में सुनवाई शुरू

 सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने मंगलवार से केरल के ऐतिहासिक सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई शुरू कर दी। पिछले साल 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की खंडपीठ ने अनुच्छेद-14 में दिए गए समानता के अधिकार, अनुच्छेद-15 में धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव रोकने, अनुच्छेद-17 में छुआछूत को समाप्त करने जैसे सवालों सहित चार मुद्दों पर पूरे मामले की सुनवाई पांच जजों की संविधान पीठ के हवाले कर दी थी।

गौरतलब है कि याचिकाकर्ता 'द इंडियन यंग लायर्स एसोसिएशन' ने भगवान अय्यप्पन के मंदिर में पिछले 800 साल से महिलाओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को चुनौती दी थी। याचिका में केरल सरकार, द त्रावनकोर देवस्वम बोर्ड और मंदिर के मुख्य पुजारी सहित डीएम को 10 से 50 आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने की मांग की थी। इस मामले में सात नंवबर 2016 को केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि वह मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में है।

मध्‍यप्रदेश का पहला सूर्य नमस्कार पार्क पचमढ़ी में बनकर तैयार

 पर्यटन स्थल पचमढ़ी में सैलानियों की तादाद बढ़ाने के लिए प्रदेश का पहला सूर्य नमस्कार पार्क बनकर तैयार हो गया है। 3 हजार 500 वर्ग मीटर में क्षेत्र में फैले पार्क की खासियत यह है कि इसमें योग मुद्राओं में 12 प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।

इन प्रतिमाओं को देखकर 200 सैलानी एक साथ योग कर सकेंगे और दर्शक दीर्घा में 100 पर्यटक बैठ सकेंगे। इस सूर्य नमस्कार पार्क को स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (साडा) ने तैयार कराया है। इसे टोपो ग्राफिकल सर्वे कर थ्रीडी व्यू तकनीक से बनाया गया है।

पीएम मोदी की पहल को बढ़ावा देने का प्रयास
सूर्य नमस्कार पार्क कराने का उद्देश्य यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामूहिक सूर्य नमस्कार करने की पहल को बढ़ावा दिया जा सका। इस पार्क में योग आसन करती प्रतिमाओं के पास ही म्यूजिक सिस्टम व लाइटिंग की भी व्यवस्था की गई है। पार्क में 29 जुलाई को 500 पौधे रोपे जाएंगे।

मोदी सरकार के खिलाफ साढ़े चार साल में पहला अविश्वास प्रस्ताव मंजूर, सोनिया ने कहा-हमारे पास संख्याबल

 लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मोदी सरकार के खिलाफ साढ़े चार साल में पहला अविश्वास प्रस्ताव मंजूर किया है। मानसून सत्र के पहले दिन बुधवार को कांग्रेस और तेदेपा ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। इस पर शुक्रवार को चर्चा होगी। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा- हम परेशान नहीं हैं। मोदी सरकार के खिलाफ हमारे पास पर्याप्त संख्याबल है। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार भी अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के लिए तैयार है। हम आसानी से जीतेंगे, क्योंकि हमारे पास सदन में दो-तिहाई बहुमत है।


लोकसभा में अब तक 26 अविश्वास प्रस्ताव पेश किए गए : लोकसभा में पहला अविश्वास प्रस्ताव 1963 में जवाहर लाल नेहरू सरकार के खिलाफ आचार्य कृपलानी ने पेश किया था। इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ रिकॉर्ड 15 अविश्वास प्रस्ताव पेश किए गए थे। अब तक पेश किए गए ऐसे 25 प्रस्तावों में 4 ध्वनिमत से खारिज कर दिए गए, बाकी में फैसला वोटिंग के जरिए हुआ। एनडीए सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव 1999 में पेश किया गया था, तब वाजपेयी सरकार एक वोट से गिर गई थी। वाजपेयी पहले ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जो इतने कम अंतर से हारे। 1996 में भी वाजपेयी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था, लेकिन वोटिंग से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। 2003 में कांग्रेस ने एक बार फिर वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन, तब वाजपेयी के पास पर्याप्त बहुमत था। 2008 में एटमी डील के वक्त वाम दलों ने यूपीए सरकार से समर्थन वापस लिया। उस वक्त वोटिंग में मनमोहन सिंह को जीत मिली थी। लोकसभा में इससे पहले कुल 26 अविश्वास प्रस्ताव पेश किए गए हैं। बुधवार को 27वां प्रस्ताव मंजूर हुआ है।

मशहूर टीवी एक्ट्रेस रीता भादुड़ी का निधन, 10 दिनों से आईसीयू में थीं भर्ती

 भारतीय टेलीविजन की दुनिया की मशहूर एक्ट्रेस रीता भादुड़ी का आज मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक, वे बीते 10 दिनों से मुंबई के सुजय अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थीं। एक्टर अमित बहल ने इस बात की पुष्टि करते बताया।


आपको बता दें कि 62 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह चुकीं रीता भादुड़ी पिछले काफी समय से कई सारे स्वास्थ्य समस्याओं से गुजर रही थी। बीते वर्ष ही इस बात का खुलासा हुआ था कि उनकी किडनी काफी कमजोर हो गई है। इसके कारण उन्हें हर दूसरे दिन डायलिसिस के लिए अस्पताल जाना पड़ रहा था। बावजूद इसके उन्होंने एक्टिंग करना नहीं छोड़ा था। अभी हाल ही में उन्हें स्टार प्लस के टीवी सीरियल 'निमकी मुखिया' में देखा गया था। इस सीरियल में उन्होंने इमरती देवी का किरदार निभाया था।

अपनी बीमारी के बावजूद लगातार सीरियल 'निमकी मुखिया' की शूटिंग कर रही रीता ने एक बार कहा था कि, ‘बुढ़ापे में होने वाली बीमारियों के डर से क्या काम करना छोड़ दें। मुझे काम करना और व्यस्त रहना पसंद है। मुझे हर समय अपनी खराब हालत के बारे में सोचना पसंद नहीं, इसलिए मैं खुद को व्यस्त रखती हूं।'

रीटा भादुड़ी पिछले पांच दशकों से टेलीविजन की दुनिया का जाना-पहचाना नाम है। उन्होंने ना सिर्फ सीरियलों में काम किया है बल्कि कई फिल्मों में भी उन्होंने अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाया है।

केंद्र को सुप्रीम कोर्ट की फटकार; कहा- प्रदूषण से 60 हजार मौते हुईं, लोगों की जान अहम या उद्योग

  “अखबारों में रिपोर्ट छपती हैं कि प्रदूषण के कारण 60 हजार लाेग मारे गए। साफ-साफ समझ लें कि देश के लोगों की जान उद्योगों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।’ प्रदूषण के मुद्दे पर सोमवार को पर्यावरण और वन मंत्रालय को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मुद्दे पर पर्यावरणविद् एमसी मेहता ने 33 साल पहले 1985 में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई के दौरान मंत्रालय ने उद्योगों में ईंधन के तौर पर इस्तेमाल होने वाले पेट कोक के आयात पर पाबंदी के प्रभावों के अध्ययन के लिए कोर्ट से मोहलत मांगी। इस पर जस्टिस एमबी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा, “पेट कोक के आयात को इजाजत देने के लिए आप बेहद उत्सुक दिखते हैं। क्या आप बिना अध्ययन किए देश में पेट कोक के आयात की इजाजत दे रहे थे? अखबारों में छपता है कि प्रदूषण से 60 हजार लोग मारे गए। आप कर क्या रहे हैं?’ बेंच ने कहा, “हमें नहीं पता कि यह रिपोर्ट सच है या झूठ। लेकिन आपकी रिपोर्टों ने भी संकेत दिए हैं कि प्रदूषण से लोग मर रहे हैं।’

लोग उद्योगों से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं: हालांकि, मंत्रालय की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसीटर जनरल एएनएस नाडकर्णी ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की रिपोर्ट में मंत्रालय को अति उत्साही बताया गया है। एेसा नहीं है। अध्ययन और ईपीसीए के साथ चर्चा में बुराई क्या है?’ इस पर बेंच ने कहा, “एक बार साफ-साफ समझ लें। इस देश के लोग उद्योगों से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।’ कोर्ट ने मंत्रालय को आदेश दिया कि एक हफ्ते में ईपीसीए के साथ बैठक कर सूचित करें।

एनआइए को मिलेगा देश के बाहर जांच का अधिकार, सरकार करेगी कानून में संशोधन

 आतंकी वारदातों की जांच करने वाली एजेंसी एनआइए को और ज्यादा अधिकार देने के लिए सरकार जल्द गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) में संशोधन करेगी। इससे एजेंसी को देश के बाहर होने वाली वारदातों की जांच का अधिकार मिल जाएगा। इस बाबत संशोधन विधेयक तैयार हो चुका है और इसे संसद के बुधवार से शुरू होने वाले मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है।



प्रस्तावित विधेयक में एनआइए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को विदेश में भारतीयों पर होने वाले आतंकी हमलों की जांच का भी अधिकार दिया गया है। साथ ही वह आतंकी वारदातों में शामिल लोगों की संपत्ति को जब्त भी कर सकेगी। एजेंसी मानव तस्करी के मामलों की भी जांच कर सकेगी।

एफबीआइ को भी है अन्य देशों में जांच का अधिकार
अफगानिस्तान में भारतीयों पर हुए आतंकी हमलों के बाद एनआइए को ज्यादा अधिकार देने की जरूरत महसूस की जा रही है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआइ को भी अन्य देशों में जाकर जांच करने का अधिकार है। उसने 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले में भारत आकर जांच की थी। हमले में छह अमेरिकी नागरिक मारे गए थे। यूएपीए में संशोधन से एजेंसी को उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई का अधिकार मिल जाएगा जो किसी आतंकी संगठन से नहीं जुड़े हैं लेकिन वह अकेले ही आतंकी वारदातों को अंजाम देने का कार्य करते हैं। मुंबई आतंकी हमले के बाद 2009 में एनआइए की स्थापना की गई थी।

गूगल ने डूडल बना कर जॉर्ज लेमैत्रे को किया याद, इनकी थ्योरी की आइंस्टीन ने भी की थी तारीफ

 आज प्रसिद्ध कैथलिक पुजारी, खगोलविद (एस्ट्रोनॉमर) और फिजिक्स के प्रोफेसर जॉर्ज लेमैत्रे का 124वां जन्मदिन हैं, इस मौके पर गूगल ने डूडल बना कर उन्हें याद किया है। गूगल ने अपने डूडल में एक जीआइएफ दिखाया है जिसमें लेमैत्रे की तस्वीर दिखाई दे रही है और बैकग्राउंड में यूनिवर्स दिखाई दे रहा है। जॉर्ज लेमैत्रे को उनके बिग बैंग सिद्धांत के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने सिद्धांत में बताया था कि ब्रह्मांड का जन्म एक महाविस्फोट होने से हुआ था, इसी को महाविस्फोट सिद्धान्त या बिग बैंग सिद्धान्त कहते हैं।


जानिए कौन थे जॉर्ज लेमैत्रे
जॉर्ज लेमैत्रे का जन्म 17 जुलाई 1894 को बेल्जियम में हुआ था। वह वैज्ञानिक होने के साथ-साथ एक कैथलिक पुजारी भी थे। लेमैत्रे ने अपनी शिक्षा यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से की थी। इसी दौरान उन्होंने अमेरिकी एस्ट्रोनॉमर्स एडविन हबल और हार्लो शेल्पी काम के बारे में जानकारी मिली। सिविल इंजीनियर लेमैत्रे ने पहले विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम आर्मी की तरफ से आर्टिलरी ऑफिसर के तौर पर हिस्सा लिया था। इसके बाद लेमैत्रे का झुकाव अध्यात्म की ओर हुआ और वो 1923 में एक कैथलिक पुजारी बन गए।

बिग बैंग थ्योरी
1927 में लेमैत्रे कैथलिक यूनिवर्सिटी ऑफ लियूवेन में एस्ट्रोफिजिक्स पढ़ाने लगे और इसी साल उन्होंने अपनी फेमस बिग बैंग थ्योरी को भी दुनिया के सामने रखा। हालांकि लेमैत्रे की बिग बैंग थ्योरी को बाद में एडविन हबल ने कन्फर्म किया था, जिसके बाद इसे हबल लॉ के नाम से भी जाना जाता है।

Wrestler Vinesh Phogat sets mat on fire, grabs gold at Grand Prix of Spain

 Wrestler Vinesh Phogat outclassed Canada’s Natasha Fox 10-0 in the final to claim her second consecutive gold. She had won a gold at the Gold Coast Commonwealth Games too.


Sending out a warning to her rivals ahead of the Asian Games, Indian wrestler Vinesh Phogat grabbed a gold at the Spanish Grand Prix in Madrid, conceding just one point in five bouts en route the dominating title victory.

The 23-year-old Vinesh outclassed Canada’s Natasha Fox 10-0 in the final to claim her second consecutive gold. She had won a gold at the Gold Coast Commonwealth Games in the 50kg category.

बेल्जियम के थिबॉट कोरटूइस ने जीता गोल्डन ग्लव्स

 विश्व कप में गोलकीपरों को शानदार प्रदर्शन के लिए गोल्डन ग्लव्स का अवॉर्ड दिया जाता है। इस बार गोल्डन ग्लव्स की रेस में बेल्जियम के थिबॉट कोरटूइस, इंग्लैंड के जॉर्डन पिकफोर्ड, मैक्सिको के गुलेरमो ओछुआ, क्रोएशिया के डेनेजिल सुबासिच और फ्रांस के ह्यूगो लॉरिस थे। बेल्जियम के थिबॉट कोरटूइस ने इस खिताब पर कब्जा जमाया।


आपको बता दें कि सबसे पहले फीफा विश्व कप 1994 में गोल्डन ग्लव्स अवॉर्ड देने की शुरूआत की गई थी। सबसे पहले इस अवॉर्ड को लेव याशिन अवॉर्ड के नाम से जाना जाता था, लेकिन 2010 फीफा विश्व कप से इसका नाम बदलकर गोल्डन ग्लव्स अवॉर्ड कर दिया गया। सबसे पहले 1994 में ये अवॉर्ड अमेरिका के मिचेल प्रयूडहोम को मिला था।

हैरी केन को मिला गोल्डन बूट

 गोल्डन बूट का खिताब टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है। इस दौड़ में इंग्लैंड के कप्तान और स्टार फॉरवर्ड हैरी केन और बेल्जियम के फॉरवर्ड खिलाड़ी रोमेलू लुकाकू सबसे आगे थे लेकिन जीत मिली हैरी केन को। इस विश्व कप के सबसे युवा कप्तान 24 वर्षीय हैरी ने 6 मैचों में हैट्रिक सहित छह गोल दागे। वहीं बेल्जियम के 25 वर्षीय लुकाकू ने पांच मैचों में चार गोल करने के साथ एक गोल करने में मदद भी की थी।

लुका मॉड्रिक बने बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

 फाइनल में क्रोशिया की टीम को भले ही हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस हार के बावजूद भी क्रोएशिया के कप्तान लुका मॉड्रिक को विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए गोल्डन बॉल के अवॉर्ड से नवाज़ा गया। गोल्डन बॉल का खिताब टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मिलता है। इस होड़ में क्रोएशिया के कप्तान लुका मॉड्रिक, फ्रांस के कायलिन एम्बापे और बेल्जियम के केविन डि ब्रूइन और एडेन हैजार्ड थे। लेकिन मॉड्रिक ने सभी को पीछे छोड़ते हुए ये अवॉर्ड अपने नाम कर लिया।
1994 के बाद से कभी भी विश्व विजेता बनने वाली टीम के खिलाड़ी ने इस अवॉर्ड पर कब्ज़ा नहीं जमाया है। 1994 में ब्राजील के रोमारियो ने यह उपलब्धि हासिल की थी।

पुतिन से मुलाकात के लिए हेलसिंकी पहुंचे ट्रंप, दुनियाभर की निगाहें टिकीं

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से वार्ता के लिए रविवार शाम को फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी पहुंच गए। दोनों देशों के बीच तनाव के मद्देनजर यह ट्रंप, पुतिन की पहली वार्ता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ब्रिटेन के दौरे के बाद ट्रंप हेलसिंकी पहुंचे हैं। पुतिन के साथ उनकी वार्ता के दौरान अनुवादक भी मौजूद होंगे। दोनों की यह मुलाकात सोमवार को होगी। इसके बाद दोनों राष्ट्रपति इस वार्ता के नतीजों को लेकर संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।

भारत दुनिया की चौथी बड़ी सैन्य ताकत, पाकिस्तान हमसे 13 स्थान पीछे; अमेरिका के पास सबसे ज्यादा लड़ाकू विमान

 सैन्य ताकत के मामले में भारत दुनिया में चौथे नंबर पर बना हुआ है। पड़ोसी देश चीन हमसे आगे है और दूसरे नंबर पर है। लेकिन पाकिस्तान की सैन्य ताकत में गिरावट आई है। पिछले साल वह 13वें नंबर पर था। इस साल 17वीं पायदान पर है। पाकिस्तान पहले भारत से नौ स्थान पीछे था। अब 13 स्थान पीछे है। देशों की सैन्य ताकत का हर साल आकलन करने वाली संस्था ग्लोबल फायर पावर के 2018 इंडेक्स में यह जानकारी दी गई है।


ग्लोबल फायर पावर ने 2018 के इंडेक्स के लिए 136 देशों की सैन्य ताकत का आकलन किया। इसमें देशों की भौगौलिक स्थिति, साजो-सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की क्षमता, प्राकृतिक संसाधन और औद्योगिक समर्थन के आधार पर देशों को नंबर दिए गए। देशों की आर्थिक स्थिरता और उनके रक्षा बजट को इंडेक्स में महत्वपूर्ण रूप से शामिल किया गया। इंडेक्स में देशों की परमाणु ताकत और वहां के राजनीतिक नेतृत्व को शामिल नहीं किया गया।

राष्ट्रपति ने नृत्यांगना सोनल मानसिंह, राकेश सिन्हा समेत चार हस्तियों को राज्यसभा में मनोनीत किया

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को राज्यसभा में 4 हस्तियों को मनोनीत किया। इसमें आरएसएस विचारक और दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर राकेश सिन्हा, कथक नृत्यांगना सोनल सिंह, किसान नेता राम शकल और मूर्तिकार रघुनाथ महापात्र शामिल हैं। ये चार सीटें सचिन तेंडुलकर, रेखा, वकील के पाराशरण और सामाजिक कार्यकर्ता अनु आगा के कार्यकाल खत्म होने की वजह से खाली हुई थीं। खेल, कला, विज्ञान और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 लोगों को राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है। मनोनीत किए गए 12 सांसदों में से 7 का कार्यकाल 2022, एक का 2020 और चार का 2024 में पूरा होगा।

फ्रांस 20 साल बाद फिर चैम्पियन: फाइनल में क्रोएशिया को 4-2 से हराया, हर मैच में पहला गोल कर विपक्षी पर दबाव बनाया

 फ्रांस ने 21वां फुटबॉल वर्ल्ड कप जीत लिया। रविवार को रूस के लुझिनकी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में उसने क्रोएशिया को 4-2 से हराया। फ्रांस दूसरी बार वर्ल्ड चैम्पियन बना है। इससे पहले उसने 1998 के वर्ल्ड कप फाइनल में ब्राजील को 3-0 से हराया था। फ्रांस ने वर्ल्ड कप करियर में क्रोएशिया के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड बरकरार रखा। 1998 के सेमीफाइनल में भी फ्रांस ने क्रोएशिया को 2-1 से हराया था। इस टूर्नामेंट में फ्रांस ने हर मैच में पहला गोल दागा और विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। उसने हर मैच 90 मिनट में जीता। फ्रांस ने फाइनल समेत कोई भी मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम या पेनल्टी शूटआउट तक नहीं पहुंचने दिया।


फ्रांस के 19 साल के एम्बाप्पे सितारा खिलाड़ी बनकर उभरे। मैच के बाद ब्राजील के महान फुटबॉलर पेले ने उन्हें बधाई दी। वहीं, फ्रांस के मीडिया ने कहा कि एम्बाप्पे नई सदी के पेले और जिदान हैं। उन्होंने टीम के लिए वही किया, जो 1958 के फाइनल में ब्राजील के लिए पेले ने और 1998 के फाइनल में फ्रांस के लिए जिदान ने किया था।

हाफ टाइम तक हर 10 मिनट में गोल हुआ

मैच का पहला गोल (18वां मिनट): क्रोएशिया के स्ट्राइकर मारियो मांजुकिच ने आत्मघाती गोल किया। फ्रांस 1-0 से आगे। लगातार सातवें मैच में फ्रांस ने पहला गोल कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया।
दूसरा गोल (28वां मिनट): क्रोएशिया के मिडफील्डर इवान पेरीसिच ने डोमागोज विदा के एसिस्ट पर गोल किया। स्कोर 1-1 से बराबर। क्रोएशिया ने लगातार चौथे मैच में पिछड़ने के बाद बराबरी की।
तीसरा गोल (38वां मिनट): फ्रांस के स्ट्राइकर एंटोनी ग्रीजमैन ने पेनल्टी को गोल में बदला। फ्रांस 2-1 से आगे। क्रोएशिया की तरफ से हैंडबॉल के चलते फ्रांस को यह मौका मिला।
फर्स्ट हाफ के बाद :चौथा गोल (59वां मिनट): पॉल पोग्बा ने ग्रीजमैन के रिबाउंड को गोलपोस्ट में डाला। फ्रांस 3-1 से आगे। पोग्बा का टूर्नामेंट में यह पहला गोल था।
पांचवां गोल (65वां मिनट): एम्बाप्पे ने पोग्बा के पास पर गोल किया। फ्रांस 4-1 से आगे। एम्बाप्पे का टूर्नामेंट में चौथा गोल था।
छठवां गोल (69वां मिनट): फ्रांस के गोलकीपर ह्यूगो लोरिस की गलती के बाद क्रोएशिया के मांजुकिच ने गोल किया। इसके बाद भी फ्रांस 4-2 से आगे।

Hemavathi Reservoir opened after spell of heavy rain

 The crest gates of the Hemavathi Reservoir were opened on Saturday as the water level reached maximum due to heavy rain in the catchment area. Never in the history of the reservoir has the water level reached the maximum point, prompting the authorities to open the gates as early as this time.

In 2013, the reservoir was full on July 26. In the last 40 years the water level has reached FRL (full reservation level) 30 times. The last time the water level reached FRL was in August 2014.

The crest gates were opened around noon. PWD minister H.D. Revanna, MLA H.K. Kumaraswamy and officers of Hemavathi Dam Circle and district administration were present.

Hima Das makes India proud with historic gold medal

 Hima Das became the first I